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Ghaziabad News: कांवड़ यात्रा शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. हर साल की तरह इस बार भी गाजियाबाद में कांवड़ मार्गों और प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास करीब 300 कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में लाखों शिवभक्तों के ठहरने, भोजन और आराम की व्यवस्था होगी.
गाजियाबाद: कांवड़ यात्रा शुरू होने में अब ज्यादा समय नहीं बचा है. हर साल की तरह इस बार भी गाजियाबाद में कांवड़ मार्गों और प्रमुख शिव मंदिरों के आसपास करीब 300 कांवड़ शिविर लगाए जाएंगे. इन शिविरों में लाखों शिवभक्तों के ठहरने, भोजन और आराम की व्यवस्था होगी. इसी को देखते हुए बिजली विभाग ने सुरक्षा को लेकर सख्त नियम लागू कर दिए हैं. विभाग का साफ कहना है कि बिना विभागीय अनुमति और अस्थायी बिजली कनेक्शन के कोई भी शिविर संचालित नहीं किया जा सकेगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर समेत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
विद्युत सुरक्षा के मुख्य अभियंता पवन कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा को लेकर बिजली विभाग की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले बिजली के पोलों को पीवीसी कवर से सुरक्षित किया जा रहा है, जबकि ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग कराई जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह का खतरा न हो विभाग का उद्देश्य यात्रा के दौरान बिजली से जुड़े हादसों को पूरी तरह रोकना है.
अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी
कांवड़ शिविर लगाने से पहले संचालक को जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी. इसके बाद बिजली विभाग की टीम मौके का निरीक्षण करेगी. जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि शिविर के ऊपर कोई हाईटेंशन या लो-टेंशन बिजली लाइन तो नहीं गुजर रही है. यदि लाइन पास में है तो उसे सुरक्षित करने के इंतजाम किए जाएंगे. इसके साथ ही विद्युत सुरक्षा विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना भी जरूरी होगा. सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही शिविर के लिए अस्थायी बिजली कनेक्शन जारी किया जाएगा.
बिजली विभाग के नियमों के खिलाफ
बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी हालत में विभागीय लाइन से सीधे बिजली लेना या बिना अस्थायी कनेक्शन के बिजली का उपयोग करना नियमों के खिलाफ होगा. ऐसा करते पाए जाने पर संबंधित शिविर संचालक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसलिए सभी शिविर संचालकों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत अस्थायी कनेक्शन का ही इस्तेमाल करें. सुरक्षा के लिए शिविर लगाने के स्थान को लेकर भी विशेष मानक तय किए गए हैं.
33 केवी, 11 केवी और एलटी बिजली लाइनों के ठीक नीचे शिविर लगाने की अनुमति नहीं होगी. इसके अलावा किसी भी ट्रांसफार्मर या बिजली के पोल से कम से कम 5 मीटर की दूरी पर ही टेंट और शिविर लगाए जा सकेंगे. यदि शिविर में जनरेटर या विभागीय बिजली का उपयोग किया जाना है, तो पहले विद्युत सुरक्षा विभाग से एनओसी लेना अनिवार्य होगा.
कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मकसद
बिजली विभाग का कहना है कि इन नियमों का मकसद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि लाखों कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इसलिए सभी शिविर संचालक समय रहते विभाग से अनुमति, एनओसी और अस्थायी बिजली कनेक्शन लेकर ही शिविर शुरू करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित और बिना किसी हादसे के संपन्न हो सके.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…
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