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Hospital Room Rent Charges News : हेल्थकेयर को किफायती बनाने के लिए संसदीय स्थायी समिति ने प्राइवेट अस्पतालों के कमरे के किराए को लेकर बड़ी सिफारिश की है. समिति के मुताबिक बड़े शहरों में अस्पताल के बेसिक कमरे का किराया आसपास के थ्री-स्टार होटल के औसत किराए से ज्यादा नहीं होना चाहिए. हालांकि, यूपी के कई जिलों की जब हकीकत सामने आई तो हर कोई हैरान था.
अस्पतालों के कमरे के चार्जेस की ग्राउंड रिपोर्टिंग. (सांकेतिक तस्वीर)
वाराणसी : समाजवादी पार्टी के राज्य सभा सदस्य प्रो. राम गोपाल यादव की अध्यक्षता वाली स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की संसदीय स्थायी समिति ने अपना रिपोर्ट पिछले हफ्ते पेश किया. इस रिपोर्ट में स्वास्थ्य और इलाज को लेकर कई चौकाने वाले आंकड़े दिए गए हैं और सिफारिशें की गई हैं. इन्हीं में से एक सिफारिश अस्पतालों के कमरों के किराए को लेकर है कि किसी शहर के अस्पताल के कमरों का अधिकतम किराया उस इलाके में स्थित किसी तीन सितारा होटल के कमरे के किराए जितना ही होना चाहिए. समिति का कहना था कि प्राइवेट अस्पतालों में इलाज सरकारी अस्पतालों की तुलना में पांच से 10 गुना तक महंगा है. जब इस बारे में न्यूज 18 ने पड़ताल की तो पता चला कि भईया यूपी के कई अस्पतालों के कमरे का किराया तो 3 स्टार होटल के रूम को भी पीछे छोड़ रहा है. आइए जानते हैं पूरा मामला.
निजी अस्पतालों में इलाज के बढ़ते खर्च को कम करने के लिए संसद की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण संबंधी स्थायी समिति ने जो सिफारिशें की हैं. उसके मुताबिक वाराणसी के कई अस्पतालों में कमरे का किराया 3 स्टार होटल के किराए से ज्यादा है. वाराणसी में अधिकतर 3 स्टार होटल कैंटोनमेंट इलाके में है. कैंटोनमेंट में अधिकतर थ्री स्टार होटलों का कम से कम 5000 रुपये है. कहीं तो इससे भी कई ज्यादा. त्योहारी सीजन में ये किराया बढ़ भी जाता है.
वहीं, अगर वाराणसी के बड़े मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल की बात करें तो अधिकतर जगह प्राइवेट रूम का पांच हजार रुपये है. लंका, सिगरा, महमूरगंज, ककरमत्ता पुल, चितईपुर और भोजूवीर इलाके के मल्टी स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में कमोवेश यही हाल है. आईसीयू का बेड चार्ज 7500 रुपये जबकि HDU, PICU का भी बेड चार्ज 5700 रुपये के करीब है. इसमें डॉक्टर, बेड चार्ज, नर्सिंग आदि शामिल है. दवा और जांच समेत दूसरे डॉक्टर की विजिट चार्ज अलग से देने पड़ेंगे. इस लिहाज से अस्पताल में रूम का खर्च होटल से ज्यादा है.
गाजियाबाद का हाल भी बुरा
दिल्ली एनसीआर सहित गाजियाबाद में मरीज इलाज करने के लिए अस्पतालों में आते हैं या यूं कहां जाए की मेट्रो सिटी के भीतर जो मरीज अपना इलाज कराने के लिए आते हैं उन्हें अस्पतालों में बेहद ही महंगा कमरा मिलता है. ऐसे में संसद की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी समिति ने एक सिफारिश की है कि किसी भी अस्पताल का कमरा 3 स्टार होटल से महंगा अस्पताल में नहीं मिलना चाहिए. हालांकि, जब इस बारे में न्यूज 18 की टीम ने जानकारी जुटाई की तो गाजियाबाद में जहां 3 और 5 स्टार होटल के कमरे 5300 से लेकर 28700 तक है. वहीं निजी अस्पताल के अंदर 3500 से शुरू होकर 25000 रुपये तक है. यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि अस्पतालों को भी आज के समय में मोबिलाइज किया जा चुका है और अस्पतालों में सुविधाओं के नाम पर एक मोटी रकम मरीज के तिमादारों से वसूली जाती है. (इनपुट- अमित राणा)
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Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …
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