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Ghaziabad New Township Project: विकास के मामले में नोएडा और गुरुग्राम की मिसाल दी जाती है, लेकिन अब गाजियाबाद में भी एक ऐसा प्रोजेक्ट आगे बढ़ने जा रहा है, जो आने वाले समय में शहर की तस्वीर बदल सकता है. एनएच-9 के पास लंबे समय से अटकी शौर्यापुरम इंटीग्रेटेड टाउनशिप को अब जमीन मिलने का रास्ता साफ हो रहा है.
एनएच-9 के पास 205 एकड़ की टाउनशिप का रास्ता साफ.
गाजियाबाद: जब हम डेवलप सिटी की बात करते है तो सबसे पहले ध्यान में नोएडा गुड़गांव आता है. मगर आने वाले समय में गाजियाबाद इन शहरों को विकास के मामले में टक्कर देता हुआ दिखाई दे तो हैरान मत होना. क्योंकि गाजियाबाद में लंबे सालों से रुके हुए शौर्यापुरम टाउनशिप प्रोजेक्ट की शुरुआत होने वाली है. जिस तरह चाइना और अमेरिका में प्लान करके नया रिहायशी और कारोबारी क्षेत्र (टाउनशिप) बनाया जाता है, बस कुछ उसी तर्ज पर गाजियाबाद में एक नई टाउनशिप बसाने की तैयारी शुरू हो गई है.
बताते चलें गाजियाबाद में NH-9 के पास 205 एकड़ में बनने वाली शौर्यापुरम इंटीग्रेटेड टाउनशिप लंबे सालों से जमीन न मिलने की वजह से अटकी हुई थी, लेकिन अब जमीन का इंतजार खत्म हो गया है. इस टाउनशिप के लिए शाहपुर बम्हेटा गांव की 4.1921 हेक्टेयर जमीन और ली जाएगी. इसके लिए जिला प्रशासन ने जमीन लेने का प्रोसेस शुरू कर दिया है. खुशी की बात यह है जमीन मिलने के बाद टाउनशिप के उस हिस्से को अब बड़ी आसानी से बनाया जा सकेगा जो जमीन की कमी की वजह से अभी तक अटका हुआ है.
जमीन लेने से पहले एसआईए यानी सामाजिक प्रभाव का सर्वे पूरा हो चुका है. इस सर्वे की रिपोर्ट पर 13 अगस्त को सुनवाई होगी. इस दौरान जमीन से जुड़े लोगों की आपत्तियां और सुझाव सुने जाएंगे. इसके बाद प्रशासन इनका निपटारा करेगा और जमीन लेने के लिए एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी.
दो महीने में जमीन लेने का लक्ष्य
प्रशासन ने इस कमेटी को करीब दो महीने में जमीन लेने की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य दिया है. जमीन मिलने के बाद इस हिस्से में टाउनशिप के हिसाब से विकास का काम शुरू हो सकेगा. यहां घर बनाने के लिए जमीन, दुकानों और दूसरे कारोबारी काम के लिए प्लॉट के साथ ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट भी बनाए जाने हैं.
कई साल से अटका है शौर्यापुरम प्रोजेक्ट
शौर्यापुरम टाउनशिप बनाने की योजना नई नहीं है. साल 2005 में कई बिल्डरों को इंटीग्रेटेड टाउनशिप बनाने के लिए लाइसेंस दिए गए थे. बाद में 2014 की टाउनशिप नीति और 2023 की नई टाउनशिप नीति के तहत इस योजना को आगे बढ़ाया गया. लेकिन जमीन समेत दूसरी परेशानियों के चलते प्रोजेक्ट लंबे समय से आगे नहीं बढ़ पा रहा था. अब जीडीए और जिला प्रशासन की ओर से इन अड़चनों को दूर करने की कोशिश की जा रही है.
जीडीए ने बिल्डरों के साथ की बैठक
जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने हाल ही में प्रोजेक्ट से जुड़े बिल्डरों के साथ बैठक की थी. उन्होंने टाउनशिप को बनाने में आ रही परेशानियों के बारे में जानकारी ली और अधिकारियों को इन्हें दूर करने के निर्देश दिए. इसके बाद बची हुई जमीन लेने की प्रक्रिया में तेजी आई है. जीडीए के अपर सचिव प्रदीप कुमार सिंह के मुताबिक, रिपोर्ट मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण की आगे की कार्रवाई की जाएगी. जमीन मिलने के बाद करीब 205 एकड़ में प्रस्तावित शौर्यापुरम टाउनशिप को उसके पूरे प्लान के मुताबिक विकसित करने का रास्ता साफ हो सकेगा. इसमें रहने के लिए घर और ग्रुप हाउसिंग के साथ कारोबार के लिए भी जगह विकसित की जाएगी.
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अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…
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