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Rahul Gandhi FIR: लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. उत्तराखंड के हल्द्वानी कोतवाली में उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट 1989 की धारा 3(1) के तहत दर्ज किया गया है. आरोप है कि राहुल गांधी ने हाल ही में हुए एक शुद्धिकरण यज्ञ को ‘दलित विरोधी’ बताकर अनुसूचित वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है.
राहुल गांधी पर एफआईआर दर्ज
हल्द्वानी: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं. हल्द्वानी कोतवाली में एक दलित युवक की शिकायत पर उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है. केस दर्ज होते ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. दरअसल, हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के जनरैली के बाद मंच पर एक हिंदुवादी संगठन द्वारा शुद्धिकरण यज्ञ किया गया था, जिसके बाद संसद में जमकर हो-हल्ला मचा. राहुल गांधी लगातार इस मामले में केस दर्ज कराने की मांग कर रहे थे.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुसूचित जाति वर्ग से ताल्लुक रखने वाले युवक अमित कुमार की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 196 और 299 के साथ-साथ एससीएसटी एक्ट 1989 की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी के बयानों से अनुसूचित वर्ग की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है और समाज में तनाव की स्थिति पैदा हुई है.
क्या है शुद्धिकरण यज्ञ का मामला?
यह पूरा विवाद बीते 8 अगस्त को हल्द्वानी में आयोजित कांग्रेस पार्टी की एक रैली के बाद शुरू हुआ था. रैली के समापन के बाद रामलीला मैदान में कथित तौर पर भारी गंदगी फैलने और वहां कुछ मुस्लिम साम्प्रदायिक नारे लगने की शिकायतें सामने आई थीं. इसी के विरोध और शुचिता बनाए रखने के लिए एक स्थानीय हिंदूवादी संगठन ने 8 अगस्त को ही रामलीला मैदान में ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ का आयोजन किया था.
इस शुद्धिकरण यज्ञ के बाद राहुल गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे कथित तौर पर दलित विरोधी करार दिया था. इसके जवाब में कांग्रेस पार्टी ने भी इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दलित होने से जोड़कर भाजपा पर हमला शुरू कर दिया था. कांग्रेस का कहना था कि यह यज्ञ और विरोध एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत किया गया है.
राजनीतिक सरगर्मी तेज
राहुल गांधी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद उत्तराखंड का राजनीतिक पारा काफी हाई हो गया है. स्थानीय पुलिस और प्रशासन का कहना है कि प्राप्त शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर मामले की विधिवत विवेचना शुरू कर दी गई है. जांच के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया को बढ़ाया जाएगा.
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सिविल सर्विसेज की तैयारी करते-करते कब 4 साल पहले पत्रकारिता की ओर झुकाव हो गया पता ही नहीं चला. नाम दीप राज दीपक है. वर्तमान में News18 हिंदी के साथ जुड़े हुए हैं. पद सब-एडिटर …
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