फिल्म इंडस्ट्री में कॉस्ट्यूम डिजाइर से लेकर मेकअप आर्टिस्ट की भी एक बड़ी टीम होती है. इन्हीं को क्रेडिट जाता है, जो फिल्मों चार चांद लगाते हैं. इन्हीं की देन है कि फिल्मों से प्रेरित होकर कई फैशन ट्रेंड चल पड़ते हैं. इनकी वजह से फिल्में खूब चर्चा में भी रहती है. ऐसा ही हुआ था 69 साल पहले. जब एक गाने की वजह से रेशमी सलवार और जालीदार कुर्ते का फैशन चल पड़ा था. चलिए इस खूबसूरत गीत से रूबरू करवाते हैं.
दरअसल हम बात कर रहे हैं साल 1957 में आई फिल्म ‘नया दौर’ की. जो अपने समय में चर्चित फिल्मों में से एक थी. इसकी खूब प्रशंसा भी हुई थी. इसमें लीड रोल में दिलीप कुमार, वैजयन्ती माला, अजीत और जॉनी वॉकर जैसे कलाकार नजर आए थे.
मीनू मुमताज और कुमकुम का डांस
बी आर चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म का गाना ‘रेशमी सलवार कुर्ता जालीदार’ खूब पॉपुलर हुआ था. इस गाने की ही देन के है कि ये कपड़े एक फैशन ट्रेंड साबित हुए थे. इस गाने में मीनू मुमताज और कुमकुम का डांस देखने को मिला था. दोनों ने गाने के बोल की तरह रेशमी सलवार और जालीदार कुर्ता पहना था.
‘रेशमी सलवार कुर्ता जालीदार’ गाने के बारे में
इस गाने को शमशेद बेगम और आशा भोसले ने गाकर अमर किया था. ओमकार प्रसाद नायर के संगीत पर बोल साहिर लुधयानवी के थे, जिन्होंने गाने में कई बार रेशमी सलवार कमीज का जिक्र किया था. जोकि लोगों के लबों पर बैठ गया था.
आना है तो आ (मोहम्मद रफ़ी)
दिल लेके दगा देंगे (मोहम्मद रफी)
मैं बम्बई का बाबू (मोहम्मद रफी)
यह देश है वीर जवानों का, अलबेलों का (मोहम्मद रफ़ी-एस. बलबीर)
मांग के साथ तुम्हारा, मैंने मांग लिया संसार (मोहम्मद रफ़ी-आशा भोसले)
उड़ें जब जब जुल्फें तेरी, कुंवारी लड़कियों का दिल मचले (मोहम्मद रफ़ी-आशा भोसले)
साथी हाथ बढ़ाना, साथी हाथ बढ़ाना (मोहम्मद रफ़ी-आशा भोसले)
रेशमी सलवार, कुर्ता जाली का (शमशाद बेगम-आशा भोसले)
एक दीवाना आते जाते (आशा भोसले)
ब्लॉकबस्टर फिल्म
नया दौर फिल्म की खूब प्रशंसा हुई थी. ये एक सामाजिक फिल्म थी जिसमें दिखाया गया था कि इंसान व मशीन के बीच संघर्ष व मानवीय श्रम के बीच जिंदगी कैसे झूलती है. ये फिल्म 15 अगस्त के मौके पर रिलीज हुई थी जिसने कमाई के रिकॉर्ड तोड़े थे.
