रोजगार की रफ्तार में नोएडा बना नंबर-1, 1.37 लाख नई नौकरियां, लाखों युवाओं को जगी उम्मीद

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Noida News: औद्योगिक इकाइयों और कर्मचारियों को इस योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए नोएडा पीएफ विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि योजना की जानकारी न होने की स्थिति में कई कंपनियां और कर्मचारी इसके लाभ से वंचित रह सकते हैं.

नोएडा: केंद्र सरकार की रोजगार प्रोत्साहन योजनाओं का असर अब औद्योगिक शहर जिला गौतमबुद्ध नगर में साफ दिखाई देने लगा है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार ने रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है. इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देशभर में करीब साढ़े तीन करोड़ नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है.

औद्योगिक इकाइयों और कर्मचारियों को इस योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए नोएडा पीएफ विभाग लगातार जागरूकता कार्यक्रम और प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि योजना की जानकारी न होने की स्थिति में कई कंपनियां और कर्मचारी इसके लाभ से वंचित रह सकते हैं.

5785 कंपनियों ने कराया है पंजीकृत
नोएडा देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल है और यहां रोजगार सृजन की रफ्तार लगातार बढ़ रही है. अधिकारियों के मुताबिक, अगले दो सालों में नोएडा में करीब पांच लाख नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अब तक 1.37 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित किए जा चुके हैं. यही वजह है कि नोएडा ने निर्धारित लक्ष्य का लगभग 80 प्रतिशत हासिल कर उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है.

अधिकारियों की मानें तो करीब 15500 कंपनियां नोएडा में हैं और नोएडा क्षेत्र में करीब 6500 अच्छे लेवल पर लोगों को रोजगार दे रही है या कहें संचालित हैं, जिनमें से 5785 कंपनियों ने इस योजना के तहत पंजीकरण कराया है. वहीं यहां करीब साढ़े चार लाख ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें इस योजना का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है.

92 हजार कर्मचारियों को लाभ मिलने का अनुमान
गौतमबुद्ध नगर में रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं. सुयश पांडे पीएफ कमिश्नर नोएडा, और वैभव सिंह पीएफ कमिश्नर ग्रेनो ने ग्रेनो में अब तक 56 हजार से अधिक नए रोजगार सृजित किए जा चुके हैं. साथ ही करीब 92 हजार कर्मचारियों को इस योजना का लाभ मिलने की संभावना है.

पीएफ विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मैन्युफैक्चरिंग और नॉन-मैन्युफैक्चरिंग दोनों प्रकार की इकाइयों को योजना का लाभ मिल रहा है. मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को चार वर्ष तक जबकि नॉन-मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को दो वर्ष तक विशेष लाभ प्रदान किया जाएगा. इससे रोजगार बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा और कुशल श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी.

केंद्र सरकार इस कार्यक्रम में देगी लाभार्थियों को लाभ
योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और जागरूकता के उद्देश्य से 19 जून को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पीएम विकसित भारत रोजगार योजना के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. यह कार्यक्रम देशभर में 200 से अधिक स्थानों पर एक साथ आयोजित होगा. नोएडा में सेक्टर-62 स्थित सभागार और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में इसका आयोजन किया जाएगा.

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे और लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि भी हस्तांतरित की जाएगी. पीएफ कमिश्नर सुयश पांडे और वैभव सिंह ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य रोजगार को बढ़ावा देना, सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना और उद्योगों को अधिक कुशल कार्यबल उपलब्ध कराना है.

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आर्यन सेठ

आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.

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