Ghaziabad News : कहां है गाजियाबाद का छोटा हरिद्वार? कांवड यात्रियों के लिए बनाया गया अभेद कवच

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Kanwar Yatra 2026 Ghaziabad : दिल्ली-मेरठ रोड गाजियाबाद का मुख्य कांवड़ मार्ग है. यहां से रोजाना श्रद्धालुओं का जत्था गुजर रहा है. गाजियाबाद के गंग नहर को छोटा हरिद्वार के नाम से जाना जाता है. रोज यहां हजारों श्रद्धालु स्नान करने पहुंच रहे हैं. शिवरात्रि पर श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना है. जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि आगे पानी गहरा है. 41वीं पीएसी बटालियन के आरक्षी भूपेंद्र कुमार ने लोकल 18 को बताया कि गंग नहर का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है, बहाव काफी तेज है. केवल निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें.

गाजियाबाद. सावन के पावन महीने में हरिद्वार से गंगाजल लेकर लाखों कांवड़िए अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं. गाजियाबाद के मुख्य कांवड़ मार्ग दिल्ली-मेरठ रोड से रोजाना श्रद्धालुओं का विशाल जत्था गुजर रहा है. इसी मार्ग पर स्थित गंग नहर जिसे छोटा हरिद्वार के नाम से जाना जाता है. यहां भी प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु स्नान करने पहुंच रहे हैं. शिवरात्रि पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि आस्था के इस पर्व के दौरान कोई अप्रिय घटना न हो. गंग नहर के घाटों पर बैरिकेडिंग कराई गई है. जगह-जगह चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिन पर स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि आगे पानी गहरा है. श्रद्धालु बैरिकेडिंग के पीछे रहकर ही स्नान करें. लगातार पुलिस की ओर से लाउडस्पीकर से अनाउंसमेंट कर लोगों से अपील की जा रही है कि गंग नहर का जलस्तर बढ़ा हुआ है, बहाव तेज है इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें.

दो शिफ्ट में छह-छह जवान

नगर पालिका की ओर से भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं. नहर में बड़े सुरक्षा ट्यूब रखे गए हैं और बीच धारा में मजबूत रस्सियां डाली गई हैं, ताकि यदि कोई व्यक्ति बहने लगे तो उसे तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला जा सके. गंग नहर पर 41वीं पीएसी बटालियन की डेढ़ सेक्शन तैनात की गई है. यहां दो शिफ्ट में छह-छह जवान स्पीड बोट के साथ लगातार निगरानी कर रहे हैं. जल पुलिस के जवान भी घाटों पर मुस्तैद हैं जबकि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर तैनात हैं.

आवश्यक उपकरण मौजूद

41वीं पीएसी बटालियन के आरक्षी भूपेंद्र कुमार ने लोकल 18 को बताया कि यदि कोई श्रद्धालु डूबने या बहने लगता है तो सबसे पहले लाइफ जैकेट और रेस्क्यू ट्यूब के जरिए उसे बचाने का प्रयास किया जाता है. यदि व्यक्ति उन्हें पकड़ नहीं पाता तो प्रशिक्षित जवान बिना देर किए स्वयं पानी में उतरकर उसका रेस्क्यू करते हैं. इसके लिए स्पीड बोट समेत सभी आवश्यक उपकरण मौके पर उपलब्ध हैं. प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि गंग नहर का जलस्तर लगातार बढ़ा हुआ है और बहाव काफी तेज है. ऐसे में केवल निर्धारित सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करें. बैरिकेडिंग पार न करें. पुलिस और प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए अपनी कांवड़ यात्रा सुरक्षित रूप से पूरी करें.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…

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