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नोएडा प्राधिकरण की नई इमारत बाहर से ही अपनी आधुनिक डिजाइन और आकर्षक वास्तुकला के कारण लोगों का ध्यान खींचती है. उत्तर प्रदेश की सरकारी इमारतों में इस तरह का डिजाइन कही भी देखने को नहीं मिलता है. रात और दिन दोनों समय इसकी खूबसूरती अलग ही नजर आती है. नोएडा ग्रेनो एक्सप्रेस वे की तरफ से देखने पर ये बिल्डिंग आपको अपनी ओर आकर्षित करती है.
नोएडा प्राधिकरण की नई इमारत बाहर से ही अपनी आधुनिक डिजाइन और आकर्षक वास्तुकला के कारण लोगों का ध्यान खींचती है. उत्तर प्रदेश की सरकारी इमारतों में इस तरह का डिजाइन कही भी देखने को नहीं मिलता है. रात और दिन दोनों समय इसकी खूबसूरती अलग ही नजर आती है. नोएडा ग्रेनो एक्सप्रेस वे की तरफ से देखने पर ये बिल्डिंग आपको अपनी ओर आकर्षित करती है.
भवन के पीछे की ओर बने बड़े और आधुनिक रिसेप्शन परिसर में आने वाले लोग आसानी से पूछताछ कर सकते हैं. यहां से विभिन्न विभागों, अधिकारियों और जरूरी कार्यों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे लोगों को भटकना नहीं पड़ता. इस बोर्ड पर पढ़कर उस ऑफिस में आसानी से पहुंच जाएंगे जिस अधिकारी से आपको मिलना है या अपना काम करवाना है.
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) का कार्यालय छठी मंजिल पर बनाया गया है. आधुनिक इंटीरियर, स्मार्ट मीटिंग स्पेस, डिजिटल सुविधाएं और सुव्यवस्थित कार्य वातावरण इस कार्यालय को खास बनाते हैं. यहीं से शहर के विकास, आधारभूत ढांचे और महत्वपूर्ण परियोजनाओं से जुड़े बड़े फैसले लिए जाएंगे. आधुनिक डिजाइन इसे किसी कॉर्पोरेट कार्यालय जैसा आकर्षक लुक देती है.
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प्रथम तल पर बनाए गए जनसुनवाई केंद्र में आम नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे अधिकारियों के सामने रख सकते हैं. यहां लोगों के बैठने की बेहतर व्यवस्था, डिजिटल सुविधा और सुनियोजित ढंग से एक बड़ी राउंड टेबल और उसपर सभी अधिकारियों की चेयर सेट की है है. इस केंद्र का मकशद प्रत्येक शिकायत को समयबद्ध तरीके से सुनकर उसका प्रभावी निस्तारण किया जा सके.
ग्राउंड फ्लोर पर बनाया गया आधुनिक ऑडिटोरियम भवन की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है. यहां करीब 400 लोगों के बैठने की क्षमता है. सेमिनार, सरकारी बैठकें, प्रशिक्षण कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन और महत्वपूर्ण सम्मेलनों के लिए इसे अत्याधुनिक ऑडियो-वीडियो सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है.
ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक प्राधिकरण के विभिन्न विभागों और अधिकारियों के कार्यालय बनाए गए हैं. इससे नागरिकों को अलग-अलग भवनों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. प्रत्येक मंजिल पर सुव्यवस्थित कार्यालय, आधुनिक कार्यस्थल और कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे प्रशासनिक कार्य तेजी से हो सकें.
भवन की सातवीं मंजिल पर नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) दीपक कुमार का कार्यालय बनाया गया है. यह भवन का सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालय माना जाता है, जहां से शहर के विकास, निवेश और बड़ी परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाते हैं.
ऊंचाई से देखने पर नोएडा प्राधिकरण की यह नई इमारत और भी भव्य दिखाई देती है. आधुनिक डिजाइन वाला पार्क, संतुलित संरचना और विशाल परिसर इसे अन्य सरकारी भवनों से अलग पहचान देते हैं. सामने से देखने पर पूरा भवन किसी कॉर्पोरेट मुख्यालय जैसा आधुनिक और आकर्षक नजर आता है.
प्राधिकरण ने भवन के अंदर और आसपास हरियाली को भी विशेष महत्व दिया है. परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे, सजावटी फूल और सुंदर लैंडस्केपिंग की गई है. इससे न केवल भवन की सुंदरता बढ़ी है बल्कि कर्मचारियों और आने वाले लोगों के लिए भी सकारात्मक और प्राकृतिक वातावरण तैयार हुआ है
ग्राउंड फ्लोर पर लगाए गए सूचना बोर्ड नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी साबित होंगे. इन बोर्डों पर भवन की प्रत्येक मंजिल, संबंधित विभाग और अधिकारियों के कार्यालय की पूरी जानकारी दी गई है. इससे लोगों को बार-बार पूछताछ नहीं करनी पड़ेगी और वे आसानी से अपने संबंधित अधिकारी या विभाग तक पहुंच सकेंगे. और सम्बंधित अधिकारी से आसानी से मिल सकते है.
बिल्डिंग में वैसे तो कुल 11 लिफ्ट अलग हर फ्लोर के लिए लगाई गई है, लेकिन अगर किसी एमजेंसी में सीढ़ियों का उपयोग करना पड़े तो इसे बेहतर और ज्यादा जगह में डिजाइन किया गया, बाहर से देखने पर इस हिस्से को आप जज नहीं कर पाएंगे कि ये हर फ्लोर को कनेक्ट करने वाली सीढ़ियां है.
