40 मिनट तक पिंक बूथ पर तड़पता रहा फरियादी, हाथों से बहता रहा खून, पर पुलिसकर्मियों का नहीं पसीजा दिल

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Ghaziabad News : भाई अगर आपके साथ कुछ हो तो आप पिंक बूथ की पुलिस के पास मत जाना क्योंकि वहां आपकी कोई नहीं सुनेगा. ये बात हम नहीं कह रहे खुद एक शख्स की मौत गवाह है. बेचारा फरियादी 40 मिनट तक मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने उसकी बात सुनना जरूरी नहीं समझा. आइए जानते हैं पूरा मामला.

फरियादी की हुई मौत.

गाजियाबाद : जब सरकार ने पिंक बूथ बनाया तो लगा कि अब किसी भी महिला या फरियादी को खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा. मगर, महिलाओं को सुरक्षित, सहज और अपनी शिकायत बेझिझक दर्ज कराने के लिए बनाए गए पिंक बूथ पर मदद की आस में पहुंचे एक फरियादी को कोई मदद नहीं मिली. सोचिए 40 मिनट तक शख्स गुहार लगाता रहा, लेकिन मजाल है कि कोई दरवाजा खोलकर उसकी बात सुन लेता. उसने घबराहट में दरवाजा के शीशे पर दोनों हाथ दे मारे, जिससे टूटा कांच उसके हाथों की नासों में घुस गया. तेजी से खून बहने लगा. तब उसे अस्पताल ले जाया गया. यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

अब पुलिस के आला अधिकारी मामले की जांच की बात कह रहे हैं. मगर सोचिए अब इनकी जांच का कोई क्या करे? एक इंसान की जान की कीमत कुछ लोगों के लिए न के बराबर है. अगर कोई मर रहा हो तो मरने दिया जाए. क्या एक बार उस इंसान से पूछा नहीं जा सकता था कि क्या हुआ. घबराओ मत .. सब सही हो जाएगा… कम से कम आज इंसान जिंदा तो होता. पुलिस की संवेदना को क्या हो गया है ? ये लोग सिर्फ दिखावे के लिए रक्षक रह गए हैं क्या?

अगर हम अपने आप को सेफ मानते हैं तो इसलिए ही न कि हमारी सुरक्षा के लिए कोई है. मगर ये रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे तो कैसे चलेगा? पुलिस कह रही है कि दोनों नशे में थे… अरे नशे में थे तो क्या आप बात नहीं सुनोग? नशे में थे तो दोनों को उठाकर चिखा चिल्ली के लिए जेल में डाल देते… आज एक इंसान की तड़प तड़प कर तो मौत नहीं होती.

यह है मामला

मामला गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस का है. बिहार के सीवान जिले के 22 वर्षीय राजकुमार का रविवार को ऑटो चालक से किराये को लेकर विवाद हो गया. मामला धक्कामुक्की तक पहुंच गया. राजकुमार के परिजनों ने बताया कि विवाद बढ़ने पर वह संजयनगर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ पहुंचे, मगर मुख्य गेट बंद था. लोहे का गेट न खुलने पर राजकुमार दूसरे रास्ते से परिसर में पहुंचा और मदद की गुहार लगाई.

तब भी किसी ने नहीं सुनी. तो राजकुमार ने दोनों हाथों से पिंक बूथ के शीशे तोड़ दिए. इससे कांच नसों में घुस गए. लहूलुहान राजकुमार पहले पिंक बूथ परिसर में मदद मांगते रहे. फिर सड़क पर आए और चीख-पुकार करने लगे. कुछ देर बाद बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े. तब चौकी इंचार्ज ने एंबुलेंस बुलाई,जहां से घायल को एमएमजी अस्पताल पहुंचाया गया. वहां उसकी मौत हो गई. अब अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं.

डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने कहा कि फरियादी ने शराब पी रखी थी. हालांकि, पुलिसकर्मियों को उसकी बात सुननी चाहिए थी. मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है. जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें

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