दिल्ली के इस मंदिर में एक साथ होते हैं 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, गौरी-शंकर की महिमा की दूर-दूर तक चर्चा

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दिल्ली के इस मंदिर में एक साथ होते हैं 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, जानें महिमा

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दिल्ली के चांदनी चौक स्थित 800 साल पुराने प्राचीन गौरी-शंकर मंदिर में सावन के महीने में भक्तों का तांता लगा है. यहां उज्जैन के महाकाल की तर्ज पर पवित्र भस्म आरती की जाती है. इस मंदिर के बेसमेंट में भगवान शिव के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिरूप (रेप्लिका) मौजूद हैं.

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नई दिल्लीः सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है. जैसे ही सावन की शुरुआत होती है, शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़ बढ़ने लगती है. दिल्ली के चांदनी चौक स्थित प्राचीन गौरी-शंकर मंदिर में भी इन दिनों सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. कोई जलाभिषेक करने पहुंच रहा है, तो कोई रुद्राभिषेक और विशेष पूजा कर भोलेनाथ का आशीर्वाद ले रहा है. मंदिर में गूंजते हर-हर महादेव के जयकारे पूरे माहौल को भक्तिमय बना देते हैं.

आस्था का यह केंद्र 800 साल पुराना है
पुरानी दिल्ली की एक खास पहचान गौरी-शंकर मंदिर का इतिहास लगभग 800 साल पुराना माना जाता है. यह मंदिर न केवल धार्मिक रूप से बल्कि ऐतिहासिक रूप से भी महत्वपूर्ण है. माना जाता है कि यहां भगवान शिव के दर्शन करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. यही वजह है कि दिल्ली के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां आते हैं.

महाकाल की तर्ज पर होती है भस्म आरती
सावन के दौरान मंदिर में होने वाली भस्म आरती भक्तों के लिए खास अनुभव होती है. यह आरती उज्जैन के महाकाल मंदिर की परंपरा से प्रेरित होकर की जाती है. हालांकि यहां श्मशान की भस्म का नहीं, बल्कि गोबर के उपलों (कंडों) से तैयार पवित्र भस्म का उपयोग किया जाता है. सुबह होने वाली इस आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालु तड़के से ही मंदिर पहुंच जाते हैं. डमरू, घंटियों और वैदिक मंत्रों के बीच होने वाली यह आरती भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है.

एक ही मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन
इस मंदिर की सबसे खास बात इसका बेसमेंट है. यहां भगवान शिव के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की रेप्लिकाएं स्थापित हैं. जो लोग देश भर में मौजूद ज्योतिर्लिंगों की यात्रा नहीं कर सकते, वे सोमनाथ, महाकाल, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ, रामेश्वरम और ओंकारेश्वर समेत सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन एक ही जगह पर कर सकते हैं. सावन के महीने में, बड़ी संख्या में भक्त पहले गौरी-शंकर के दर्शन करते हैं और फिर सभी ज्योतिर्लिंगों से आशीर्वाद लेने के लिए नीचे जाते हैं.

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Prashun Singh

प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.

इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…

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