चीनी, आटा-दाल से लेकर तेल तक हुआ महंगा… गाजियाबाद की जनता का छलका दर्द, बोलीं- जरूरत की चीजों में करनी पड़ रही कटौती

गाजियाबाद: रसोई का बजट संभालना अब लोगों के लिए पहले से ज्यादा मुश्किल होता जा रहा है. चीनी के दाम बढ़ने के बाद आटा, चावल, खाद्य तेल, चना दाल और ड्राई फ्रूट्स भी महंगे हो गए हैं. रोजमर्रा के इन सामानों की कीमत बढ़ने से घर का मासिक खर्च बढ़ गया है और लोगों को जरूरत के सामान में भी कटौती करनी पड़ रही है. व्यापारियों के मुताबिक आने वाले दिनों में त्योहारों के चलते इसका असर बाजार की खरीदारी पर भी दिखाई दे सकता है.

गाजियाबाद के बाजारों में कुछ समय पहले 28 से 30 रुपये किलो मिलने वाला आटा अब 33 से 35 रुपये किलो तक पहुंच गया है. चावल के दाम में भी करीब 5 से 10 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई है. वहीं खाद्य तेलों की कीमत पिछले एक महीने में करीब 15 फीसदी बढ़ी है. चना दाल थोक मंडी में करीब 72 रुपये और खुदरा बाजार में 86 रुपये किलो बिक रही है. इसके अलावा बादाम भी करीब 100 रुपये किलो तक महंगा हुआ है.

बढ़ती कीमतों से बिगड़ा घर का बजट
महंगाई का सीधा असर अब लोगों की रोजाना की खरीदारी पर दिखाई दे रहा है. बाजार में सामान लेने पहुंचे लोगों का कहना है कि पहले जिस बजट में महीने भर का राशन आ जाता था, अब उसी सामान के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं. चीनी के बाद आटा, चावल, तेल और दाल के दाम बढ़ने से घर का हिसाब-किताब बिगड़ गया है.

गाजियाबाद निवासी संदीप ने बताया कि चीनी के दाम लगातार बढ़ने से आम आदमी की परेशानी बढ़ रही है. ड्राई फ्रूट्स से लेकर रसोई में इस्तेमाल होने वाली कई जरूरी चीजें महंगी हुई हैं. उनके मुताबिक कुछ सामानों में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है. चावल, आटा और घी के दाम भी बढ़े हैं. उन्होंने कहा कि कुछ व्यापारी जमाखोरी भी कर रहे हैं, सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए. पहले जिस घर का राशन 8 से 10 हजार रुपये में आ जाता था, अब उसके लिए 14 से 15 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं. इससे मध्यमवर्गीय परिवारों की परेशानी बढ़ गई है.

पहले 5-6 हजार का राशन, अब 8-9 हजार खर्च
गाजियाबाद निवासी डिचिन त्यागी ने बताया कि महंगाई इतनी बढ़ गई है कि अब रसोई का बजट संभालना भी मुश्किल हो रहा है. दाल, चीनी और आटा रोजमर्रा की जरूरत हैं, लेकिन इनके दाम लगातार बढ़ रहे हैं. आटा और चावल भी काफी महंगे हो गए हैं. उन्होंने बताया कि कई सामानों की खरीद में कटौती करनी पड़ रही है. पहले घर का राशन 5 से 6 हजार रुपये में आ जाता था, लेकिन अब 8 से 9 हजार रुपये खर्च हो रहे हैं. हर महीने उम्मीद रहती है कि बजट संभलेगा, लेकिन बाजार पहुंचते ही बढ़ी कीमतों का सामना करना पड़ता है.

गृहणियों की बढ़ी चिंता
गाजियाबाद निवासी सविता त्यागी ने बताया कि महंगाई पहले भी थी, लेकिन इन दिनों इसका असर ज्यादा महसूस हो रहा है. चीनी के साथ आटा, तेल और चावल के दाम भी बढ़ गए हैं. पहले जो राशन 7 से 8 हजार रुपये में आ जाता था, अब उसके लिए करीब 10 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं. रसोई का बजट संभालने के लिए कई सामानों में कटौती करनी पड़ रही है. उन्होंने सरकार से जरूरी खाद्य सामानों की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने की मांग की.

आटा-मैदा और चावल के दाम फिर बढ़े
किराना मंडी के व्यापारी ऋषभ ने बताया कि आटा, मैदा और चावल रोजमर्रा की जरूरत की चीजें हैं. नया गेहूं आने के बाद आटा और मैदा के दामों में कुछ कमी आई थी, लेकिन अब फिर बढ़ोतरी हुई है. 28 से 30 रुपये किलो मिलने वाला आटा अब 33 से 34 रुपये किलो बिक रहा है. चावल के दाम में भी 5 से 10 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने बताया कि ड्राई फ्रूट्स में बादाम करीब 100 रुपये किलो तक महंगा हुआ है. त्योहारों का सीजन आने वाला है, ऐसे में महंगे सामान का असर मिठाइयों और घरेलू खरीदारी पर भी पड़ सकता है. बढ़ती कीमतों का असर बाजार में साफ दिखाई दे रहा है और लोग जरूरी सामान खरीदने से पहले कीमत कम होने का इंतजार कर रहे हैं.

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