त्रीसा-गायत्री की जोड़ी बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में हारी, ब्रॉन्ज मेडल से करना पड़ा संतोष

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गैर वरीय भारतीय जोड़ी को बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में चीन की लियू शेंग शू और तान निंग की जोड़ी ने तीन गेम तक चले मैच में हराया. वर्ल्ड की नंबर वन जोड़ी चीन की खिलाड़ियों ने पहला गेम हारने के बाद जबरदस्त वापसी की और अगले दो गेम जीतकर मुकाबले को अपने नाम कर लिया.

सेमीफाइनल में हारी भारतीय जोड़ी.

नई दिल्ली.  त्रीशा जॉली और गायत्री गोपीचंद का शानदार सफर विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में खत्म हो गया. चीन की लियू शेंग शू और तान निंग की गत चैंपियन और दुनिया की नंबर एक जोड़ी ने भारतीय जोड़ी को हरा दिया. हार के बावजूद  भारतीय जोड़ी ने विश्व चैंपियनशिप में अपना पहला कांस्य पदक हासिल किया.

गैर वरीय भारतीय जोड़ी ने शानदार शुरुआत करते हुए पहला गेम से जीत लिया. लेकिन चीनी जोड़ी ने वापसी करते हुए अगले दो गेम हासिल कर एक घंटे 11 मिनट में 18-21, 21-13, 21-8 से जीत दर्ज की. भारत ने महिला युगल में आखिरी बार विश्व चैंपियनशिप का पदक 2011 में जीता था, तब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में कांस्य पदक हासिल किया था.

सेमीफाइनल में हारी भारतीय जोड़ी.

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चीनी जोड़ी के खिलाफ पिछले सात मुकाबलों में त्रीसा और गायत्री को छह बार हार मिली थी. इसके बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक शुरुआत की और 7-2 की बढ़त बना ली. लियू और तान ने लगातार छह अंक लेकर वापसी की और ब्रेक तक 11-7 से आगे हो गईं. इसके बाद भारतीय जोड़ी ने शानदार खेल दिखाया और स्कोर 12-12 से बराबर कर दिया.

त्रीसा के शानदार क्रॉस-कोर्ट शॉट और आक्रामक खेल की मदद से भारत ने फिर बढ़त बनाई. स्कोर 18-18 होने के बाद त्रीसा ने एक शानदार शॉट लगाया और भारत 19-18 से आगे हो गया. इसके बाद भारतीय जोड़ी ने लगातार दो अंक लेकर पहला गेम 21-18 से जीत लिया.

दूसरे गेम में चीन की जोड़ी ने 3-0 की बढ़त के साथ शुरुआत की. भारत ने वापसी करते हुए स्कोर 10-10 से बराबर किया और कुछ समय के लिए बढ़त भी बनाई. लेकिन इसके बाद लियू और तान ने लगातार दबाव बनाया. भारतीय खिलाड़ियों की गलतियों का फायदा उठाते हुए चीन ने 17-12 और फिर 19-12 की बढ़त बना ली.

चीन की जोड़ी ने दूसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबला निर्णायक तीसरे गेम में पहुंचा दिया. तीसरे गेम की शुरुआत में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ. भारतीय जोड़ी ने एक लंबी 56 शॉट की रैली जीतकर स्कोर 2-2 किया. इसके बाद चीन की जोड़ी ने खेल की गति बदल दी और धीरे-धीरे बढ़त बढ़ान शुरू किया जिससे उनकी बढ़त 11-5 हो गई.  त्रीसा और गायत्री पहले गेम जैसी आक्रामकता नहीं दिखा सकीं. चीन की जोड़ी ने लगातार अंक जुटाए और 17-7 की बड़ी बढ़त बना ली.

अंत में लियू और तान ने क्रॉस-कोर्ट शॉट के साथ मुकाबला खत्म किया और तीसरा गेम 21-8 से जीत लिया. सेमीफाइनल हारने के बावजूद त्रीसा और गायत्री ने भारत के लिए ऐतिहासिक कांस्य पदक अपने नाम किया.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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