जून के सूखा गुजरने के बाद अब जुलाई में भी मुसीबत खड़ी हो गई है. मॉनसून का इंतजार कर रहे लोगों को मौसम बड़ा झटका देने जा रहा है. भारत मौसम विभाग की हालिया चेतावनी को समझें तो इस महीने के बाकी बचे दिनों में बारिश का भीषण संकट देखना पड़ सकता है, साथ ही गर्मी का प्रकोप भी बरकरार रह सकता है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपनी हालिया चेतावनी में कहा है कि जुलाई के बाकी बचे दिनों में देश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश कम या न के बराबर होने वाली है. कई इलाकों में सूखे जैसे हालात होने जा रहे हैं. आईएमडी का अनुमान है कि सिर्फ भारत के पूर्वी और पूर्वोत्तर में ही इस महीने में बारिश देखने को मिल सकती है. जबकि दक्षिण और दक्षिण पश्चिमी भारत में हालात कठिन हो सकते हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की खबर में आईएमडी की ओर से गुरुवार को जारी साप्ताहिक पूर्वानुमान में बताया गया कि इस हफ्ते 16 से 22 जुलाई तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश सामान्य से ज्यादा हो सकती है लेकिन देश के बाकी हिस्सों में बारिश सामान्य से कम रहेगी. जिस समय बारिश की सबसे ज्यादा जरूरत है उस दौरान बारिश का कम होना बड़े संकट का संकेत है. वहीं 22 से 29 जुलाई के बीच मध्य भारत में बारिश सामान्य स्तर पर रहने की संभावना है, हालांकि इससे पिछले पखवाड़े में हो रही बारिश की कमी की पूर्ति होना मुश्किल है.
आईएमडी की इस चेतावनी से एक बार फिर संकट की आहट पैदा हो गई है. अनुमान है कि महीने के बाकी बचे हिस्से में गर्मी से राहत मिलना मुश्किल है, साथ ही मॉनसूनी बारिश में कमी से खेती को नुकसान हो सकता है.
इस बार मौसम विभाग ने पूरे जुलाई महीने के लिए देशभर में सामान्य से कम (लंबी अवधि के औसत का 94 प्रतिशत) बारिश का अनुमान लगाया था. ऐसा अल-नीनो के प्रभाव के चलते कहा गया था. देखा गया कि महीने के पहले 15 दिनों में देशव्यापी बारिश में कमी 8 प्रतिशत पहुंच गई. इस दौरान सिर्फ 3 दिन ही मूसलाधार बारिश हुई जबकि 9 जुलाई के बाद ज्यादातर इलाकों में बारिश रुकने से मौसमी कमी बढ़कर 24 प्रतिशत हो गई.
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो मानसून की ट्रफ (निम्न दबाव का क्षेत्र) अपनी सामान्य स्थिति से काफी उत्तर की ओर खिसक गई है और हिमालय की तलहटी के पास बनी हुई है. इसके कारण दक्षिण, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश कम होने की संभावनाएं पैदा हो रही हैं. हालांकि, जुलाई के आखिरी सप्ताह में ट्रफ अपनी सामान्य जगह पर लौट आए ऐसी उम्मीद है और इसी के साथ मध्य भारत में बारिश बढ़ने की उम्मीद है.
इन इलाकों को मिल सकती है राहत
चूंकि पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर में अच्छी बारिश की संभावना है, ऐसे में 22 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के पूर्वी व पश्चिमी हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है.
जबकि 19 से 21 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश (120-200 मिमी) की चेतावनी जारी की गई है.
पूर्वोत्तर के राज्यों अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19 जुलाई तक बहुत भारी बारिश जारी रहने की संभावना है.
गर्मी और उमस से फिलहाल राहत नहीं
भले ही कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है लेकिन दक्षिण भारत में भीषण गर्मी और उमस बनी रहेगी. आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों, यानम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हीटवेव चलने की संभावना है. 22 जुलाई तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और कुछ अन्य इलाकों में उमस भरी गर्मी बनी रहेगी.
