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कॉकरोच जनता पार्टी ने अब BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा का इस्तीफा मांगा है. नालसर यूनिवर्सिटी छात्रों के विरोध पर BCI के आदेश को CJI सूर्यकांत ने भी गलत बताया. सुप्रीम कोर्ट ने BCI से जवाब मांगा है. इसी के बाद सीजेपी के सौरव दास ने कहा कि मनन मिश्रा को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए.
कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास ने मांगा बीसीआई चेयरमैन का इस्तीफा.
जंतर-मंतर पर आंदोलन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगने वाली कॉकरोच जनता पार्टी ने अब बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन का इस्तीफा मांगा है. सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने शुक्रवार को साफ कहा कि बीसीआई के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा को नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए.
बता दें कि मनन कुमार मिश्रा को लेकर यह विवाद नालसर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों के विरोध से शुरू हुआ है. कुछ दिन पहले ही छात्रों ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनाने का विरोध किया था. छात्रों की आपत्ति CJI की उन टिप्पणियों पर थी जो उन्होंने जंतर मंतर पर पुलिस कार्रवाई से जुड़े मामले में की थीं.
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के अनुसार इस विरोध के तुरंत बाद BCI ने खुद से संज्ञान लेकर आदेश जारी कर कहा कि 2026 के नालसर ग्रेजुएट्स को वकील के रूप में रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा. इस आदेश से सैकड़ों छात्रों के भविष्य पर लटकी तलवार की खबर आग की तरह फैल गई. इसके साथ ही बीसीआई ने यूनिवर्सिटी से उन छात्रों की लिस्ट मांगी जिन्होंने इस विरोध का नेतृत्व किया. हालांकि कुछ घंटों बाद सोशल मीडिया पर मचे बवाल और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के विरोध के बाद BCI ने अपना आदेश वापस ले लिया.
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई जिसमें मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने BCI की कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, “BCI को इसमें दखल देने का कोई हक नहीं था. छात्रों को शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है.हम इसे रोकने नहीं देंगे.”
इसके साथ ही CJI ने BCI और सभी स्टेट बार काउंसिल्स को निर्देश दिया कि वे किसी भी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के छात्रों या फैकल्टी के खिलाफ कोई सजा या आपराधिक कार्रवाई न करें. कोर्ट ने BCI से दो हफ्ते में जवाब दाखिल करने को भी कहा.
वरिष्ठ वकील के. परमेश्वर ने दलील दी कि BCI को यूनिवर्सिटी के अंदरूनी मामलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है. यह छात्रों के अभिव्यक्ति की आजादी के अधिकार का उल्लंघन है.
CJI ने साफ कहा कि छात्रों ने उन्हें पत्र लिखा है और यह मामला उनके और छात्रों के बीच है. BCI का इसमें दखल बिल्कुल गैर जरूरी थी.
CJP ने BCI की इस कार्रवाई को गंभीर बताते हुए अब चेयरमैन से इस्तीफे की मांग की है. पूरा मामला अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …
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