सावधान! मुंह के घाव का न करें नजरअंदाज, बन सकता है कैंसर की वजह, जानें डाक्टर से

नई दिल्ली: आज यानी 27 जुलाई को सिर और गर्दन का कैंसर दिवस है. इसके बारे में लोग बहुत कम बात करते हैं, लेकिन इसके मरीज हमारे देश में साल दर साल बढ़ते जा रहे हैं. छोटी-छोटी लापरवाहियां लोगों की जान पर भारी पड़ रही है, लेकिन यह दो कैंसर ऐसे हैं, जिसे जल्दी पकड़ लिया जाए तो इनका इलाज संभव है. मरीज एक सामान्य जीवन जी सकता है. आखिर क्या है गले और गर्दन का कैंसर यही जानने के लिए जब देश के जाने-माने ऑंकोलॉजिस्ट यानी कैंसर रोग स्पेशलिस्ट डॉक्टर देवेश किशन से बात की गई.

डॉक्टर देवेश किशन ने बताया कि जिस तरह से हर एक कैंसर में स्टेज होती है. वैसे इसमें भी स्टेज 1 से लेकर के स्टेज 4 तक होती है. इस कैंसर की अच्छी बात यह है कि अगर समय रहते इसका पता चल गया तो इसमें बचाव की उम्मीद अच्छी होती है. जल्दी इलाज इसमें किया जाए तो मरीज की जान बच सकती है. कैंसर को बढ़ने से रोका जा सकता है, लेकिन इसके लिए जागरुकता जरूरी है.

जानें सिर और गर्दन के कहां हो सकते हैं कैंसर

ऑंकोलॉजिस्ट डॉक्टर देवेश किशन ने बताया कि सिर और गर्दन के कैंसर की शुरुआत मुंह, जीभ, गला, नाक और साइनस, होंठ, लार ग्रंथियां जैसी जगह पर होता है. लोग लक्षण ना पता होने की वजह से लापरवाही कर देते हैं. ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी है, यह जानना कि अगर आपके मुंह में लंबे वक्त तक कोई घाव बना हुआ है या कोई ऐसी नुकीली चीज है, जिससे बार-बार जीभ टकरा रही है तो आप उसमें लापरवाही ना करें और समय रहते डॉक्टर को दिखाएं. यह जरूर जानने की अगर यह दिक्कत एंटीबायोटिक या कोई भी दवा लेने से ठीक नहीं हो रही है तो इसका इलाज जरूरी है, क्योंकि यह एक कैंसर का लक्षण हो सकता है.

जानें सिर और गर्दन के कैंसर वजह

दिल्ली और नोएडा के जाने माने अस्पताल यथार्थ हॉस्पिटल के ऑंकोलॉजिस्ट डॉक्टर देवेश किशन ने बताया कि सिर और गर्दन के कैंसर की वजह तंबाकू और बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, खैनी, पान मसाला ये होते हैं. जो लोग इसका सेवन रोज करते हैं. उन्हें सावधान रहना चाहिए. इसके अलावा शराब का अत्यधिक सेवन से भी ये होता है. इसके अलावा  HPV (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) संक्रमण, खराब मौखिक स्वच्छता यानी मुंह की सफाई न करना, लंबे समय तक धूप में रहना यानी होंठों के कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है. इसीलिए यह गलतियां ना करें. सावधानी बरते और खुद को सुरक्षित रखें.

जानें क्या हैं इसके शुरुआती लक्षण

यथार्थ हॉस्पिटल के ऑंकोलॉजिस्ट डॉक्टर देवेश किशन ने बताया कि इसकी शुरुआती लक्षणों की बात करें तो मुंह में घाव जो 2-3 सप्ताह तक न भरे तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं.  गले में लगातार दर्द या खराश रहना भी इसका लक्षण है. आवाज बैठना, निगलने में परेशानी,गर्दन में गांठ, मुंह से खून आना या सफेद, लाल धब्बे होना. बिना वजह वजन कम होना, बचाव,  तंबाकू और शराब से दूरी रखें. मुंह की नियमित सफाई करें. किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें. समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराएं.

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *