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Ghaziabad Sugar Price Hike News: गाजियाबाद में चीनी के दाम बढ़कर 66 रुपये प्रति किलो हो गए हैं, जिससे गृहिणियों का मासिक बजट बिगड़ गया है. बढ़ती महंगाई के कारण घर चलाना मुश्किल हो रहा है, जिस पर गृहिणियों ने सरकार से रोक लगाने की गुहार लगाई है.
गाजियाबाद: गाजियाबाद में महंगाई की मार अब घर की रसोई में मिठास घोलने वाली चीनी पर भी पड़ रही है. चीनी के दाम बढ़कर करीब 66 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं. कुछ दिन पहले तक यही चीनी करीब 40 रुपये किलो बिक रही थी यानी थोड़े ही समय में कीमत में 15 से 20 रुपये तक का इजाफा हुआ है. इसका सीधा असर गृहिणियों के महीने के बजट पर पड़ रहा है. चाय, नाश्ते और रोजमर्रा के इस्तेमाल के अलावा त्योहारों में मिठाई और पकवान बनाने के लिए चीनी की खपत बढ़ जाती है. ऐसे में त्योहारों से पहले बढ़े दामों ने गृहिणियों की चिंता और बढ़ा दी है.
गाजियाबाद निवासी मनीष गुप्ता ने बताया कि चीनी महंगी होने का असर सिर्फ एक सामान पर नहीं, बल्कि पूरे रसोई के बजट पर पड़ रहा है. रोज सुबह की चाय से लेकर रात के दूध तक चीनी का इस्तेमाल होता है. त्योहार भी नजदीक हैं. जन्माष्टमी और रक्षाबंधन पर घर में खीर, हलवा और मिठाइयां बनती हैं, लेकिन बढ़ते दामों ने इस पर भी असर डाला है. पहले जहां ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदी जाती थी, अब खर्च बचाने के लिए कम चीनी खरीदनी पड़ रही है. रसोई संभालने वाली गृहिणी ही पूरे घर का बजट संभालती है. ऐसे में रसोई की हर चीज महंगी होने का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ता है. सब्जियां, गैस सिलेंडर और अन्य सामान पहले ही महंगे हैं. सरकार को रसोई से जुड़ी जरूरी चीजों की कीमतों पर रोक लगाकर राहत देनी चाहिए.
रसोई का बजट संभालना दिन-ब-दिन मुश्किल
गाजियाबाद निवासी आशा ने बताया कि चीनी के बढ़ते दामों ने घर का पूरा बजट बिगाड़ दिया है. घर में बच्चों की पढ़ाई से लेकर तमाम खर्चे हैं. लेकिन आमदनी उस हिसाब से नहीं बढ़ रही. खर्च लगातार बढ़ते जा रहे हैं और पहले जो थोड़े बहुत पैसे बच जाते थे, अब वह भी नहीं बचते. रसोई का बजट संभालना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है. उनका कहना है कि पहले दिन में दो बार चाय पी लेते थे, लेकिन अब चीनी के दाम देखकर लगता है कि चाय पर भी कटौती करनी पड़ेगी. महिलाएं रसोई के साथ पूरे घर का बजट संभालती हैं. ऐसे में जब सिलेंडर, दाल, सब्जियां और अब चीनी तक महंगी होती जा रही है, तो घर चलाना मुश्किल हो रहा है.
सरकार से अपील
आशा ने भावुक होकर कहा कि महंगाई इसी तरह बढ़ती रही तो आम आदमी अपने बच्चों की जरूरतें पूरी करने के लिए भी परेशान हो जाएगा. उन्होंने हाथ जोड़कर सरकार से अपील की है कि बढ़ती महंगाई पर रोक लगाई जाए और आम परिवारों को राहत दी जाए. गाजियाबाद निवासी भारती ने बताया कि चीनी के दाम बढ़ने से घर का बजट काफी बिगड़ गया है. बच्चों के लिए पहले घर पर आसानी से मीठा बना लेते थे, लेकिन अब खर्च सोचकर चलना पड़ रहा है. त्योहार सामने हैं, ऐसे में घर पर मिठाई बनाने की इच्छा तो है. लेकिन महंगी चीनी के कारण मात्रा कम करनी पड़ रही है.
50 प्रतिशत तक असर महसूस
उन्होंने बताया कि सिलेंडर, सब्जियां, दाल और मसालों समेत रसोई का लगभग हर सामान महंगा हो रहा है और अब चीनी के दाम में भी 20 से 25 रुपये तक का फर्क पड़ गया है. उनका कहना है कि इसका घर के बजट पर करीब 50 प्रतिशत तक असर महसूस हो रहा है और महंगाई बढ़ने के साथ घर की मिठास भी कम होती जा रही है. गाजियाबाद निवासी सत्यवती गुप्ता ने बताया कि त्योहारों पर घर में मिठाइयां बनती हैं और भगवान को प्रसाद भी चढ़ाया जाता है.
जन्माष्टमी और रक्षाबंधन जैसे त्योहारों में चीनी की जरूरत और बढ़ जाती है. लेकिन दाम बढ़ने के कारण अब मिठाई और पकवान बनाते समय भी खर्च का हिसाब लगाना पड़ रहा है. पहले बिना सोचे चीनी डालकर पकवान बना लेते थे. अब हर चीज में थोड़ी बचत करनी पड़ रही है. उन्होंने कहा कि चीनी हर घर की जरूरत है, इसलिए इसके दाम बढ़ने का असर सीधे आम परिवार पर पड़ता है. सरकार से अपील है कि बढ़ते दामों पर रोक लगाकर लोगों को राहत दी जाए.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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