Last Updated:
महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल के बावजूद अगर चेहरे पर बार-बार पिंपल्स, एक्ने या खुजली की समस्या हो रही है, तो इसकी बड़ी वजह आपका गंदा तकिया, तौलिया या बेडशीट हो सकती है. गाजियाबाद एमएमजी अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या द्विवेदी के अनुसार, नियमित सफाई न होने पर इनमें जमा बैक्टीरिया और फंगस से मोलस्कम और स्कैबीज जैसे गंभीर संक्रमण फैल सकते हैं. संक्रमण से बचाव के लिए कॉटन कवर अपनाएं, गर्म पानी में धोकर धूप में सुखाएं और व्यक्तिगत तौलिया ही प्रयोग करें.
Dirty Pillow Cover Skin Infection: चेहरे की त्वचा को साफ और चमकदार रखने के लिए लोग महंगे फेसवॉश, क्रीम और स्किन केयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं, लेकिन जिस तकिए पर रोजाना चेहरा कई घंटे टिका रहता है, उसके कवर की सफाई पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता. विशेषज्ञों के मुताबिक पसीना, तेल, धूल और गंदगी लंबे समय तक तकिए के कवर, तौलिए और बेडशीट पर जमा होती रहती है. इनके लगातार त्वचा के संपर्क में आने से मुंहासे, एक्ने, खुजली और कई तरह के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
बैक्टीरिया और वायरल संक्रमण का बड़ा जरिया
गाजियाबाद स्थित जिला एमएमजी अस्पताल की त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. दिव्या द्विवेदी ने बताया कि त्वचा के संपर्क में आने वाली कोई भी चीज संक्रमण फैलाने का माध्यम बन सकती है. टॉवल, पिलो कवर, बेडशीट और रुमाल की नियमित सफाई न होने पर इनमें मौजूद बैक्टीरिया, फंगस और वायरस त्वचा तक पहुंच सकते हैं. इससे एक्ने और मुंहासों के अलावा ‘मोलस्कम कॉन्टेजियोसम’ जैसे वायरल संक्रमण भी फैल सकते हैं. इसमें त्वचा पर छोटे-छोटे दाने निकलते हैं, जिन्हें आम बोलचाल में मस्से भी कहा जाता है.
गंदे कपड़े और बिस्तर से स्कैबीज का खतरा
डॉ. दिव्या ने बताया कि अगर चेहरे के किसी एक हिस्से पर बार-बार संक्रमण हो रहा है और शरीर के दूसरे हिस्से पर ऐसी समस्या नहीं है, तो पिलो कवर या टॉवल भी इसकी मुख्य वजह हो सकता है. इसके अलावा गंदे बिस्तर से स्कैबीज का संक्रमण भी हो सकता है; इसमें त्वचा पर छोटे-छोटे दाने निकलने के साथ तेज खुजली होती है. किसी संक्रमित व्यक्ति के इस्तेमाल किए हुए बिस्तर पर सोने से दूसरे व्यक्ति में भी यह संक्रमण आसानी से पहुंच सकता है.
धुलाई, धूप और कॉटन फैब्रिक का रखें ध्यान
पिलो कवर और बेडशीट को कम से कम सप्ताह में एक बार जरूर बदलना चाहिए. इन्हें गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह धोने के बाद धूप में सुखाना बेहतर होता है. इस्तेमाल से पहले इन्हें प्रेस करने की भी सलाह दी जाती है. सिंथेटिक कवर की जगह कॉटन के पिलो कवर का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि कॉटन त्वचा के लिए अपेक्षाकृत अधिक आरामदायक होता है.
तौलिया साझा न करें, समय रहते लें डॉक्टरी सलाह
सिर और शरीर के लिए अलग-अलग टॉवल रखना चाहिए और घर के प्रत्येक सदस्य का टॉवल भी अलग होना चाहिए. टॉवल को भी नियमित रूप से गर्म पानी में धोकर धूप में सुखाना जरूरी है. त्वचा पर खुजली या संक्रमण की समस्या होने पर इसे कतई नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यदि यह समस्या 10 से 14 दिनों में ठीक न हो, तो तुरंत त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए.
About the Author
Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…
और पढ़ें
