माता-पिता की मौत के बाद छोड़ दी थी पढ़ाई, रिश्तेदारों के भरोसे ने बदली सागर किस्मत, NEET पास कर पूरा किया सपना

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NEET Success Story: दिल्ली के रहने वाले चिराग सागर ने अपने तीसरे प्रयास में नीट क्रैक किया. उन्होंने अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद भी रिश्तेदारों के भरोसे पढ़ाई जारी रखी. अब वह नीट परीक्षा पास कर डाक्टर बनेंगे.

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नई दिल्ली: नीट का रिजल्ट आते ही जहां स्टूडेंट के माता-पिता चारों ओर जश्न मना रहे हैं. अपने बच्चों पर गर्व महसूस कर रहे हैं. वहीं, बच्चे भी अपने माता-पिता का आशीर्वाद ले रहे हैं. ऐसे में पुरानी दिल्ली के 21 साल का एक ऐसा लड़का है, जिसने नीट का पेपर क्रैक तो कर लिया और वह डॉक्टर भी बनेगा, लेकिन इस समय उसके माता-पिता उसके साथ नहीं है. रिजल्ट आने के बाद सबसे पहले वह अपने मृत माता-पिता की फोटो के सामने गया. आंसू बहाये और उनकी फोटो से ही आशीर्वाद लिया और कहा कि “अब आपका बेटा डॉक्टर बनने जा रहा है, काश इस दिन को देखने के लिए आप दोनों इस दुनिया में होते”…

यह कहानी दिल्ली के रहने वाले चिराग सागर की है. जो कि पुरानी दिल्ली के रहने वाले हैं और अपने तीसरे प्रयास में उन्होंने नीट क्रैक कर लिया है. जबकि पिछले साल यानी 2025 को नीट की तैयारी के दौरान ही उनके माता-पिता की मृत्यु हो गई थी. तब नीट की तैयारी उन्होंने बीच में छोड़ने का ही फैसला ले लिया था और नौकरी की तलाश कर रहे थे, लेकिन तभी परिवार में कुछ ऐसा हुआ जिसने उन्हें दोबारा तैयारी करने का हौसला दिया.

ताऊ, ताई और मामा बने फ़रिश्ता

चिराग सागर ने लोकल 18 से बताया कि उन्होंने नीट 2026 में कुल 564 नंबर हासिल किए हैं. एससी केटेगरी में उनकी रैंक 671 बन रही है, जिससे उन्हें दिल्ली का सफदरजंग मेडिकल कॉलेज आसानी से मिल जाएगा. उन्होंने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था. 2024 और 2025 में उनके माता-पिता की तबीयत बिगड़ गई थी. पिता मजदूर थे और मां घर का ही काम करती थी. दोनों को किडनी की बीमारी हुई. दोनों की किडनी फेल हो गई थी. डायलिसिस चल रहा था और इसी दौरान 2025 को जब माता-पिता की मृत्यु हो गई तो उन्होंने नीट की तैयारी छोड़ने का फैसला कर लिया था.

सागर ने बताया कि उन्होंने सोचा था कि अब कोई छोटी-मोटी नौकरी करेंगे. जब पैसे हो जाएंगे तो फिर से नीट की तैयारी करेंगे, लेकिन इसी दौरान उनके मामा जो कि इवेंट मैनेजमेंट कंपनी में काम करते हैं, उनका नाम मनोज गौतम और ताऊ आरके गौतम और ताई राजदुलारी ने उनका साथ दिया. उन तीनों ने कहा कि तुम पैसों की चिंता मत करो. तुम एक साल और पेपर देकर देखो. एक साल तुम्हें दे रहे हैं. अगर इस साल नहीं हुआ तो फिर तुम नौकरी कर लेना. एक साल परिवार की ओर से मिलने का चिराग सागर ने पूरा फायदा उठाया और अपनी जान लगा दी. लगातार पढ़कर उन्होंने नीट का पेपर क्रैक कर लिया.

परिवार का सागर बनेंगे पहला डॉक्टर

चिराग सागर ने बताया कि वह किसी भी सोशल मीडिया अकाउंट पर नहीं है और ना ही इसका इस्तेमाल करते हैं. डॉक्टर बनने का सपना था तो परिवार में पहले डॉक्टर वह बनने जा रहे हैं. सफदरजंग मेडिकल कॉलेज उनकी पहली पसंद है. इसके अलावा उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बहन लवली है, जिन्होंने उनका पूरा ख्याल रखा. समय पर खाना बनाकर खिलाया इसीलिए वह इस चुनौती भरे सफर को पूरा कर पाए हैं.

वहीं, सागर के मामा मनोज गौतम ने कहा कि सागर ने उनके पास कॉल करके कहा था कि वह उन्हें कोई नौकरी बता दें, लेकिन उन्होंने कहा कि तुम तैयारी करो क्योंकि तुम पढ़ाई में अच्छे हो और आखिरकार आज सपना पूरा हो गया. घर के बाहर ढोल नगाड़े आज बजवाए हैं. वहीं, बहन लवली ने कहा कि भाई के ऊपर गर्व है. ताऊ और ताई राजदुलारी और आरके गौतम ने कहा की सागर के माता-पिता जहां भी होंगे आज बहुत खुश होंगे.

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Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से  Hindi.News18.com  में स…और पढ़ें

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