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Ghaziabad Pet Cremator : गाजियाबाद नगर निगम ने कुत्तों के लिए एक अनोखा फैसला लिया है. इसके तहत आवारा और पालतू दोनों तरह के कुत्तों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार किया जाएगा. गाजियाबाद नगर निगम के पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुज लोकल 18 से बताते हैं कि इसमें आधुनिक और पर्यावरणीय तरीके से पशुओं का अंतिम संस्कार किया जाएगा. शहर में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो अपने पालतू कुत्तों को परिवार के सदस्य की तरह मानते हैं. अक्सर मृत पशुओं को खुले में छोड़ देने से दुर्गंध, संक्रमण और प्रदूषण की समस्या पैदा होती है. नया पेट क्रिमिनेटर शुरू होने के बाद ऐसी समस्याओं पर भी रोक लगेगी.
गाजियाबाद. यूपी के गाजियाबाद में सड़क किनारे या खाली स्थानों पर मृत पड़े कुत्तों को फेंकने की मजबूरी अब खत्म होने वाली है. शहर में अब आवारा कुत्तों का भी सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जा सकेगा. गाजियाबाद नगर निगम पीपीपी मोड पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत से नया पेट क्रिमिनेटर तैयार कराने जा रहा है. आवारा कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा. पालतू कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए निर्धारित शुल्क देना होगा, जिसकी राशि अभी निगम ने तय नहीं की है. निगम के मुताबिक, अगले तीन महीने में यह सुविधा शुरू होने की उम्मीद है.
गाजियाबाद नगर निगम के पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुज ने बताया कि शहर में छोटे पशुओं के अंतिम संस्कार के लिए पेट क्रिमिनेटर की सुविधा पहले से चली आ रही है, लेकिन अब निगम इसे और व्यवस्थित और व्यापक रूप देने जा रहा है. इसके लिए पीपीपी मोड पर टेंडर किया गया है और करीब एक करोड़ रुपये की लागत से नया क्रिमिनेटर बनाया जाएगा. इसमें आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तरीके से पशुओं का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
ले जा सकेंगे राख
नगर निगम की इस पहल का सबसे बड़ा फायदा आवारा कुत्तों के मामले में होगा. सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर किसी कुत्ते की मौत होने पर उसे इधर-उधर फेंकने के बजाय निगम की व्यवस्था के तहत उसका निशुल्क अंतिम संस्कार कराया जा सकेगा. अगर कोई पशुप्रेमी किसी आवारा कुत्ते का पूरे विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराना चाहता है तो अंतिम संस्कार के बाद उसकी राख भी अपने साथ ले जा सकेगा. शहर में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो अपने पालतू कुत्तों को परिवार के सदस्य की तरह मानते हैं. ऐसे परिवारों के लिए भी यह सुविधा काफी राहत देने वाली होगी. पालतू कुत्ते की मौत के बाद उसके सम्मानजनक अंतिम संस्कार की चिंता करने वाले लोगों को अब एक व्यवस्थित विकल्प मिलेगा. इसके लिए निगम की ओर से मामूली शुल्क निर्धारित किया जाएगा. हालांकि अभी शुल्क तय नहीं हुआ है.
कब हो जाएगा तैयार
नगर निगम का कहना है कि इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य पशुओं के अंतिम संस्कार को सम्मानजनक बनाने के साथ पर्यावरण को भी सुरक्षित रखना है. अक्सर मृत पशुओं को खुले में छोड़ देने से दुर्गंध, संक्रमण और प्रदूषण की समस्या पैदा होती है. नया पेट क्रिमिनेटर शुरू होने के बाद ऐसी समस्याओं पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी. निगम के अनुसार अगले तीन महीने में क्रिमिनेटर तैयार होने के बाद गाजियाबाद में पालतू और आवारा दोनों कुत्तों के अंतिम संस्कार के लिए बेहतर और सम्मानजनक सुविधा उपलब्ध हो जाएगी.
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प्रियांशु को एक दशक से ज्यादा हो गए पत्रकारिता में. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी कर अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. यहां लंबे समय तक हरिया…
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