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राज्यसभा में नीट (NEET) पेपर लीक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के सांसद प्रो. रामगोपाल यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि सजा बढ़ाने या नया कानून लाने से अपराध कम नहीं होते. सपा सांसद ने मांग की कि नीट की परीक्षा कराने का अधिकार वापस राज्यों को दिया जाए और केंद्र अपने पास केवल 15% सीटें रखे. इसके साथ ही उन्होंने NTA की कार्यप्रणाली और ज्यादा डिजिटलाइजेशन पर भी सवाल उठाए.
नीट पेपर लीक मामले पर राज्यसभा पर बोलते हुए सपा सांसद राम गोपाल यादव. (स्क्रीनशॉट राज्यसभा टीवी)
SP Paper Leak: नीट पेपर लीक पर राज्यसभा में बहस चल रही है. राज्य सभा में बोलते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने अपना पक्ष रखा है. उन्होंने सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स पर बोलते हुए कहा कि दंड बढ़ाने से अपराध कम नहीं होगा. उन्होंने केंद्र सरकार से अपील किया कि राज्यों को मेडिकल परीक्षा कराने का अधिकार दें और 15 प्रतिशत सीट अपने पास रखें. उन्होंने सरकार के सीबीएसई से परीक्षा कराने की दलील दी. साथ ही उन्होंने मयावती से जुड़े एक किस्सा संसद में सुनाया.
नीट पेपर लीक पर सरकार द्वारा नए नियम को लेकर दलील दी. उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट और नए दंड प्रावधान को लेकर अपनी राय संसद पटल पर रखी. उन्होंने कहा कि दंड बढ़ाने से अपराध नहीं रुकते हैं. उदाहरण के तौर पर देखा जाए तो कई अपराध ऐसे हैं, जिसे लेकर मृत्यु दंड के प्रावधान हैं, मगर अभी तक क्राइम कम नहीं हुए. हां, हमें अपने तरीकों को बदलना होगा. अगर, हम जितना डिजटाइज्ड होंगे उतनी ही लीक की संभावना बनी रहेगी.
पूर्व की सरकारों से गलती हुई- राम गोपाल यादव
उन्होंने कहा कि ये एक ऐसा सिस्टम है, जिसमें बेसिकली गलती हमारी सरकारों से हुईं हैं. पहले पीएमटी या कंबाइंड प्री-मेडिकल टेस्ट होते थे, लेकिन पेपर न के बराबर लीक होता था. अब सिस्टम बहुत बड़ा हो गया है. तेरह भाषाओं में पेपर बन रहे हैं. अलग-अलग भाषाओं में पेपर छपते हैं, अलग-अलग ट्रांस्लेटर रखे जा रहे हैं, पेपर सेटर अलग रखे जाते हैं. अलग-अलग प्रिंट होते हैं. बहुत प्रयास करने के बाद भी पेपर लीक रोकना मुश्किल होता है. मेरा सुझाव है कि नीट को राज्यों को दी जाए.
राज्य सूची का विषय पर राज्यों को अधिकार
राज्यों को नीट की परीक्षा कराने का अधिकार दी जाए. पहले सीबीएसई परीक्षा कराती थी. सेंट्रल सरकार के पास 15 प्रतिशत सीट रहनी चाहिए. उन्होंने किसी डिजिटल परीक्षा में चोरी के तरीकों पर अपनी बात रखी. साथ ही उन्होंने ऑब्जेक्टिव पेपर को लेकर भी आपत्ति जताई. उन्होंने राज्यों को परीक्षा का अधिकार देने की दलील दी. साथ ही उन्होंने एनटीए पर परीक्षा के भार और कर्मचारी को लेकर भी चिंता जताई.
संसद में शेयर किए यूपी के पुराने किस्से
इसी बीच राज्यसभा में शोर-शराबे को लेकर उन्होंने रोचक कहानी सुनाई. उन्होंने भाजपा सांसद बृजलाल सिंह पर कटाक्ष किया. उन्होंने बृजलाल सिंह की लॉयलटी को लेकर बसपा सुप्रीमों को मयावती से जुड़ी कहानी को सुनाया.
उन्होंने मुलायम सिंह यादव से जुड़े किस्से को सुनाया. उन्होंने बताया कि राजनाथ सिंह तब शिक्षा मंत्री हुआ करते थे. उन्होंने बताया कि तब एक कानून बनाया गया कि यूपी में जो भी छात्र चोरी करते हुए पकड़े जाएंगे उनको हथकड़ी पहना कर ले जाया जाएगा. लेकिन दुर्भाग्य तो देखिए उसी समय तत्कालीन शिक्षा मंत्री को समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार ने चुनाव में हरा दिया. छात्रों के पावर को समझिए क्योंकि तब लखनऊ यूनिवर्सिटी के छात्र घुस गए और चुनाव हरा दिया. अब धर्मेंद्र प्रधान को हटा दिया. अब भी छात्रों की ताकत समझ नहीं पाए. उन्होंने कहा कि शिक्षा राज्य सूची का विषय है, ये अधिकार उनको दीजिए, सिस्टम को चेंज कीजिए, क्यों सरकार बोझ लिए हुए, सीबीएसई से चुनाव कराया जाए. सब ठीक हो जाएगा.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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