अब आधी रात को भी गाजियाबाद की महिलाएं रहेंगी सेफ, 24 घंटे पुलिस की 11 गाड़ियां रहेंगी तैनात

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Ghaziabad News: गाजियाबाद पुलिस ने महिला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति केंद्रों को 11 चार पहिया वाहन दिए हैं. इन वाहनों में महिला पुलिसकर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगी, जो महिलाओं को तत्काल मदद पहुंचाएंगी और जागरूकता अभियान चलाएंगी.

गाजियाबाद: अब महिला सुरक्षा सिर्फ शिकायत मिलने के बाद पुलिस के पहुंचने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पुलिस खुद महिलाओं और बालिकाओं तक पहुंचेगी. रक्षाबंधन से पहले गाजियाबाद पुलिस ने महिला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मिशन शक्ति केंद्रों को 11 चार पहिया वाहन दिए हैं. इन वाहनों को रिजर्व पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है. इन वाहनों में महिला पुलिसकर्मी 24 घंटे तैनात रहेंगी, जिससे जरूरत पड़ने पर महिलाओं को मौके पर तत्काल मदद मिल सकेगी.

गाजियाबाद के 11 सर्किलों के लिए 11 वाहन उपलब्ध कराए गए हैं. इनका इस्तेमाल महिला संबंधी शिकायतों पर घटनास्थल तक पहुंचने के साथ-साथ भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों, स्कूल-कॉलेज, मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के आसपास महिला सुरक्षा के लिए किया जाएगा. मिशन शक्ति केंद्रों की टीमें इन वाहनों के जरिए दूरदराज के इलाकों में भी आसानी से पहुंच सकेंगी. साथ ही स्कूल-कॉलेज, बाजार, कार्यस्थल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाकर महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों, हेल्पलाइन, साइबर सुरक्षा और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा.

रक्षाबंधन से पहले 11 गाड़ियां रवाना
मिशन शक्ति प्रभारी एसीपी सुचिता सिंह ने बताया कि रक्षाबंधन से एक दिन पहले 11 गाड़ियों को रवाना किया गया है. उन्होंने कहा कि ये वाहन मुख्य रूप से मिशन शक्ति केंद्रों को दिए गए हैं और रक्षाबंधन के बाद भी केंद्रों के साथ काम करते रहेंगे. मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी इन वाहनों से किसी घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंच सकेंगे. रात में काम करने वाली महिलाओं या किसी वजह से बाहर निकली महिलाओं को कैब या दूसरा वाहन नहीं मिलने पर भी वे इन वाहनों से संपर्क कर सकती हैं. जरूरत पड़ने पर महिला को सुरक्षित उसके घर तक पहुंचाने में भी मदद की जाएगी.

तत्काल कार्रवाई का आदेश
एसीपी सुचिता ने बताया कि महिलाएं किसी परेशानी की स्थिति में 112 नंबर पर संपर्क कर सकती हैं. इसके अलावा जहां ये वाहन तैनात दिखाई दें, वहां भी महिला पुलिसकर्मियों से सीधे मदद ली जा सकती है. तैनात पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी महिला को परेशानी होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए. छेड़छाड़ या मनचले की शिकायत मिलने पर महिला पुलिसकर्मी तुरंत एक्शन लेंगी. महिला सुरक्षा के लिए गाजियाबाद पुलिस ऑपरेशन डिकॉय भी चला रही है.

इसके तहत महिला पुलिसकर्मी सादे या सामान्य कपड़ों में बाजार, मॉल, स्कूल-कॉलेज के बाहर और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तैनात रहती हैं. छेड़छाड़ या महिलाओं को परेशान करने वालों पर मौके पर कार्रवाई की जाती है. ऐसे मामलों में आरोपी के परिवार को बुलाकर चेतावनी दी जाती है और लाल कार्ड भी दिया जाता है, जबकि गंभीर मामलों में पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करती है.

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आर्यन सेठ

आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…

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