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How To Check Pure Honey: क्या आप जो शहद खा रहे हैं, वह वाकई शुद्ध है या फिर मिठास के नाम पर मिलावट का खेल चल रहा है? सेहत सुधारने के लिए इस्तेमाल होने वाला शहद अगर नकली निकल जाए, तो यह फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकता है. गोंडा के अनुभवी मधुमक्खी पालक से जानिए असली और नकली शहद की पहचान करने के आसान घरेलू तरीके, ताकि आप अपने परिवार की सेहत से कोई समझौता न करें.
Honey Purity Test: शहद को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. लोग इसका इस्तेमाल रोजाना खाने, आयुर्वेदिक उपचार और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए करते हैं. लेकिन आजकल बाजार में असली के साथ-साथ मिलावटी शहद भी आसानी से मिल जाता है. ऐसे में शहद खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि आप शुद्ध शहद ही अपने घर लेकर जाएं.
12 वर्षों का अनुभव: मधुमक्खी पालक ने साझा किए नुस्खे
गोंडा के मधुमक्खी पालक राम शंकर तिवारी, जो पिछले करीब 12 वर्षों से मधुमक्खी पालन कर रहे हैं, ने ‘लोकल 18’ से बातचीत में बताया कि असली और नकली शहद की पहचान घर पर भी आसानी से की जा सकती है.
सबसे आसान तरीका: पानी से करें शहद का टेस्ट
राम शंकर तिवारी ने बताया कि सबसे आसान तरीका ‘वॉटर टेस्ट’ है. इसके लिए एक कांच के गिलास में साफ पानी लें और उसमें शहद की कुछ बूंदें डालें. अगर शहद असली होगा, तो वह पानी को चीरते हुए सीधे गिलास की तली (नीचे) में बैठ जाएगा. वहीं, अगर शहद में मिलावट होगी, तो वह पानी में जल्दी घुलने लगेगा या फैल जाएगा. असली शहद तब तक पूरी तरह नहीं घुलता, जब तक उसे चम्मच से हिलाया या चलाया न जाए.
अंगूठे वाला टेस्ट: फैला तो समझिए मिलावटी है
राम शंकर तिवारी ने एक और तरीका बताया. अपने अंगूठे पर शहद की एक बूंद डालें. यदि शहद शुद्ध होगा, तो वह जल्दी नहीं फैलेगा और अपनी जगह पर बना रहेगा. जबकि मिलावटी शहद बहुत आसानी से फैल सकता है.
गाढ़ापन और प्राकृतिक खुशबू ही शुद्धता की असली निशानी
उन्होंने बताया कि शुद्ध शहद सामान्य रूप से गाढ़ा होता है और उसमें एक प्राकृतिक खुशबू आती है. अगर शहद बहुत पतला हो या उसमें चीनी जैसी तेज मिठास महसूस हो, तो उसमें मिलावट होने की संभावना हो सकती है.
अलग-अलग फूलों से बदल जाता है शहद का रंग और स्वाद
राम शंकर तिवारी का कहना है कि शहद का रंग और स्वाद इस बात पर भी निर्भर करता है कि मधुमक्खियों ने किस प्रकार के फूलों से रस इकट्ठा किया है. उदाहरण के लिए जामुन, सरसों, तुलसी और करंज के फूलों से तैयार शहद का रंग, स्वाद और खुशबू अलग-अलग हो सकती है. इसलिए केवल रंग देखकर शहद की गुणवत्ता का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए.
खरीदारी के समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान
राम शंकर तिवारी ने लोगों को सलाह दी कि शहद हमेशा भरोसेमंद कंपनी या विश्वसनीय मधुमक्खी पालक से ही खरीदें. खरीदते समय पैक पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और गुणवत्ता संबंधी जानकारी जरूर देखें. बहुत सस्ता शहद खरीदने से भी बचें, क्योंकि ऐसे उत्पादों में मिलावट की संभावना अधिक हो सकती है.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…
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