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Fateh Chand Kachori Delhi: दिल्ली के सिविल लाइन्स इलाके की फतेह चंद कचौड़ी करीब 1952 से अपने पुराने देसी स्वाद के लिए जानी जाती है. छोटी शुरुआत से शुरू हुई यह दुकान आज कचौड़ी पसंद करने वालों के बीच अपनी पहचान बना चुकी है. यहां कुरकुरी कचौड़ी के साथ मसालेदार मटर और छोले परोसे जाते हैं. ऊपर से चटनी, प्याज और हरा धनिया स्वाद को और खास बनाते हैं. मौजूदा जानकारी के मुताबिक एक प्लेट कचौड़ी की कीमत करीब 50 रुपये है, हालांकि कीमत बदल सकती है. पुराने स्वाद और सालों पुरानी पहचान की वजह से आज भी लोग यहां पहुंचते हैं.
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कचौड़ी खाने वालों की कमी नहीं है. सुबह के नाश्ते की बात हो या शाम की हल्की भूख. गरमा-गरम कचौड़ी देखकर शायद ही कोई खुद को रोक पाए. दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कई जगहों पर कचौड़ी मिलती है. लेकिन सिविल लाइन्स की फतेह चंद कचौड़ी की कहानी कुछ अलग है. इस दुकान की शुरुआत आज से नहीं, बल्कि साल 1952 में हुई थी. इतने वर्षों के बाद भी यहां के स्वाद में पुराना देसी अंदाज देखने को मिलता है. यही वजह है कि आज भी लोग यहां कचौड़ी खाने के लिए पहुंचते हैं.
छोटी शुरुआत से बना बड़ा नाम
बताया जाता है कि फतेह चंद ने बेहद छोटे स्तर से कचौड़ी बेचने का काम शुरू किया था. शुरुआत भले ही छोटी थी. लेकिन कचौड़ी का स्वाद लोगों को पसंद आने लगा. धीरे-धीरे दुकान की पहचान बढ़ती गई. समय के साथ इस जगह ने सिविल लाइन्स में अपनी अलग पहचान बना ली. आज यह इलाका दिल्ली के पुराने और पसंद किए जाने वाले कचौड़ी ठिकानों में गिना जाता है. यहां आने वाले लोगों के लिए कचौड़ी सिर्फ एक नाश्ता नहीं है. इसके साथ कई वर्षों पुरानी कहानी भी जुड़ी हुई है.
आखिर कचौड़ी में ऐसा क्या है खास?
अब सवाल यह है कि आखिर यहां की कचौड़ी में ऐसा क्या खास है, जो लोगों को बार-बार यहां खींच लाता है. यहां मिलने वाली कचौड़ी बाहर से कुरकुरी होती है. अंदर से इसमें स्वादिष्ट भरावन का स्वाद मिलता है. कचौड़ी के साथ मटर और छोले परोसे जाते हैं. इनमें इस्तेमाल होने वाले मसालों का स्वाद काफी खास बताया जाता है. इसके ऊपर चटनी, प्याज और हरा धनिया डालकर परोसा जाता है. कचौड़ी के साथ मसालेदार मटर, छोले और चटनी का यह मेल इसके स्वाद को और बढ़ा देता है. यही देसी कॉम्बिनेशन इसे आम कचौड़ी से थोड़ा अलग बनाता है. गरमा-गरम कचौड़ी और मसालेदार सब्जी का स्वाद दिल्ली के पुराने स्ट्रीट फूड की याद दिलाता है.
करीब 50 रुपये में भरपूर स्वाद
अगर कीमत की बात करें तो मौजूदा जानकारी के मुताबिक यहां कचौड़ी की एक प्लेट करीब 50 रुपये में मिलती है. यानी बहुत ज्यादा पैसे खर्च किए बिना दिल्ली के इस पुराने स्वाद का आनंद लिया जा सकता है. हालांकि, खाने की कीमत समय के साथ बदल सकती है. इसलिए दुकान पर पहुंचने के बाद एक बार मौजूदा कीमत जरूर पूछ लें. इसके बाद आप गरमा-गरम कचौड़ी के साथ मटर और छोले का स्वाद ले सकते हैं.
आज भी क्यों पहुंचते हैं लोग?
फतेह चंद कचौड़ी की सबसे बड़ी खासियत सिर्फ इसका स्वाद नहीं है. यहां पहुंचने वाले लोगों को पुराने दिल्ली के खाने का एहसास भी मिलता है. यही अनुभव इस जगह को खास बनाता है. आज दिल्ली में कई नई फूड शॉप और कैफे खुल चुके हैं. खाने के लिए लोगों के पास कई तरह के विकल्प मौजूद हैं. इसके बावजूद पुरानी दुकानों की अपनी अलग पहचान बनी हुई है. ऐसी दुकानों में लोगों को सिर्फ खाना नहीं मिलता. इनके साथ वर्षों पुरानी यादें और स्थानीय स्वाद भी जुड़े होते हैं. फतेह चंद कचौड़ी भी इसी वजह से लोगों के बीच अपनी पहचान बनाए हुए है.
सिविल लाइन्स जाएं तो जरूर चखें
अगर आप सिविल लाइन्स की तरफ जा रहे हैं और कुछ ऐसा खाना चाहते हैं, जो स्वादिष्ट होने के साथ दिल्ली के पुराने खान-पान की याद भी दिलाए, तो फतेह चंद की कचौड़ी ट्राय कर सकते हैं. एक प्लेट गरमा-गरम कचौड़ी. साथ में मसालेदार मटर और छोले. ऊपर से चटनी, प्याज और हरा धनिया. यह पूरा कॉम्बिनेशन दिल्ली के देसी स्ट्रीट फूड का अलग अनुभव देता है.
पुरानी दुकानों की लोकप्रियता
यही कारण है कि 1952 से चली आ रही इस दुकान का पुराना स्वाद आज भी लोगों को अपनी ओर खींचता है. यही वजह है कि नई-नई फूड शॉप और कैफे के दौर में भी ऐसी पुरानी दुकानों की लोकप्रियता बनी हुई है. अगर आपको पुराने दिल्ली के देसी स्वाद का अनुभव लेना है, तो सिविल लाइन्स की यह कचौड़ी एक बार जरूर ट्राय की जा सकती है.
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न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…
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