Last Updated:
Harnandipuram Yojana Ghaziabad: गाजियाबाद में नई टाउनशिप ‘हरनंदीपुरम’ को लेकर बड़ा अपडेट आया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तार योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹943.37 करोड़ का फंड (सीड कैपिटल) मंजूर कर दिया है. 501 हेक्टेयर में फैलने वाली इस टाउनशिप में करीब 8 गांव शामिल हैं. राजनगर एक्सटेंशन और नमो भारत कॉरिडोर के पास बनने वाली इस योजना से भूमि अधिग्रहण और विकास कार्यों को नई रफ्तार मिलेगी और हजारों परिवारों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी.
हरनंदीपुरम योजना पकड़ेगी रफ्तार, नई टाउनशिप के लिए यूपी सरकार ने मंजूर किए ₹943.37 करोड़ (फोटो-AI)
Harnandipuram Yojana Ghaziabad: दिल्ली-एनसीआर में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और खुशखबरी है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की सबसे बड़ी ‘हरनंदीपुरम योजना’ अब बहुत जल्द जमीन पर उतरने वाली है. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गाजियाबाद में इस नई और हाईटेक टाउनशिप को बसाने के लिए अपना खजाना खोल दिया है. राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री शहरी विस्तार/नये शहर प्रोत्साहन योजना’ के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस प्रोजेक्ट को 943.37 करोड़ रुपये के भारी-भरकम फंड की मंजूरी दे दी है. इस फंड के मिलने के बाद अब किसानों से जमीन अधिग्रहण करने और वहां सड़क, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के काम में बुलेट ट्रेन जैसी रफ्तार आएगी. शासन की तरफ से 31 जुलाई 2026 को इस संबंध में औपचारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है.
501 हेक्टेयर में बसेगा नया और हाईटेक शहर
गाजियाबाद की यह नई हरनंदीपुरम टाउनशिप कोई छोटी-मोटी कॉलोनी नहीं होगी, बल्कि इसे करीब 501 हेक्टेयर की विशाल जमीन पर बसाया जाएगा. यह महात्वाकांक्षी प्रोजेक्ट कुल 8 गांवों की जमीन पर आकार लेगा. इन गांवों में मथुरापुर, शमशेर, चम्पतनगर, भनेड़ा खुर्द, नगला फिरोज मोहनपुर, भोवापुर, शाहपुर निज मोर्टा और मोर्टा शामिल हैं. आपको बता दें कि सबसे पहले चरण का काम लगभग 48 हेक्टेयर जमीन पर शुरू करने की पूरी तैयारी कर ली गई है, ताकि प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द विजिबल बनाया जा सके.
सिर्फ घर नहीं, मिलेगी शानदार और मॉर्डन लाइफस्टाइल
जीडीए का लक्ष्य यहां सिर्फ ईंट-पत्थर के मकान खड़े करना नहीं है. बल्कि, इस योजना के जरिए एक ऐसा हाईटेक, हरा-भरा और इको-फ्रेंडली शहर बसाना है, जहां हर आधुनिक सुविधा मौजूद हो. इस नई टाउनशिप में चौड़ी और शानदार सड़कें, 24 घंटे पानी और बिजली की सप्लाई, सीवरेज का पक्का इंतजाम और पार्कों के साथ-साथ हरियाली का खास ख्याल रखा जाएगा. इसके अलावा बारिश के पानी को सहेजने (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) के भी पुख्ता इंतजाम होंगे. सरकार ने जीडीए को साफ निर्देश दिए हैं कि इस प्रोजेक्ट में पर्यावरण को बचाने, भू-जल स्तर को सुधारने, अच्छी क्वालिटी का निर्माण करने और सभी कानूनी नियमों का सख्ती से पालन करने में कोई कोताही न बरती जाए.
जमीन अधिग्रहण में बरती जाएगी पूरी पारदर्शिता
सरकार ने जो 943.37 करोड़ रुपये की धनराशि मंजूर की है, उसका इस्तेमाल पूरी तरह से तकनीकी और वित्तीय नियमों के हिसाब से ही किया जाएगा. शासन ने साफ किया है कि जमीन अधिग्रहण का काम पूरी तरह से पारदर्शी और मौजूदा कानूनी प्रावधानों के तहत ही होगा, ताकि किसानों और प्राधिकरण के बीच कोई विवाद न रहे और काम बिना रुके चलता रहे.
शानदार कनेक्टिविटी है इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी यूएसपी
अगर आप सोच रहे हैं कि यह नया शहर मुख्य गाजियाबाद से कटा हुआ होगा, तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. यह टाउनशिप राजनगर एक्सटेंशन के ठीक बगल में स्थित है. यहां से कनेक्टिविटी इतनी शानदार होगी कि आप आसानी से कहीं भी आ-जा सकेंगे. नमो भारत ट्रेन का कॉरिडोर, मेट्रो स्टेशन, प्रमुख एक्सप्रेसवे और भविष्य में बनने वाला आउटर रिंग रोड इस प्रोजेक्ट के बिल्कुल करीब होंगे. बेहतरीन कनेक्टिविटी की वजह से यह योजना न सिर्फ रहने के लिए, बल्कि निवेश के नजरिए से भी दिल्ली-एनसीआर की सबसे प्राइम लोकेशन बनने जा रही है.
About the Author
Rahul Goyal is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations …
और पढ़ें
