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Ghaziabad News: रक्षाबंधन का पावन पर्व नजदीक आते ही गाजियाबाद के ऐतिहासिक चौपला बाजार में सिंदारे की पारंपरिक मिठास घुलने लगी है. घेवर, फैनी और बालूशाही की सोंधी खुशबू के बीच भाई अपनी बहनों के लिए प्यार भरी पोटलियां तैयार करवा रहे हैं, जिससे बाजार में त्योहारी रौनक चरम पर पहुंच गई है.
Ghaziabad News: रक्षाबंधन आते ही बाजारों में मिठास घुलने लगी है. भाई-बहन के रिश्ते के इस खास त्योहार पर बहनों के घर पहुंचने वाले सिंदारे की तैयारियां गाजियाबाद के चौपला बाजार में शुरू हो गई हैं. दुकानों पर घेवर से लेकर फैनी, बालूशाही और मट्ठी तक की खुशबू ग्राहकों को अपनी ओर खींच रही है. कहीं मिठाइयों की पोटली तैयार हो रही है, तो कहीं भाई अपनी बहन के लिए पसंद की मिठाइयां चुनते नजर आ रहे हैं. बाजार में रक्षाबंधन की रौनक धीरे-धीरे बढ़ने लगी है और दुकानदारों को उम्मीद है कि त्योहार नजदीक आते ही बिक्री में भी अच्छा उछाल आएगा.
सिर्फ मिठास नहीं, प्यार और अपनेपन का प्रतीक
चौपला बाजार की करीब 70 साल पुरानी जगदंबा स्वीट हाउस में भी सिंदारे के लिए अलग-अलग तरह की मिठाइयां तैयार की जा रही हैं. दुकान के मालिक विशाल ने बताया कि सिंदारा सिर्फ मिठाइयों की पोटली नहीं, बल्कि भाई की ओर से बहन के लिए प्यार और अपनापन लेकर जाने वाली परंपरा है. इसमें घेवर, नमकीन मट्ठी, मीठी मट्ठी, बालूशाही, फैनी और गुजिया जैसी मिठाइयां शामिल की जा रही हैं. इन सभी को खूबसूरत तरीके से पैक कर सिंदारे की पोटली तैयार की जा रही है, जिसे भाई रक्षाबंधन पर अपनी बहन के घर लेकर पहुंचते हैं.
बदलते दौर में भी अटूट है परंपरा
समय के साथ त्योहार मनाने के तरीके जरूर बदले हैं, लेकिन रक्षाबंधन का भाई-बहन का रिश्ता आज भी उतना ही खास है. दूसरे त्योहारों की रौनक भले ही कुछ कम हुई हो, लेकिन रक्षाबंधन पर भाई अपनी बहन के लिए थोड़ा ही सही प्यार का तोहफा जरूर भेजता है. यही वजह है कि हर साल सिंदारे की मांग बनी रहती है.
लागत बढ़ने के बावजूद ग्राहकों में उत्साह
हालांकि इस बार मिठाइयों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है. दुकानदारों के मुताबिक गैस सिलेंडर, तेल, रिफाइंड और चीनी महंगी होने का सीधा असर मिठाइयों की लागत पर पड़ा है. विशाल के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में ही चीनी के दाम करीब 20 रुपये किलो तक बढ़ गए हैं.
बाजार में मिठाइयों के ताजा भाव:
- घेवर: 360 रुपये प्रति किलो
- गुजिया: 360 रुपये प्रति किलो
- मीठी फैनी: 200 रुपये प्रति किलो
- बालूशाही: 180 रुपये प्रति किलो
- मट्ठी: 180 रुपये प्रति किलो
इसके बावजूद ग्राहक सिंदारे की खरीदारी में उत्साह दिखा रहे हैं. दुकानदारों को भरोसा है कि रक्षाबंधन जैसे-जैसे करीब आएगा, चौपला बाजार में खरीदारों की भीड़ और मिठाइयों की बिक्री दोनों बढ़ेंगी.
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Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…
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