PHOTOS: दिल्‍ली मेट्रो के 8 नए कॉरिडोर, 15 न्‍यू इंटरचेंज स्‍टेशन, 5 बनेंगे ट्रिपल हब, अब तो मौज ही मौज

होमफोटोDelhi

दिल्‍ली मेट्रो के 8 नए कॉरिडोर, 15 न्‍यू इंटरचेंज स्‍टेशन, 5 बनेंगे ट्रिपल हब

Last Updated:

Delhi Metro New Corridor: दिल्‍ली मेट्रो हजारों-लाखों लोगों के लिए लाइफलाइन है. नौकरीपेशा से लेकर टूरिस्‍ट तक मेट्रो ट्रेन से सफर करते हैं. दिल्‍ली और आसपास के इलाकों में लगने वाले जाम से हर कोई वाकिफ है. सड़क मार्ग से जहां डेस्टिनेशन तक जाने में एक घंटे का समय लग सकता है तो वहीं मेट्रो से यह दूरी 35 से 40 मिनट में पूरी की जा सकती है, ऐसे में दिल्‍ली के लाखों लोगों के लिए दिल्‍ली मेट्रो पहली पसंद है. दिल्‍ली-एनसीआर के लिए यह लाइफलाइन की तरह है. लोगों की डिमांड को देखते हुए इसका लगातार विस्‍तार किया जा रहा है. (सभी तस्‍वीरें: Reuters)

Delhi Metro New Corridor: दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क आने वाले वर्षों में और अधिक एकीकृत तथा यात्रियों के लिए सुविधाजनक होने जा रहा है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के फेज-4 और फेज-5(ए) विस्तार योजनाओं के तहत 8 नए कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं, जिनके पूरा होने पर राजधानी को 15 नए इंटरचेंज स्टेशन मिलेंगे. इनमें से 5 स्टेशन ट्रिपल इंटरचेंज हब के रूप में विकसित होंगे, जहां 3 अलग-अलग मेट्रो लाइनें आपस में जुड़ेंगी. इस विस्तार के बाद दिल्ली मेट्रो में इंटरचेंज स्टेशनों की कुल संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी.

वर्तमान में दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में कुल 31 इंटरचेंज स्टेशन हैं, जिनमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा की एक्वा लाइन और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के इंटरचेंज भी शामिल हैं. अभी कश्मीरी गेट देश की राजधानी का एकमात्र ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन है, जहां रेड, येलो और वायलेट लाइनें मिलती हैं. लेकिन नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद पांच और स्टेशन इस श्रेणी में शामिल हो जाएंगे.

डीएमआरसी की योजना के अनुसार नई दिल्ली स्टेशन येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन के साथ-साथ मैजेंटा लाइन से भी जुड़ जाएगा. इंदरलोक, जहां अभी रेड और ग्रीन लाइन का इंटरचेंज है, उसे मैजेंटा लाइन से जोड़ा जाएगा. लाजपत नगर भविष्य में वायलेट, पिंक और नई गोल्डन लाइन का प्रमुख जंक्शन बनेगा. इसी तरह आजादपुर स्टेशन येलो, पिंक और मैजेंटा लाइन के नए कॉरिडोर को जोड़ने वाला ट्रिपल इंटरचेंज बनेगा, जबकि सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशन येलो, वायलेट और मैजेंटा लाइन के नए कॉरिडोर को आपस में जोड़ेगा.

Add News18 as
Preferred Source on Google

फेज-4 विस्तार के तहत दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, चिराग दिल्ली, साकेत जी ब्लॉक, छतरपुर, तुगलकाबाद, पीरागढ़ी, मधुबन चौक, पुलबंगश, आरके आश्रम मार्ग और नबी करीम जैसे स्टेशन भी नए इंटरचेंज के रूप में विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा दिल्ली एयरोसिटी और आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 स्टेशन भी इंटरचेंज स्टेशन बनेंगे, जिससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंच और अधिक आसान होगी.

फेज-5(ए) के अंतर्गत शिवाजी स्टेडियम और कालिंदी कुंज भी इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किए जाएंगे. डीएमआरसी का मानना है कि इन नए इंटरचेंज स्टेशनों के बनने से दिल्ली-एनसीआर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा यात्रियों को कम समय में बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. विस्तार योजना के बाद मैजेंटा लाइन सबसे अधिक 22 इंटरचेंज स्टेशनों वाली मेट्रो लाइन बन जाएगी. इसके बाद ब्लू लाइन पर 15 और पिंक लाइन पर 14 इंटरचेंज स्टेशन होंगे. इससे विभिन्न दिशाओं में यात्रा करने वाले यात्रियों को बार-बार लंबा रास्ता तय करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और यात्रा का समय भी कम होगा.

डीएमआरसी के एक अधिकारी के अनुसार, नए इंटरचेंज स्टेशन दिल्ली मेट्रो को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन की रीढ़ के रूप में और अधिक मजबूत बनाएंगे. उनका कहना है कि विस्तार का उद्देश्य केवल नई लाइनें जोड़ना नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को इस तरह जोड़ना है कि यात्रियों को अधिकतम सुविधा मिल सके. डीएमआरसी के एक पूर्व अध्ययन से भी इंटरचेंज स्टेशनों की बढ़ती जरूरत सामने आई थी. अक्टूबर 2023 से मार्च 2024 के बीच किए गए विश्लेषण में पाया गया कि किसी भी मेट्रो लाइन में प्रवेश करने वाले कुल यात्रियों में केवल 20 से 30 प्रतिशत लोग उसी लाइन पर अपनी पूरी यात्रा पूरी करते हैं, जबकि लगभग 70 से 80 प्रतिशत यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए एक या उससे अधिक बार दूसरी लाइनों में इंटरचेंज करते हैं. यही कारण है कि डीएमआरसी अब नई लाइनों के साथ-साथ इंटरचेंज नेटवर्क को भी प्राथमिकता दे रहा है.

फिलहाल फेज-4 के तहत पांच कॉरिडोर पर निर्माण कार्य जारी है. इनमें कृष्णा पार्क एक्सटेंशन-दीपाली चौक और इंदरलोक-इंद्रप्रस्थ मैजेंटा लाइन के विस्तार, दिल्ली एयरोसिटी-तुगलकाबाद तथा साकेत जी ब्लॉक-लाजपत नगर गोल्डन लाइन, और रिठाला-कुंडली रेड लाइन विस्तार शामिल हैं. वहीं फेज-5(ए) में तुगलकाबाद-कालिंदी कुंज, एयरोसिटी-टर्मिनल-1 तथा आरके आश्रम मार्ग-इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे. इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद दिल्ली मेट्रो नेटवर्क न केवल लंबाई के लिहाज से विस्तृत होगा, बल्कि इंटरचेंज की बेहतर सुविधा के कारण यात्रियों के लिए अधिक तेज, सुगम और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करेगा.

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *