Hair Care Tips : क्या आपके बच्चों के बाल हो रहे सफेद? न करें ये गलती, गाजियाबाद की डॉक्टर ने बताई वजह

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Hair whitening reason : आजकल कम उम्र में बाल सफेद होने की समस्या बढ़ रही है. बच्चों में भी ये दिक्कत देखने को मिलने लगी है. इसके पीछे जेनेटिक्स, तनाव, खराब खान-पान और पोषक तत्वों की कमी जैसे कई कारण हो सकते हैं. लोकल 18 से गाजियाबाद की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या द्विवेदी बताती हैं कि 25 साल से कम उम्र में बाल सफेद होने लगे तो इसे Premature Greying कहा जाता है. डॉ. दिव्या के मुताबिक, अगर माता-पिता के बाल कम उम्र में सफेद हुए हैं तो बच्चों में भी इसकी संभावना ज्यादा रहती है. आजकल बच्चों में भी शारीरिक और मानसिक तनाव बढ़ रहा है.

गाजियाबाद. आइने के सामने अचानक एक-दो सफेद बाल दिखाई दें तो चिंता होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर उम्र अभी खेलने-कूदने या करियर बनाने की है और बाल तेजी से सफेद होने लगे हैं तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आजकल बच्चों, किशोरों और युवाओं में कम उम्र में बाल सफेद होने की समस्या देखने को मिल रही है जिसे Premature Greying कहा जाता है. इसके पीछे केवल उम्र नहीं बल्कि जेनेटिक्स, तनाव, खान-पान, पोषक तत्वों की कमी और कुछ स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकते हैं. त्वचा रोग विशेषज्ञों के मुताबिक हर व्यक्ति में इसका कारण अलग हो सकता है.

कोशिकाओं से आई आफत

गाजियाबाद के जिला एमएमजी अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या द्विवेदी लोकल 18 से बताती हैं कि 25 साल से कम उम्र में बाल सफेद होने लगे तो इसे Premature Greying की श्रेणी में रखा जाता है. इसका सबसे बड़ा कारण जेनेटिक्स हो सकता है. अगर माता-पिता के बाल कम उम्र में सफेद हुए हैं तो बच्चों में भी इसकी संभावना बढ़ सकती है. इसके अलावा आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बच्चों और युवाओं में शारीरिक और मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है. तनाव बालों में रंग पैदा करने वाली कोशिकाओं पर असर डाल सकता है और समय से पहले बाल सफेद होने की प्रक्रिया को बढ़ा सकता है.

डॉ. दिव्या बताती हैं कि धूम्रपान, असंतुलित जीवनशैली और पोषण की कमी भी समस्या को बढ़ा सकती है. युवा अगर लगातार जंक फूड खा रहे हैं और शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल रहे हैं तो बालों की सेहत प्रभावित हो सकती है. खासतौर पर विटामिन B12, आयरन जैसे पोषक तत्वों की कमी का संबंध समय से पहले बाल सफेद होने से पाया गया है. इसलिए बच्चों की बढ़ती उम्र में खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. फल, सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स और संतुलित भोजन डाइट का हिस्सा होना चाहिए.

वीडियो देखकर न करें ये काम

डॉ. दिव्या के मुताबिक, कुछ मामलों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बाल सफेद होने के पीछे वजह हो सकती हैं. थायरॉयड जैसी स्थितियों के साथ कुछ अन्य बीमारियों या पोषक तत्वों की कमी की जांच डॉक्टर की सलाह पर कराई जा सकती है, खासकर अगर बाल अचानक तेजी से सफेद हो रहे हों या साथ में दूसरी परेशानी भी दिखाई दे रही हो तो त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है. डॉ. दिव्या की सलाह है कि सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर कोई भी शैंपू, कंडीशनर या सीरम इस्तेमाल न करें. हर बाल और स्कैल्प की जरूरत अलग होती है, इसलिए उत्पाद का इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से करना बेहतर है.

डॉ. दिव्या के मुताबिक, बच्चों में कम उम्र से ही पौष्टिक भोजन, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव कम रखने की आदत पर ध्यान देना चाहिए. बाल सफेद होने का हर मामला बीमारी नहीं होता, लेकिन कम उम्र में लगातार बढ़ती समस्या को समझने के लिए सही कारण की जांच और विशेषज्ञ की सलाह सबसे जरूरी है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…

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