नोएडा: 10 साल की मेहनत लाई रंग, सेक्टर 137 की पैरामाउंट फ्लोरा विले सोसाइटी बनी मिसाल, हरियाली और सुरक्षा में अव्वल

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Noida News: सामूहिक संकल्प और अथक प्रयासों से कैसे किसी बदहाल इलाके की तस्वीर बदली जा सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण नोएडा का सेक्टर 137 स्थित पैरामाउंट फ्लोरा विले सोसाइटी पेश कर रहा है. दस साल पहले बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा की कमी और गंदगी से जूझने वाला यह इलाका आज निवासियों की जागरूकता और एकजुटता के दम पर हरियाली, स्वच्छता और सुरक्षा की मिसाल बन चुका है.

Noida News: नोएडा के सेक्टर 137 स्थित पैरामाउंट फ्लोरा विले सोसाइटी निवासी प्रीति शर्मा और अन्य सोसाइटी निवासियों से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि आज से 10 साल पहले सेक्टर 137 की बात करें तो बहुत ज्यादा गंदगी, उखड़ी सड़कें और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में हम लोग जीने को मजबूर थे. लेकिन फिर हमने कई तरह की ड्राइव चलाकर अभियान शुरू किया और नतीजा आज सबके सामने है. हमारे साथ सोसाइटी के सदस्य, बच्चे, युवा और महिलाएं जुड़ी हैं. स्कूल के बच्चों और एनजीओ के बच्चों को बुलाकर हम यहां ड्राइव चलवाते रहते हैं, प्लांटेशन करते हैं. उसी का नतीजा यह है कि आज हमारी सोसाइटी बेस्ट सोसाइटी में शुमार है और यहां बहुत ज्यादा ग्रीनरी तथा बेहतर माहौल है.

सोसाइटी के आसपास जीरो टॉलरेंस और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत
हमने सोसाइटी में वेटलैंड को भी डेवलप किया है, जहां कभी गंदगी का अंबार रहता था. वहीं पूजा लोहिया ने बताया कि यहां पहले थाना नहीं था, जिसके कारण पुलिस पेट्रोलिंग कम और क्राइम ज्यादा था. अब एक नया थाना बना, जिसके कारण जीरो टॉलरेंस है और सोसाइटी के आसपास आपको कोई एंक्रोचमेंट (अतिक्रमण) नहीं मिलेगा. सोसाइटी के आसपास वॉटर कूलर हम लोगों ने लगाए हैं ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके. आपको इस एरिया में ज्यादातर कोई शिकायत करता हुआ नहीं मिलेगा, क्योंकि हम खुद मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाते हैं.

निवासियों के एकजुट प्रयासों से टॉप लिस्ट में शामिल हुआ सेक्टर
वहीं इस सोसाइटी निवासी अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि नोएडा में हमारा सेक्टर और सोसाइटी टॉप वाली लिस्ट में आती है. इसका कारण हम सबका एफर्ट (प्रयास) है, जो सब तन-मन-धन से अपने सेक्टर और सोसाइटी के लिए लगे रहते हैं. किसी भी तरह की हमें ड्राइव चलानी हो, तो उसके लिए कोई निश्चित समय नहीं देखा जाता; जब जरूरत पड़ती है, तब हम अपने सेक्टर और सोसाइटी के लिए निकल पड़ते हैं. इनका कहना है कि अथॉरिटी और पुलिस काम करती है, सहयोग हमारा रहता है और हम उन्हें पुश करते रहते हैं. हालांकि शासन-प्रशासन से शिकायत तो हर शख्स को होती है, लेकिन भागीदारी अगर बढ़ जाए तो उसके मायने बेहतरीन होते हैं.

दूसरे सेक्टरों के लिए प्रेरणा बनी पहल, डंपिंग यार्ड की जगह लहलहा रही हरियाली
इतना ही नहीं, हमारे काम और संकल्प से प्रेरित होकर लोग अलग-अलग सेक्टर और सोसाइटी में अब आगे आने लगे हैं. सोसाइटी में हम सब बाहर के लोग हैं और यहां अपनी आजीविका चलाने के लिए जॉब करते हैं, लेकिन जॉब के साथ-साथ जब हमें मौका मिलता है, तो हम समाज के लिए भी काम करने में जुट जाते हैं. अच्छी बात यह है कि सोसाइटी के बगल में प्राधिकरण ने दो बड़े पार्क विकसित किए हैं, जिनमें एक मेडिसिनल पार्क है जबकि दूसरा बायोडायवर्सिटी पार्क है. सोसाइटी के पास एक समय वह था जब यहां एक बड़ा डंपिंग यार्ड बना हुआ था और गंदगी-बदबू के अलावा कुछ नहीं दिखाई देता था, लेकिन आज उसी जगह पर आपको सिर्फ हरियाली मिलेगी. यह सब यहां के लोगों की जागरूकता की ही देन है.

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Rahul Goel

Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…

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