सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट करें, क्या नहीं? आ गया दिल्ली यूनिवर्सिटी का नया निर्देश

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DU Social Media Guidelines for Employees: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने सभी कॉलेजों को एंप्लॉइज के प्रोफेशनल बिहेवियर और सोशल मीडिया इस्तेमाल पर गाइडलाइंस का पालन करने के लिए कहा है. शिक्षा मंत्रालय के सर्कुलर के बाद जारी इस निर्देश का मकसद गोपनीयता बनाए रखना और फर्जीवाड़े को रोकना है. जानिए अपडेट.

DU Social Media Guidelines for Employees: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने एंप्लॉइज के लिए सोशल मीडिया गाइडलाइंस जारी की हैं

नई दिल्ली (DU Social Media Guidelines for Employees). अगर आप दिल्ली यूनिवर्सिटी या उससे जुड़े कॉलेजों में जॉब करते हैं तो आपके लिए बहुत जरूरी खबर है. दिल्ली विश्वविद्यालय ने अपने सभी कॉलेजों और विभागों को निर्देश दिया है कि वे अपने कर्मचारियों और शिक्षकों के पेशेवर आचरण (Professional Behavior) और सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर जारी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन कराएं.

दिलचस्प बात है कि कुछ ही महीनों पहले डीयू ने सोशल मीडिया को कंट्रोल करने वाली अपनी खुद की ड्राफ्ट पॉलिसी को ठंडे बस्ते में डाल दिया था. दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा था कि ऐसा नियम प्रैक्टिकल यानी संभव नहीं है. लेकिन अब शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के नए सर्कुलर के बाद यूनिवर्सिटी को फिर से अपने कॉलेजों को अलर्ट मोड पर लाना पड़ा है. जानिए ऐसा क्यों हुआ.

शिक्षा मंत्रालय के सर्कुलर से बढ़ा एक्शन

दिल्ली यूनिवर्सिटी का नया निर्देश शिक्षा मंत्रालय की तरफ से जारी 29 जून के एक सर्कुलर के आधार पर आया है. इसे डीयू ने 5 अगस्त को सभी कॉलेजों को भेजा. मंत्रालय ने केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की सलाह का हवाला देते हुए सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से कहा था कि वे कर्मचारियों के सोशल मीडिया यूसेज, ऑफिस की गोपनीयता, संस्थागत गरिमा और हितों के टकराव से बचने के लिए स्पष्ट नियम तय करें.

भर्तियों में फर्जीवाड़ा रोकने पर भी जोर

शिक्षा मंत्रालय के इस सर्कुलर में सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक और भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी रोकने पर भी ध्यान दिया गया है. यूनिवर्सिटीज से कहा गया है कि वे भर्ती के दौरान उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यताओं और अनुभव प्रमाण पत्रों का ठीक से वेरिफिकेशन करें. साथ ही, भर्ती से जुड़ा डिजिटल रिकॉर्ड रखें और शिकायतों के निपटारे के लिए मजबूत सिस्टम बनाएं.

पहले जताया गया था विरोध, अब क्या बदला?

दिसंबर 2023 में डीयू ने कर्मचारियों की सोशल मीडिया एक्टिविटी पर नजर रखने के लिए 6 सदस्यीय कमेटी बनाई थी. हालांकि, टीचर्स एसोसिएशन और कर्मचारियों ने इसका विरोध किया था. उनका कहना था कि इससे अभिव्यक्ति की आजादी और एकेडमिक स्वतंत्रता पर हमला होगा. विरोध के चलते इसी साल मई में डीयू ने इस योजना को रोककर कहा था कि पर्सनल सोशल मीडिया अकाउंट्स को मॉनिटर करना प्रैक्टिकल नहीं है. मंत्रालय के लेटर के बाद इसे कंडक्ट रूल्स का हिस्सा बनाने की सलाह दी गई है.

अन्य यूनिवर्सिटीज का इस पर क्या रुख है?

सोशल मीडिया नियमों को लेकर दिल्ली की अलग-अलग यूनिवर्सिटीज का अपना अलग रुख है:
  • JNU: कुलपति शांतिश्री धूलिपुडी पंडित का कहना है कि उनकी यूनिवर्सिटी ने ऐसा कोई नया नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है.
  • IP University: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी ने बताया कि वे सोशल मीडिया के लिए जल्द नई पॉलिसी बनाने की योजना बना रहे हैं और भर्तियों के वेरिफिकेशन का सिस्टम भी फॉलो कर रहे हैं.
  • Ambedkar University: डॉ. बीआर आंबेडकर यूनिवर्सिटी का कहना है कि वे दिल्ली सरकार के conduct rules और समय-समय पर आने वाली हिदायतों का पालन करते हैं.

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Deepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…

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