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Delhi-NCR Heavy Rain Pictures: मूसलाधार बारिश के चलते दिल्ली-एनसीआर में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा. सड़कों पर कई फीट पानी भरने से प्रमुख मार्गों पर घंटों लंबा जाम लगा रहा, जिससे यात्री गाड़ियों में ही फंसे रहे. सफदरजंग अस्पताल से लेकर रिहायशी कॉलोनियों तक जलभराव ने लोगों की मुसीबतें बढ़ा दीं, जबकि मकान ढहने और पेड़ गिरने जैसी कई घटनाएं भी दर्ज की गईं. बिगड़ते हालातों के बीच उपराज्यपाल ने समीक्षा बैठक हुई. चलिए देखतें हैं मुसीबत बनी बारिश से जुड़ी 9 तस्वीरें.
एमबी रोड पर 4 फीट तक भरा पानी, थमी रफ्तार: दक्षिण दिल्ली के सबसे व्यस्त कॉरिडोर में से एक मेहरौली-बदरपुर (एमबी) रोड पर वायुसेना स्टेशन के पास 3 से 4 फीट तक गहरा पानी जमा हो गया. जलभराव के चलते खानपुर से ओखला मोड़ के बीच वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. देखते ही देखते गाड़ियों के पहिये थम गए और पानी में घुसने के बाद कई दोपहिया वाहन और ऑटो-रिक्शा बंद हो गए. हालात इतने बिगड़ गए कि पानी में फंसे लोगों और वाहनों को निकालने के लिए वायुसेना के ट्रकों की मदद लेनी पड़ी.
सफदरजंग अस्पताल में भरा पानी, मरीज परेशान: मूसलाधार बारिश का सबसे दर्दनाक असर सफदरजंग अस्पताल में देखने को मिला, जहां अस्पताल परिसर, गैलरी और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आसपास घुटनो तक पानी भर गया. तीमारदारों को अपने मरीजों को स्ट्रेचर और गोद में उठाकर गहरे पानी के बीच से ले जाना पड़ा. अस्पताल के पिछले रास्ते जलमग्न होने के कारण बंद कर दिए गए. इलाज कराने आए मरीजों और उनके रिश्तेदारों को दिनभर जलजमाव के बीच भारी मशक्कत और परेशानी का सामना करना पड़ा.
मुख्य मार्गों पर घंटों रेंगते रहे वाहन: राजधानी के लगभग सभी व्यस्त और प्रमुख इलाकों में यातायात प्रबंधन बुरी तरह चरमरा गया. आईटीओ, पटेल रोड, रोहतक रोड, वजीराबाद रोड, कीर्ति नगर, शाहीन बाग, दिल्ली-जयपुर हाईवे और बदरपुर बॉर्डर मेट्रो स्टेशन के आसपास सड़कें जलमग्न हो गईं. दफ्तर जाने और लौटने वाले लोग घंटों तक गाड़ियों में फंसे रहे. कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर कैब बुकिंग न मिलने और खराब ट्रैफिक मैनेजमेंट की शिकायतें दर्ज कराईं, जिससे पीक आवर्स के दौरान लोग सड़कों पर ही फंसे रह गए.
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एमबी रोड से सटे रिहायशी इलाकों का हाल बेहाल: दक्षिण दिल्ली के आसपास के रिहायशी इलाकों जैसे संगम विहार, देवली, अंबेडकर नगर, ओखला और खानपुर में जलजमाव ने भयानक रूप ले लिया. कई घरों और दुकानों में बारिश का गंदा पानी घुस गया, जिससे लोगों के राशन और घरेलू सामान को भारी नुकसान पहुंचा. फतेहपुर बेरी की वाल्मीकि बस्ती में पानी इतना भर गया कि स्कूली बच्चों को स्थानीय लोगों ने प्लास्टिक की बड़ी शीट को नाव बनाकर उस पर बैठाकर रास्ता पार कराया.
जलभराव से ई-रिक्शा और दोपहिया चालक पस्त: पूर्वी दिल्ली के शकरपुर और मंडावली जैसे इलाकों में जलभराव के कारण गड्ढे और सीवर के खुले मैनहोल छिप गए, जिससे कई ऑटो, ई-रिक्शा और स्कूटर पलट गए. ई-रिक्शा चालकों ने बताया कि सड़कों पर पानी भरने से गाड़ियां खराब हो रही हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है. सामान्य दिनों में 600 रुपये कमाने वाले चालक पानी के कारण 200 रुपये भी नहीं कमा पाए. लिथियम बैटरी में पानी घुसने से चालकों को हजारों रुपये के नुकसान का डर सताता रहा.
एनसीआर के शहरों में भी लगा भारी जाम: दिल्ली में हुई भारी बारिश का असर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के पड़ोसी शहरों नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में भी साफ देखा गया. नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां रेंगती नजर आईं और महामाया फ्लाईओवर के पास अंडरपास में पानी भरने से एक एम्बुलेंस आधे घंटे से अधिक समय तक फंसी रही. वहीं, गुरुग्राम के सिविल अस्पताल के बेसमेंट में पानी घुसने से स्वास्थ्य सेवाएं रोकनी पड़ीं और दिल्ली-जयपुर मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया.
मकान ढहे और उखड़े पेड़, राहत कार्य जारी: दमकल विभाग (डीएफएस) को बारिश के दौरान मकान ढहने, इमारतों के हिस्से गिरने और पेड़ उखड़ने की दो दर्जन से अधिक आपातकालीन कॉल मिलीं. नौ जगह मकान या उनकी दीवारें गिरीं, जबकि 16 स्थानों पर पेड़ उखड़े. एक हादसे में मकान पर पेड़ गिरने से तीन महिलाएं अंदर फंस गईं, जिन्हें दमकलकर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला. नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और पुलिस प्रशासन दिनभर सड़कों से गिरे पेड़ हटाने, पानी निकालने और यातायात को सामान्य करने की कोशिशों में जुटे रहे.
उपराज्यपाल ने बुलाई समीक्षा बैठक: दिल्ली में जलभराव और ट्रैफिक जाम के बीच उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधु ने पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ यातायात अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. एलजी ने स्पष्ट किया कि यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. बैठक में बताया गया कि इस वर्ष बार-बार जलभराव वाले स्थानों की संख्या घटकर 20 रह गई है. एलजी ने पीक आवर्स के दौरान अधिकारियों को प्रमुख चौराहों पर खुद मौजूद रहने और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए.
थानों में पहुंचा बारिश का पानी: दिल्ली में हुई झमाझम बारिश ने सरकारी इमारतों और स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलकर रख दी. दक्षिण दिल्ली स्थित ‘दिल्ली पुलिस नारकोटिक्स ऑफिस’ के पूरे थाने में पानी भर गया, जिससे पुलिसकर्मियों को जलभराव के बीच ही अपना काम निपटाना पड़ा. वहीं, सफदरजंग अस्पताल परिसर और गैलरी में घुटनों तक पानी भर जाने से मरीज और तीमारदार बेहद परेशान रहे. तीमारदारों को लाचार होकर अपने मरीजों को गोद और स्ट्रेचर पर उठाकर इस गंदे पानी के बीच से निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा.
