क्या नेपाल बाढ़ में फंसीं एक्ट्रेस विनर मानसी पारेख? खुद दिया अपडेट, जानिए अभी कहां हैं और क्या करने गई थीं

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कैलाश-मानसरोवर यात्रा के दौरान तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके में अचानक आई फ्लैश फ्लड ने श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ा दीं.इसी बीच राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता मानसी पारेख ने भी अपना हाल शेयर किया है. उन्होंने बाढ़ की तबाही का वीडियो साझा करते हुए प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना की अपील की.

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मानसी पारेख ने अपडेट शेयर किया है.

नई दिल्ली. कैलाश-मानसरोवर यात्रा के दौरान तिब्बत के ग्यिरोंग इलाके में आई अचानक बाढ़ ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित एक्ट्रेस मानसी पारेख हाल ही में पवित्र कैलाश मानसरोवर की आध्यात्मिक यात्रा पूरी कर लौटी हैं. सोशल मीडिया पर उन्होंने इस यात्रा की झलकियां शेयर की थी. हाल ही में तिब्बत-नेपाल सीमा पर अचानक आई प्राकृतिक आपदा ने सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए भारी मुश्किल खड़ी कर दी है. हादसे के वक्त मानसी पारेख वहीं थी. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपडेट दिया है.

एक्ट्रेस मानसी पारेख ने अपने फैंस को राहत की खबर दी है. उन्होंने बताया कि वह सुरक्षित हैं और चीन के एक होटल में सद्गुरु के साथ ठहरी हुई हैं. हालांकि, उन्होंने इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों के लिए लोगों से प्रार्थना करने की अपील की है.

‘जिंदगी अनिश्चित है और जो कुछ हुआ वह बेहद दुखद’

मानसी पारेख ने 26 अगस्त को इंस्टाग्राम स्टोरीज के जरिए अपनी स्थिति की जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि जिंदगी अनिश्चित है और जो कुछ हुआ वह बेहद दुखद है. उन्होंने बताया कि वे चीन में सुरक्षित हैं और ईशा फाउंडेशन उन्हें वापस घर पहुंचाने के साथ-साथ बाढ़ में फंसे लोगों को तलाशने की कोशिश कर रहा है. उन्होंने सभी की सलामती के लिए प्रार्थना करने की अपील की.

मानसी पारेख ने पोस्ट शेयर किया है.

5 दिन पहले तबाही वाली जगह पर थीं मानसी

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में मानसी ने बताया कि वह सद्गुरु के साथ चीन के एक होटल में हैं और चीनी सरकार की ओर से आगे के निर्देशों का इंतजार कर रही हैं. उन्होंने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया. इन वीडियो में उन्होंने लिखा- ‘मैंने सचमुच 5 दिन पहले इस जगह पर कदम रखा था. यहां मेरा बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया गया था! और अब यह पूरी जगह पानी में डूब गई है.’

मानसी ने पोस्ट कर बताया कि कैसे 5 दिन पहले उनका स्वागत वहां हुआ था, जहां आज कुछ नहीं बचा.

77 लोगों के बारे में जानकारी नहीं

दरअसल, ग्यिरोंग इलाके में आई फ्लैश फ्लड के दौरान सद्गुरु के नेतृत्व वाले कैलाश यात्रा समूह के 77 लोग ग्यिरोंग के इमिग्रेशन सेंटर पर मौजूद थे. सद्गुरु ने सोशल मीडिया पर बताया कि बाढ़ के दौरान इमिग्रेशन ऑफिस और आस-पास का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया. उस समय इन 77 लोगों के बारे में आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं थी और राहत-बचाव की कोशिशें जारी थीं.

मुश्किल परिस्थितियों में राहत और बचाव अभियान जारी

ईशा फाउंडेशन के मुताबिक, यात्रा में शामिल 21 समूहों में से 495 तीर्थयात्री सुरक्षित लौट चुके थे. वहीं, 743 लोग तिब्बत, 148 नेपाल और 77 ग्यिरोंग इमिग्रेशन सेंटर पर थे. फाउंडेशन ने बताया कि तीन वॉलंटियर नेपाल के तिमुरे में मौजूद थे. यह आपदा सिर्फ कैलाश यात्रियों तक सीमित नहीं रही. नेपाल के रासुवा जिले और चीन-तिब्बत सीमा के आसपास भी भारी तबाही की खबरें सामने आईं. कई इलाकों में सड़कें, पुल और दूसरी आधारभूत संरचनाएं प्रभावित हुईं और बड़ी संख्या में लोग लापता बताए गए. राहत और बचाव अभियान मुश्किल परिस्थितियों में जारी है.

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Shikha Pandey

15 साल पहले पत्रकारिता से शुरू हुआ शिखा पाण्डेय का सफर आज भी उसी जुनून के साथ जारी है. दिसंबर 2019 में न्यूज18 हिंदी से जुड़ने के बाद वह चीफ सब एडिटर के रूप मे…

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