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नोएडा में सड़क निर्माण और रिसर्फेसिंग के लिए प्राधिकरण की ओर से अलग-अलग सर्किलों में बड़े स्तर पर काम कराया गया. सर्किल-1 से सर्किल-5 के में कुल 150 किमी सड़कों का करीब 500 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए हैं और कई ठेकेदारों व एजेंसियों को अलग-अलग काम सौंपे गए हैं. हालांकि, कई जगह काम में देरी और सड़क का काम समय पर पूरा नहीं होने को लेकर ठेकेदारों की ओर से पश्चिमी एशिया यानी गल्फ देशों में संकट के कारण तारकोल और बिटुमिन की आपूर्ति प्रभावित होने तथा कच्चे माल की कमी का हवाला दे दिया था.
सुमित: ठेकेदारों की मक्कारी और नोएडा प्राधिकरण की लापरवाही की वजह से सड़को पर धूल और उखड़ी पड़ी गिट्टी के कारण वाहन चालक हादसों में चोटिल हो रहे हैं. करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई और रिसर्फेस की गई सड़कों की गुणवत्ता पर अब सवाल उठने लगे हैं. कई प्रमुख सड़कों पर निर्माण के कुछ ही समय बाद गड्ढे, उखड़ी गिट्टी और धूल की समस्या सामने आ रही है. सेक्टर-18 से सेक्टर-37 तक जाने वाले मुख्य मार्ग पर सड़क की हालत खराब होने से बाइक और ई-रिक्शा चालकों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है. सड़क पर जगह-जगह बिखरी गिट्टी और उड़ती धूल के कारण वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ रहा है. सेक्टर 18 से सेक्टर-37 से और सेक्टर-51 तक, सेक्टर-49 से 12/22 चौकी तक और सेक्टर-31 सामने वाली सड़क की स्थिति बेहद खराब है.
500 करोड़ का था टेंडर मुख्य सड़कें पर धूल और उखड़ी हुई गिट्टी
आपको बता दें कि नोएडा में सड़क निर्माण और रिसर्फेसिंग के लिए प्राधिकरण की ओर से अलग-अलग सर्किलों में बड़े स्तर पर काम कराया गया. सर्किल-1 से सर्किल-5 के में कुल 150 किमी सड़कों का करीब 500 करोड़ रुपये के टेंडर जारी किए गए हैं और कई ठेकेदारों व एजेंसियों को अलग-अलग काम सौंपे गए हैं. हालांकि, कई जगह काम में देरी और सड़क का काम समय पर पूरा नहीं होने को लेकर ठेकेदारों की ओर से पश्चिमी एशिया यानी गल्फ देशों में संकट के कारण तारकोल और बिटुमिन की आपूर्ति प्रभावित होने तथा कच्चे माल की कमी का हवाला दे दिया था. इसके बावजूद शहर की कई प्रमुख सड़कों की हालत अभी भी खराब है. स्टेडियम चौक से सेक्टर 49 तक सड़क आपको बेहद खराब मिलेगी.
2022 से अबतक सभी टेंडर के जांच के आदेश
सड़कों की लगातार खराब होती स्थिति को लेकर अब नोएडा प्राधिकरण ने जांच कराने का फैसला लिया है. सीईओ कृष्णा करुणेश ने वर्ष 2022 से अब तक सड़क निर्माण और रिसर्फेसिंग से जुड़े सभी टेंडरों की जांच के निर्देश दिए हैं. जांच में यह देखा जाएगा कि सड़क निर्माण में तय मानकों का पालन हुआ या नहीं और सड़क निर्धारित अवधि तक क्यों नहीं टिक सकी. सीईओ ने स्पष्ट किया है कि जांच में यदि किसी ठेकेदार की गलती सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और ऐसे ठेकेदार को नोएडा में आगे काम नहीं दिया जाएगा. जरूरत पड़ने पर संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा. वहीं, किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
चार साल छोड़िये 40 दिन नहीं चला पैचवर्क
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक सड़क निर्माण और रिसर्फेसिंग के टेंडर में सड़क की गुणवत्ता के साथ उसकी निर्धारित अवधि तक टिकाऊ रहने की शर्त भी शामिल होती है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि किसी सड़क को चार साल तक खराब नहीं होना चाहिए और वह इससे पहले ही टूटने लगे तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी. जांच के दौरान टेंडर की शर्तों के अलावा सड़क निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, निर्माण की गुणवत्ता, सड़क बनने के बाद उसके रखरखाव और ठेकेदारों को किए गए भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी. इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि सड़क की खराब स्थिति निर्माण के दौरान गुणवत्ता में कमी के कारण हुई या बाद में रखरखाव में लापरवाही के चलते सड़क खराब हुई.
इन सड़कों की हालत बेहद खस्ता
हर साल नोएडा में सड़कों की मरम्मत और रिसर्फेसिंग पर सैकड़ो करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई सड़कें कुछ ही वर्षों में खराब हो रही हैं. इस साल भी करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों की रिसर्फेसिंग के टेंडर जारी किए गए हैं. उसके बाद की स्थिति नोएडा वासियों के सामने हैं. सेक्टर 18 से सेक्टर-37 से और सेक्टर-51 तक, सेक्टर-49 से 12/22 चौकी तक और सेक्टर-31 के सामने वाली सड़क की स्थिति बेहद खराब है. वही बॉटेनिकल मेट्रो स्टेशन सामने वाली मुख्य सड़क पर आए दिन आपको हादसे देखने को मिलेगें. और सेक्टर-5 पानी की टंकी के पास और सेक्टर-62 समेत कई स्थानों पर सड़कें टूटने लगी हैं. ARTO ऑफिस के सामने करीब 20 दिन पहले पैचवर्क किया जो पूरी तरह उखड़ गया है और गहरे गहरे गड्ढे हो गए हैं.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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