15 अगस्त से पहले हाई अलर्ट पर दिल्ली, ड्रोन से लेकर टेरर नेटवर्क तक पर नजर, मेगा सिक्योरिटी प्लान तैयार

स्वतंत्रता दिवस से पहले देश की राजधानी दिल्ली को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए सुरक्षा एजेंसियां एक्शन मोड में आ गई हैं. 15 अगस्त के राष्ट्रीय समारोह को किसी भी तरह के खतरे से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस ने अब तक की सबसे अहम अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की. इस हाई-लेवल मीटिंग में पड़ोसी राज्यों की पुलिस, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लेकर आतंकवाद, संगठित अपराध और सीमा सुरक्षा से जुड़े हर संभावित खतरे पर विस्तृत रणनीति तैयार की.

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस इंटरस्टेट कोऑर्डिनेशन मीटिंग की अध्यक्षता दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने की. बैठक में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, बिहार, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, जम्मू-कश्मीर और चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे.

बैठक के दौरान स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर राजधानी की सुरक्षा को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. आतंकवाद से निपटने की रणनीति को और मजबूत बनाने के साथ-साथ दिल्ली की सीमाओं पर सघन चेकिंग बढ़ाने, संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की निगरानी तेज करने तथा संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का फैसला लिया गया.

साथ ही ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए विशेष निगरानी तंत्र विकसित करने, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर संदिग्ध गतिविधियों की मॉनिटरिंग बढ़ाने और रियल-टाइम इंटेलिजेंस साझा करने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर भी सहमति बनी.

बैठक में केवल आतंकवाद ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सक्रिय अंतरराज्यीय अपराध सिंडिकेट्स पर भी फोकस किया गया. अधिकारियों ने विदेश से संचालित आपराधिक नेटवर्क, अवैध हथियारों की तस्करी, ड्रग्स सप्लाई चेन और संगठित अपराध के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने की रणनीति तैयार की.

इसके तहत राज्यों के बीच खुफिया सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान, संयुक्त ऑपरेशन और संदिग्ध अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने का निर्णय लिया गया.

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान दिल्ली में लाखों लोगों की आवाजाही को देखते हुए ट्रैफिक प्रबंधन को भी प्राथमिकता दी गई. दिल्ली से लगने वाली सभी अंतरराज्यीय सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने का फैसला लिया गया, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके.

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