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Noida Latest News: यूपी के नोएडा से एक मामला सामने आया है, जहां पुलिस जिस लैडी डॉन नूरी को ढूंढ रही थी वह चकमा देकर कोर्ट पहुंच गई. आइए जानते हैं आखिर क्या है लैडी डॉन नूरी की कहानी.
लैडी डॉन नूरी बिहार की रहने वाली है. (सांकेतिक तस्वीर AI)
नोएडा: कभी गलियों में अवैध शराब बेचने से शुरू हुआ नूरी का कथित कारोबार अब नशे की तस्करी और अवैध खनन तक पहुंचने वाली आरोपी नूरी का नेटवर्क दिल्ली-एनसीआर के अलावा दूसरे राज्यों तक फैला हुआ है. शनिवार को नोएडा पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन वह पुलिस को चकमा देकर जिला अदालत पहुंच गई और वहां सरेंडर कर दिया. पुलिस का कहना है कि जरूरत पड़ने पर उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उसके गिरोह के कई सदस्यों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है.
आपको बता दें कि नोएडा के सेक्टर-9 जेजे कॉलोनी में रहने वाली नूरी बीते 2011 में अपने परिवार के साथ बिहार से नोएडा आई थी और किराए के मकान में रहने लगी थी. 2013 के आसपास नूरी और उसके परिवार ने हरियाणा से शराब लाकर नोएडा की गलियों में अवैध रूप से बेचने का काम शुरू किया. इस दौरान परिवार के कुछ सदस्य पुलिस के हाथ भी लगे. इसके बाद 2015 में नूरी के गांजे के कारोबार में शामिल होने का आरोप सामने आया और फेज-1 थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. और फिर जमानत पर बाहर आ गई थी. एक रिपोर्ट्स की माने तो नूरी पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं.
जेल से बाहर आने के बाद नूरी पर नशीली दवाओं, स्मैक और गांजे के कारोबार को बड़े स्तर पर फैलाने का आरोप है. पुलिस जांच के मुताबिक, उसका गिरोह ट्रेन, ट्रक, पार्सल और कूरियर के जरिए ओडिशा समेत दूसरे राज्यों से गांजा मंगाता था. आरोप है कि पुलिस की नजरों से बचने के लिए गिरोह में दिव्यांगों और नाबालिगों का भी इस्तेमाल किया जाता था. पुलिस के अनुसार, ये लोग नशीले पदार्थों की छोटी-छोटी खेप अलग-अलग ठिकानों तक पहुंचाते थे. हाल ही में नूरी की भतीजी को कथित तौर पर करीब 10 लाख की ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया गया था. इसके अलावा गिरोह के पांच अन्य सदस्यों को भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है.
पुलिस के आलाधिकारियों की माने तो नशे के कारोबार से कमाए गए पैसों से नूरी ने कथित तौर पर अवैध खनन के कारोबार में भी कदम रखा. पुलिस ने उसके घर के आसपास खड़े जेसीबी, डंपर और हाइवा जैसे भारी वाहनों को जब्त किया है. अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है और अपराध से जुड़ी संपत्तियों और वाहनों की जांच की जा रही है. नूरी के खिलाफ फेज-1 और सेक्टर-20 थाने में कुल 13 आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है. इनमें मादक पदार्थों की तस्करी, आबकारी अधिनियम और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े मामले शामिल हैं.
अब पुलिस नूरी को रिमांड पर लेकर उसके कथित नेटवर्क के बारे में पूछताछ करने की तैयारी में है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नशीले पदार्थों की सप्लाई कहां से होती थी, इस नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं और अवैध कारोबार से जुड़ी संपत्तियां कहां-कहां हैं. वह सूत्रों की माने तो नूरी के गिरोह से जुड़े कई लोग अभी भी इलाके में रहते हैं.
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अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…
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