Indian Air Force Squadron Leader Bhawana Kanth News: बिहार के एक छोटे से शहर से निकली लड़की भारत के आसमान पर इस तरह छा जाएगी, किसी ने सोचा भी नहीं होगा. भारतीय वायुसेना के फाइटर प्लेंस को उड़ाने वाली स्क्वाड्रन लीडर भावना कांत ने ऐसी उपलब्धि हासिल की है कि न सिर्फ भारतीय उन पर गर्व कर रहे हैं बल्कि यह जानकर दुश्मनों की भी घिघ्घी बंध जाएगी, कि अब उनके सामने आसमान में हवाई युद्ध कौशल में निपुण हो चुकी भारत की बेटी खड़ी होगी.
आसमान की सभी दीवारों को तोड़ चुकी भावना कांत भारत की पहली टॉप गन बन चुकी हैं. यह ऐसी उपलब्धि है, जिसके लिए इंडियन एयरफोर्स के 100 टॉप फाइटर पायलटों में से किसी 1 को ही चुना जाता है. ग्वालियर के टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट (TACDE) यानी “टॉप गन” स्कूल से ग्रेजुएट होने वाली भावना कांत भारत की पहली महिला पायलट बन गई हैं. अब वे मिग से लेकर सुखोई-30 तक फाइटर प्लेन्स को न केवल आसमान की सबसे ऊंचे स्तर की हवाई लड़ाइयां लड़ेंगी बल्कि भविष्य के हवाई युद्धों का नेतृत्व भी करेंगी.
बिहार की बेटी भावना ने भारतीय वायुसेना के इस सबसे कठिन स्कूल कोर्स को पूरा कर दिखा दिया है कि बेटियां चाह लें तो आसमान को भी मुठ्ठी में कर सकती हैं. हालांकि उनकी यह राह आसान नहीं थी. उन्होंने पहले भारतीय वायुसेना के 100 टॉप फाइटर पायलटों में चुने जाने की चुनौती पूरी की और उसके बाद 20 हफ्ते के कठिन फाइटर कॉम्बैट लीडर कोर्स में बेहतरीन कौशल दिखाया. सफलतापूर्वक कोर्स पूरा करने के बाद आज उनके पास वह उपलब्धि है तो भारतीय वायु सेना की सबसे ऊंची है.
कब हुई थीं भारतीय वायुसेना में शामिल
भावना कांत 2016 में अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों की तिकड़ी में शामिल हुई थीं. हैरानी की बात लोगों के लिए तब भी थी और आज जब वे टॉप गन चुनी गई हैं तब भी लोग अचंभा कर रहे हैं लेकिन भावना के लिए यह बचपन का सपना था. उन्होंने कहा था, ‘यह मौका जब मिला, मैंने एक पल भी नहीं सोचा, मैंने तुरंत पकड़ लिया.’ इस 10 साल की उनकी एयरफोर्स सेवा में उन्होंने एक-एक करके सीमाएं पार कीं.
- वर्ष 2016 में वे अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह के साथ भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर पायलटों के पहले बैच का हिस्सा बनी थीं.
- सबसे पहले वे 2019 में मिग-21 पर दिन के कॉम्बैट मिशन के लिए योग्य बनने वाली पहली महिला पायलट बनीं.
- दूसरी उपलब्धि 2021 में हासिल की जब वे गणतंत्र दिवस परेड में फाइटर पायलट के रूप में शामिल होने वाली पहली महिला बनीं.
- वहीं अब सुखोई-30एमकेआई उड़ाती हुई वे सबसे ऊंचे स्तर की हवाई लड़ाई की ट्रेनिंग पूरी कर चुकी हैं.
भावना कांत का ये सफर सिर्फ उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है. बल्कि यह उन हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो सोचती हैं कि आसमान सिर्फ लड़कों का है. उन्होंने साबित कर दिया कि सपना बड़ा हो, मेहनत ईमानदार हो और हिम्मत अटूट हो, तो कोई भी सीमा टूट सकती है.
क्या है ये कोर्स
बता दें कि FCL कोर्स भारतीय वायुसेना के सबसे कठिन और प्रतिष्ठित फाइटर प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से एक है. यह प्रशिक्षण लगभग 20 सप्ताह तक चलता है और इसमें उन्नत हवाई युद्ध (एयर कॉम्बैट), मिशन प्लानिंग, सामरिक नेतृत्व और जटिल लड़ाकू अभियानों का अभ्यास कराया जाता है. इस कोर्स के लिए केवल सबसे कुशल फाइटर पायलटों का चयन किया जाता है.
क्यों खास है यह उपलब्धि?
FCL कोर्स पूरा करने वाले पायलट केवल बेहतरीन उड़ान भरने वाले पायलट ही नहीं होते, बल्कि वे भविष्य में लड़ाकू अभियानों का नेतृत्व करने, नई युद्ध रणनीतियां विकसित करने और अन्य फाइटर पायलटों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी भी निभाते हैं.
