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दिल्ली सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के अकेलेपन को दूर करने के लिए वयो आनंद योजना का ऐलान किया है. इस स्कीम के तहत राजधानी में खास मनोरंजन केंद्र बनाए जाएंगे. इन सेंटर्स पर योग, मेडिटेशन, इनडोर गेम्स और मंथली मेडिकल कैंप की सुविधा मिलेगी. सरकार इन कम्युनिटी सेंटर्स को बेहतर ढंग से चलाने के लिए सालाना 2.40 लाख रुपये की आर्थिक मदद भी देगी.
रेखा गुप्ता सरकार की वयो आनंद स्कीम से खिलेंगे बुजुर्गों के चेहरे. (File Photo : PTI)
नई दिल्ली: दिल्ली में वरिष्ठ नागरिकों की जिंदगी को खुशहाल और सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने ‘वयो आनंद’ योजना शुरू करने की घोषणा की है. इस खास योजना के तहत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में आधुनिक मनोरंजन केंद्र तैयार किए जाएंगे. इन सेंटर्स का मुख्य मकसद बुजुर्गों को घर के पास सुरक्षित और खुशनुमा माहौल देना है. इन केंद्रों पर सीनियर सिटीजंस को केवल मनोरंजन ही नहीं मिलेगा. यहां उनकी सेहत, मानसिक शांति और सामाजिक मेलजोल का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, ‘वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की सबसे अनमोल धरोहर हैं. उनकी गरिमा, बेहतर स्वास्थ्य और एक्टिव लाइफस्टाइल तय करना दिल्ली सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.’ इस योजना से बुजुर्गों के अकेलेपन को दूर करने में बड़ी मदद मिलेगी.
वयो आनंद केंद्रों में बुजुर्गों को कौन सी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी?
- वयो आनंद सेंटर्स पर बुजुर्गों के मनोरंजन और आराम के सभी पुख्ता इंतजाम होंगे. यहां कैरम और लूडो जैसे लोकप्रिय इनडोर गेम्स की व्यवस्था रहेगी. इसके साथ ही बैठने के लिए आरामदायक कुर्सियां, कूलर, पंखे, टीवी और कंप्यूटर भी लगाए जाएंगे.
- पढ़ने के शौकीन बुजुर्गों के लिए हर रोज ताजा अखबार, मैग्जीन और ज्ञानवर्धक किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी. केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि बुजुर्गों की फिटनेस के लिए रोजाना योग और मेडिटेशन की स्पेशल क्लास चलेंगी.
- समय-समय पर आउटडोर टूर, कहानी सुनाने के सेशन, पेंटिंग, क्राफ्ट, पॉटरी और न्यूट्रिशन से जुड़े सेशन भी आयोजित किए जाएंगे.
हर महीने फ्री मेडिकल कैंप लगेगा, जिसमें सभी जरूरी चेकअप और फर्स्ट एड किट की सुविधा मिलेगी. साल भर में इंटरनेशनल योग दिवस और सीनियर सिटीजन डे जैसे 5 से 6 बड़े कार्यक्रम भी आयोजित होंगे.
सेंटर्स के संचालन का समय क्या होगा और सुरक्षा के क्या नियम रहेंगे?
- बुजुर्गों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए इन सेंटर्स के खुलने का समय काफी सुविधाजनक रखा गया है. ये केंद्र हफ्ते में कम से कम 5 दिन और रोजाना कम से कम 7 घंटे खुलेंगे. सेंटर्स सुबह 7 बजे से लेकर रात 8 बजे के बीच संचालित किए जाएंगे.
- बुजुर्गों को आने-जाने में परेशानी न हो, इसके लिए ग्राउंड फ्लोर या लिफ्ट वाली बिल्डिंग को प्राथमिकता मिलेगी. परिसर में खुला वेंटिलेशन और साफ टॉयलेट होना अनिवार्य रहेगा.
- इसके साथ ही महिला बुजुर्गों, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडर सीनियर सिटीजंस के लिए भी विशेष एक्टिविटी कराई जाएंगी. किसी भी इमरजेंसी से तुरंत निपटने के लिए इन केंद्रों को नजदीकी पुलिस थानों और बड़े अस्पतालों से सीधा जोड़ा जाएगा.
सरकार से फंड पाने के लिए क्या शर्तें तय की गई हैं?
वयो आनंद स्कीम का फायदा उठाने के लिए कुछ जरूरी नियम तय किए गए हैं. किसी भी मनोरंजन केंद्र में 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के कम से कम 200 रजिस्टर्ड मेंबर होने जरूरी हैं.
दिल्ली सरकार इन पात्र केंद्रों को हर साल 2.40 लाख रुपये की सीधी आर्थिक मदद देगी. यह फंड 20 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से साल में दो बराबर छमाही किस्तों में जारी किया जाएगा.
यह सेंटर दिल्ली के भीतर किसी कम्युनिटी स्पेस, आरडब्ल्यूए, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी या चौपाल में चलना चाहिए. इस सरकारी मदद से केंद्रों का रख-रखाव और बुजुर्गों के लिए सुविधाएं जुटाना आसान होगा.
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दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं…
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