161 चोरी की बाइक-स्कूटी बरामद, 103 आरोपी गिरफ्तार; रोहिणी में दिल्ली पुलिस का 'ऑपरेशन चक्रव्यूह'

नई दिल्ली. वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और चोरी के वाहनों की बरामदगी के लिए रोहिणी जिले में 18 अगस्त 2026 से 21 अगस्त 2026 तक ‘ऑपरेशन छापामारी चक्रव्यूह’ चलाया गया. अभियान का मुख्य उद्देश्य गहन जांच, वाहनों के सत्यापन और संदिग्ध वाहनों व व्यक्तियों की पहचान के जरिए चोरी के वाहनों का पता लगाना और उन्हें बरामद करना था.

यह विशेष अभियान डीसीपी/रोहिणी शशांक जायसवाल के नेतृत्व में, अतिरिक्त डीसीपी-I/रोहिणी सतीश कुमार की सहायता तथा जेसीपी/एनआर विजय सिंह के निर्देशन और स्पेशल सीपी/एल एंड ओ (जोन-I) देवेश चंद्र श्रीवास्तव की समग्र निगरानी में चलाया गया.

सभी एसडीपीओ, एसएचओ और ऑपरेशन टीमों को रणनीतिक स्थानों पर वाहनों की सघन जांच और सत्यापन के निर्देश दिए गए थे. अभियान के दौरान रोहिणी जिले में 5,000 से अधिक वाहनों की जांच और सत्यापन किया गया. पुलिस की सघन चेकिंग, गश्त और रणनीतिक स्थानों पर टीमों की तैनाती के परिणामस्वरूप 161 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए. इनमें 116 मोटरसाइकिल और 45 स्कूटी शामिल हैं.

वाहन चोरी के खिलाफ कार्रवाई के अलावा अभियान के दौरान अन्य आपराधिक और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की गई.

अभियान में प्रमुख कार्रवाई
5,000 से अधिक वाहनों की जांच और सत्यापन किया गया.

161 चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए गए, जिनमें 116 मोटरसाइकिल और 45 स्कूटी शामिल हैं.
7 अवैध हथियार बरामद किए गए.

इनमें ब्राजील निर्मित 1 Taurus पिस्तौल और 6 सीएमपी शामिल हैं.

हथियारों के साथ 15 जिंदा कारतूस बरामद किए गए. 9 बटनदार चाकू बरामद किए गए.

2,990 क्वार्टर अवैध शराब और शराब की तस्करी में इस्तेमाल की गई 1 कार जब्त की गई.

686 ग्राम हेरोइन बरामद की गई.

जुए में दांव पर लगी 13,960 रुपये की नकदी बरामद की गई.

अभियान के लिए रोहिणी जिले में 16 टीमों में 277 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया.

7 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया.

5 घोषित अपराधियों (Proclaimed Offenders) को गिरफ्तार/पकड़ा गया.

कुल 103 आरोपियों को गिरफ्तार/पकड़ा गया, जिनमें 24 हिस्ट्रीशीटर शामिल हैं.

पुलिस के अनुसार, अभियान के दौरान वाहनों की व्यापक जांच, सत्यापन, गश्त और रणनीतिक स्थानों पर टीमों की तैनाती के जरिए वाहन चोरी के मामलों में शामिल आरोपियों और चोरी के वाहनों का पता लगाने पर विशेष ध्यान दिया गया. साथ ही अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई कर जिले में कानून-व्यवस्था और प्रभावी पुलिसिंग को मजबूत किया गया.

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