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Noida Property Rate : नोएडा में नौकरी करने वाले लोअर मिडिल क्लास और मिडिल क्लास के लिए अपना घर खरीदना कभी न पूरा होने वाला सपना बनता जा रहा है. जिनकी मासिक सैलरी 50 हजार रुपये से कम है, उनके लिए तो किराए का अच्छा फ्लैट भी लेना बजट के बाहर है. मयंक सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि यहां सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिनकी मासिक आय 30 से 35 हजार रुपये है. अगर कोई परिवार थोड़ा बेहतर फ्लैट, बेहतर सोसायटी या सुविधाजनक लोकेशन चाहता है तो किराया 30 हजार रुपये से ऊपर पहुंच जाता है. अरुण मौर्या का कहना है कि नोएडा की अच्छी सोसायटियों में फ्लैट की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि 1 से 1.5 करोड़ रुपये का बजट लेकर जाने पर भी पसंद और जरूरत के मुताबिक घर मिलना आसान नहीं है.
नोएडा. दिल्ली से सटे नोएडा में नौकरी करने वाले लोअर मिडिल क्लास और मिडिल क्लास युवाओं के लिए अपना घर खरीदना लगातार मुश्किल होता जा रहा है. शहर में रहने वाले कई ऐसे युवाओं से बातचीत में सामने आया कि वे दूसरे शहरों और राज्यों से आकर नोएडा में किराए पर रह रहे हैं और अलग-अलग सेक्टर में नौकरी करते हैं. इनमें बड़ी संख्या ऐसे युवाओं की है, जिनकी मासिक सैलरी 50 हजार रुपये से कम है. उनका कहना है कि पिछले चार-पांच वर्षों में किराए और प्रॉपर्टी की कीमतों में जिस तेजी से बढ़ोतरी हुई है, उसने घर खरीदने का सपना काफी दूर कर दिया है. नौकरी और कमाई होने के बावजूद बचत करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है.
1BHK मिल रहा 15 हजार से ऊपर
आदित्य प्रताप और मयंक सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि यहां सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है, जिनकी मासिक आय 30 से 35 हजार रुपये है. नोएडा में किसी ठीक-ठाक इलाके में परिवार के साथ रहने के लिए भी अब कम से कम 15 से 20 हजार रुपये किराया खर्च करना पड़ सकता है. यह भी आमतौर पर छोटे 1 बीएचके या सीमित सुविधाओं वाले घर के लिए है. अगर कोई परिवार थोड़ा बेहतर फ्लैट, बेहतर सोसायटी या सुविधाजनक लोकेशन चाहता है तो किराया 30 हजार रुपये से ऊपर पहुंच जाता है. ऐसे में 30-40 हजार रुपये की मासिक आय वाले व्यक्ति के सामने सवाल खड़ा हो जाता है कि किराए के बाद घर का राशन, बच्चों की पढ़ाई, आने-जाने का खर्च, बिजली-पानी और दूसरी जरूरतें कैसे पूरी हों और भविष्य के लिए बचत कैसे की जाए.
अपना आशियाना तो और ज्यादा मुश्किल
अरुण मौर्या ने बताया कि यहां घर खरीदने की बात करें तो स्थिति और मुश्किल नजर आती है. नोएडा की अच्छी सोसायटियों में फ्लैट की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि 1 से 1.5 करोड़ रुपये का बजट लेकर जाने पर भी पसंद और जरूरत के मुताबिक घर मिलना आसान नहीं है. अगर कोई व्यक्ति सेक्टर में प्लॉट लेकर अपना घर बनाना चाहता है तो जमीन की कीमत ही करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती है. सुविधाजनक सेक्टरों में प्लॉट की कीमत 2-3 करोड़ या उससे अधिक होने की बात सामने आती है. इसके बाद मकान निर्माण में अलग से बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है. ऐसे में सामान्य नौकरीपेशा परिवार के लिए यह पूरा खर्च उसकी वर्षों की कमाई और बचत से भी बाहर नजर आता है.
जिसका जो मन…वसूल रहा किराया
रिक्की जॉन्सन की माने तो नोएडा में रोजगार के अवसर जरूर हैं, बढ़ती आय के मुकाबले रहने की लागत और प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी से बढ़ोतरी चिंता का विषय है. यहां किरायेदारी में मौका परस्ती बहुत है, कोई कहीं निर्धारित रेट नहीं है, जिसको जैसा मौका मिल रहा है बाहर के आदमी को किराए के नाम पर लूट रहा है. ऐसे परिवार और युवा जो 30 से 50 हजार रुपये महीने तक कमाते हैं, उनके लिए किराया चुकाने के बाद पर्याप्त बचत कर पाना मुश्किल हो रहा है. दूसरी ओर घर खरीदने के लिए जरूरी डाउन पेमेंट और करोड़ों रुपये की कीमत उनकी पहुंच से बाहर है. ऐसे में नोएडा में रहने वाले लोअर मिडिल क्लास और मिडिल क्लास के युवाओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि नौकरी और कमाई के बावजूद आखिर अपना घर कब और कैसे खरीद पाएंगे.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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