पहले बनती थी कस्टमर की लिस्ट, फिर शुरू होता साइबर फ्रॉड का गेम… पुलिस ने ठग गिरोह का किया पर्दाफाश

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Ghaziabad Cyber Fraud Case: यूपी के गाजियाबाद में एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पुलिस ने खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को दबोचा है. ये गिरोह अनोखे तरीके से लोगों को फंसाकर उनके पैसे ठग लेता था.

साइबर फ्रॉड करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

गाजियाबाद: भारत में साइबर ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं और साइबर फ्रॉड अब पढ़े-लिखे लोगों को भी अपने झांसे में फंसा रहे हैं. उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस ने एक ऐसे ही अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है. इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. यह गिरोह खुद को बड़ी बीमा कंपनियों का प्रतिनिधि बताकर लोगों को फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी बेचता था. यह गैंग अब तक करीब ढाई करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है. पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी और कार बरामद कर लिया है.

गाजियाबाद पुलिस की स्वाट, सर्विलांस और कोतवाली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन साइबर ठग गिरफ्तार किए गए हैं. आरोपियों की पहचान पंकज शर्मा, आदित्य यादव उर्फ मोनू और प्रमोद छेबड़े के रूप में हुई है. पुलिस ने इनके कब्जे से पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 15 हजार रुपये नकद और एक मारुति बलेनो कार बरामद की है.

इन लोगों को बनाते थे शिकार
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले एक इंश्योरेंस ब्रोकिंग कंपनी में काम करते थे. वहीं से उन्होंने बीमा पॉलिसी धारकों का डेटा हासिल किया और जिन लोगों की पॉलिसी लैप्स हो चुकी थी, उन्हें कॉल कर नई पॉलिसी या रिन्यूअल के नाम पर अपने झांसे में लेते थे. भरोसा जीतने के लिए ये लोग फर्जी रसीदें, नकली आईडी कार्ड और दस्तावेज तैयार कर व्हाट्सएप पर भेजते थे. पुलिस के मुताबिक, गिरोह अलग-अलग नामों से खुद को इंश्योरेंस एजेंट बताकर लोगों से बैंक खातों में रकम जमा कराता था.

ढाई करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गैंग को इंश्योरेंस डेटा और बैंक खाते उपलब्ध कराने वाला एक अन्य आरोपी नितिन कसाना फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है. अब तक की जांच में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश समेत चार राज्यों में साइबर ठगी की नौ वारदातों का खुलासा हुआ है. इन मामलों में करीब ढाई करोड़ रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है.

पुलिस को आरोपियों के पास से कई संदिग्ध दस्तावेज भी मिले हैं, जिनके आधार पर अन्य मामलों की जांच की जा रही है. गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सुनियोजित तरीके से लोगों को अपना शिकार बना रहा था. पुलिस अब फरार आरोपियों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है, ताकि साइबर ठगी के इस पूरे रैकेट का खुलासा किया जा सके.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…

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