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NOIDA Flat Registry Update: नोएडा में सालों से अपने सपनों के आशियाने की कानूनी ओनरशिप का इंतजार कर रहे हजारों होमबायर्स की उम्मीदों को करारा झटका लगा है. अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के तहत शुरू हुई रजिस्ट्री की प्रक्रिया बीते छह महीनों से सुस्त पड़ गई है. नोएडा अथॉरिटी और बिल्डरों के बीच बकाये की किश्तों को लेकर जारी रस्साकशी के कारण करीब 8 हजार खरीदार बीच में फंस गए हैं. बिल्डरों द्वारा एमओयू के अनुसार अगली किश्तें न चुकाने की वजह से अथॉरिटी एनओसी जारी नहीं कर रही है, जिससे फ्लैट की रजिस्ट्री का काम पूरी तरह से रुक गया है.
नोएडा के 8 हजार होमबायर्स फिर अधर में लटके, 6 महीने से ठप पड़ी रजिस्ट्री
NOIDA Flat Registry Update: दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट हब नोएडा में अपने घर का सपना पूरा कर चुके हजारों परिवारों के लिए खुशखबरी की जगह एक बार फिर निराशा हाथ लगी है. अमिताभ कांत समिति की सिफारिशें लागू होने के बाद जिस रजिस्ट्री प्रक्रिया से खरीदारों को बड़ी राहत की उम्मीद जगी थी, वह बीते छह महीनों से लगभग ठप पड़ी हुई है.
नोएडा अथॉरिटी और बिल्डरों के बीच बकाये पैसों को लेकर चल रही खींचतान का सीधा असर करीब आठ हजार मासूम होमबायर्स पर पड़ रहा है. आधिकारिक आंकड़ों की मानें तो बीते कई महीनों में रजिस्टर्ड फ्लैटों की संख्या महज 4,300 के आसपास ही अटकी हुई है. जो काम शुरुआत में तेजी से शुरू हुआ था, वह अब पूरी तरह से थम सा गया है.
किश्तें नहीं जमा होने से अटका मामला
रजिस्ट्री प्रक्रिया में सबसे बड़ी बाधा बिल्डरों की ओर से बकाया राशि जमा न करना बताया जा रहा है. समझौते के तहत बिल्डरों को तय समय पर प्राधिकरण के पास किश्तें जमा करनी थीं. इसके बाद ही संबंधित परियोजना के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी NOC जारी किया जाना था. लेकिन कई परियोजनाओं में अगली किश्त जमा नहीं होने से एनओसी जारी नहीं हो पा रही है, जिससे रजिस्ट्रियां भी रुकी हुई हैं.
खरीदारों को भुगतनी पड़ रही सबसे बड़ी परेशानी
इस पूरे विवाद का सबसे ज्यादा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिन्होंने अपनी जीवनभर की बचत लगाकर फ्लैट खरीदा है. भुगतान पूरा होने के बावजूद वे कानूनी रूप से अपने घर के मालिक नहीं बन सके हैं. कई खरीदार लगातार बिल्डरों और प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक कोई तय समयसीमा नहीं बताई गई है.
प्राधिकरण ने बिल्डरों को भेजे रिमाइंडर
नोएडा प्राधिकरण की CEO वंदना त्रिपाठी ने बताया कि रजिस्ट्रियों की संख्या फिलहाल लगभग 4,300 पर ही है. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण लगातार बिल्डरों को समझौते के तहत बकाया किश्त जमा करने के लिए रिमाइंडर भेज रहा है. जब तक तय राशि जमा नहीं होगी, तब तक संबंधित परियोजनाओं के लिए एनओसी जारी करना संभव नहीं है.
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस रजिस्ट्री प्रक्रिया को दोबारा गति देने के लिए बकाया राशि की वसूली तेज करनी होगी और बिल्डरों को अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी होगी. जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक हजारों खरीदारों को अपने घर की रजिस्ट्री के लिए इंतजार करना पड़ सकता है.
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सीमा नाथ 6 साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शाह टाइम्स में रिपोर्टिंग के साथ की जिसके बाद कुछ समय उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम …और पढ़ें
