Satyaniketan Building Collapse LIVE: सीसीटीवी फुटेज में देखिए कैसे भरभराकर गिरी 50 साल पुरानी बिल्डिंग, बुजुर्ग ने भागकर बचाई जान

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सत्‍यनिकेतन हादसा: CCTV फुटेज में देखिए कैसे भरभराकर गिरी बिल्डिंग

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Satyaniketan Building Collapse LIVE: देश की राजधानी दिल्‍ली के सत्‍यनिकेतन में एक बिल्डिंग के गिरने से उसकी चपेट में कई छात्र आ गए. बताया जा रहा है कि 50 साल पुराने इस भवन में पीजी चल रहा था. पास में दिल्‍ली यू…और पढ़ें

दिल्‍ली के सत्‍यनिकेतन में इमारत के जमींदोज होने से 6 छात्रों की जान चली गई. घायलों को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है.

Satyaniketan Building Collapse LIVE: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में बहुमंजिला इमारत के ढहने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है. हादसे के बाद 15 घंटे से ज्यादा समय से राहत और बचाव अभियान जारी है. एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस समेत कई एजेंसियों की टीमें भारी मलबे को हटाकर किसी और के दबे होने की आशंका में लगातार तलाश कर रही हैं. देर रात एक और शव बरामद होने के बाद मृतकों की संख्या छह पहुंची. बताया जा रहा है कि सत्य निकेतन की शॉप नंबर-14 को कथित तौर पर अवैध तरीके से बहुमंजिला इमारत में तब्दील कर दिया गया था. इसी इमारत में पीजी चल रहा था, जहां बड़ी संख्या में छात्र रह रहे थे. दोपहर करीब एक बजे इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. हादसे के बाद कई छात्रों और मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई थी. बचाव दल बड़े-बड़े ट्रकों की मदद से मलबा हटाकर उसे मौके से बाहर भेज रहे हैं.

हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. शॉप नंबर-13 और 14 को मिलाकर बनाई गई ठीक बगल की पांच मंजिला इमारत की हालत भी खराब बताई गई है. एहतियात के तौर पर इस इमारत को खाली करा दिया गया है. एमसीडी ने वहां नोटिस चस्पा किया है. बताया जा रहा है कि यह निर्माण पुराने तरीके से किया गया है और इसमें पिलर नहीं हैं, बल्कि ईंटों को सीधे जोड़कर दीवारें बनाई गई हैं. इमारत की स्थिरता बनाए रखने के लिए फिलहाल सपोर्ट सिस्टम लगाया जा रहा है. आशंका है कि मलबा हटाने के दौरान हादसे वाली इमारत के नीचे का बेस कमजोर होने से बगल की इमारत पर भी असर पड़ सकता है. इस बीच दिल्ली सरकार ने हादसे की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कार्यालय के मुताबिक, प्रारंभिक आकलन और मौके के निरीक्षण के बाद भवन मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार ने साफ किया है कि हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

एक्‍शन में दिल्‍ली नगर निगम

नगर निगम ने भी अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आदेश दिया है. एमसीडी के मुताबिक चार मंजिल से अधिक के सभी अवैध निर्माण तत्काल सील किए जाएंगे. जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी और दोषी पाए जाने पर तत्काल बर्खास्तगी तक की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. हादसे ने दिल्ली में पीजी और छात्र आवासों में सुरक्षा मानकों के पालन पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. पूर्व दिल्ली मुख्य सचिव ओमेश सहगल ने इसे अकेली घटना नहीं बताते हुए दिल्ली के कई इलाकों में अनधिकृत निर्माण, बिना मंजूरी के अतिरिक्त मंजिलें और घटिया निर्माण पर चिंता जताई. उन्होंने पहले से अत्यधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में नए निर्माण और भवन योजनाओं की मंजूरी पर रोक लगाने की जरूरत बताई.

विपक्ष हमलावर

विपक्ष ने भी सरकार को घेरा है. कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने छात्र सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की. वहीं एनएसयूआई अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया कि समय पर पर्याप्त मेडिकल और बचाव संसाधन पहुंचते तो और जानें बचाई जा सकती थीं. दूसरी ओर भाजयुमो अध्यक्ष रजत चौधरी ने कहा कि यह राजनीति का समय नहीं है और सभी दलों को प्रभावित परिवारों तथा बचाव दलों का साथ देना चाहिए. सत्य निकेतन में अब शॉप नंबर-12 और 13 से जुड़ी अवैध तरीके से बनी इमारतों में संचालित गर्ल्स पीजी को भी खाली करा दिया गया है. इन इमारतों को भी जल्द हटाने की तैयारी है, ताकि दोबारा इस तरह की जानलेवा घटना न हो.

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