दिल्ली-एनसीआर में ऑटो-टैक्सी का इस्तेमाल करने वाले लोगों को आने वाले दिनों में बड़ी परेशानी झेलनी पड़ सकती है. सितंबर महीने के शुरुआती दिनों में दिल्ली के ऑटो-टैक्सी ड्राइवर हड़ताल पर जाने वाले हैं. इससे कैब व ऑटो रिक्शा की कमी झेलनी पड़ सकती है.
सीएनजी की कीमतों में बढ़ोत्तरी के बाद दिल्ली में ऑटो और टैक्सी के किराण् में बढ़ोत्तरी न होने से ड्राइवरों में खासा गुस्सा पनप गया है. लिहाजा इससे नाराज ड्राइवर अब किराए में बढ़ोतरी की मांग को लेकर सितंबर में कई दिनो तक हड़ताल करने जा रहे हैं. इनमें सीएनजी ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों की अलग-अलग यूनियनें अलग-अलग दिनों में हड़ताल पर जाएंगी.
ऑटो यूनियनों का कहना है कि सबसे पहले 3 सितंबर को दिल्ली ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा. इसके बाद सड़कों पर उतरने की तैयारी की जाएगी. बता दें कि अलग-अलग यूनियनें अलग-अलग तारीखों पर अपने-अपने तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगी. चालकों का कहना है कि 7-8 सितंबर को सांकेतिक हड़ताल की जाएगी, अगर इस दौरान उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो तीसरी और बड़ी हड़ताल 10 सितंबर को सामूहिक रूप से की जाएगी.
ऑटो और टैक्सी चालकों के इस ऐलान के बाद इनका इस्तेमाल कर सफर करने वाले यात्रियों में चिंता बढ़ गई है. हालांकि यह प्रदर्शन सिर्फ दिल्ली तक सीमित रहेगा या अन्य स्थानों तक भी जाएगा, इसकी जानकारी फिलहाल जारी नहीं की गई है.
3 सितंबर को चालक शक्ति यूनियन का प्रदर्शन
दिल्ली के चालक शक्ति यूनियन के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर का कहना है, ‘हमारी यूनियन 3 सितंबर को ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के ऑफिस का घेराव करेगी. पिछले दिनों में सीएनजी के दाम 10 से 11 रुपये बढ़ गए लेकिन किराया जस का तस है. उसमें एक रुपये की भी बढ़ोत्तरी नहीं की गई. हम सोमवार को सभी संबंधित विभागों को पत्र भेजकर अपनी नाराजगी दर्ज कराएंगे.’
7 और 8 सितंबर को होगा बड़ा प्रदर्शन
सीएनजी को लेकर ऑल दिल्ली ऑटो टैक्सी ट्रांसपोर्ट कांग्रेस यूनियन के अध्यक्ष किशन वर्मा की ओर से बताया गया कि उनका संगठन 7 और 8 सितंबर को सांकेतिक हड़ताल करेगा. हालांकि यह प्रदर्शन भी बड़ा होगा और उनके यूनियन की नौ मांगें मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के सामने रखी जाएंगी. इसे लेकर सोमवार को ही पत्र भेज दिया जाएगा.
10 सितंबर को होगी हड़ताल
तीसरे संगठन दिल्ली ऑटो रिक्शा संघ और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन के जनरल सेक्रेटरी राजेंद्र सोनी ने 10 सितंबर को सख्त लहजा अपनाने की बात कही है. उनका कहना है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो 10 सितंबर को ऑटो-टैक्सी की बड़ी हड़ताल होगी. सोनी के मुताबिक, ‘सीएनजी की कीमत में 10 से 11 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है, लेकिन किराया एक पैसा भी नहीं बढ़ा. अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’
पीएम को लिखे हैं पत्र
इन सभी यूनियनों ने दावा किया है कि वे इस मुद्दे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से भी गुहार लगा चुके हैं और उन्हें पत्र भेज चुके हैं लेकिन इस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. अब ड्राइवर सड़कों पर उतरेंगे कि या तो सीएनजी के दामों को घटाया जाए या फिर यात्रा का किराया बढ़ाने की अनुमति दी जाए.
ऑटो-टैक्सी यूनियनों की इस हड़ताल की सूचना के बाद से ही लोगों की चिंता बढ़ गई है. सबसे बड़ी बात है कि यह हड़ताल सिर्फ एक दिन नहीं है बल्कि यह कई दिन तक होगी, इससे सड़कों पर ऑटो-टैक्सी की कमी होने की आश्रंका है.
