सत्य निकेतन की पीजी बिल्डिंग ढहने के मामले में दिल्ली पुलिस की जांच अब निर्माण और मरम्मत कार्य करने वालों तक पहुंच गई है. सात लोगों की जान लेने वाले इस दर्दनाक हादसे के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के कासगंज से लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि हादसे के वक्त इमारत के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर में मरम्मत और बदलाव का काम चल रहा था. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इमारत की संरचना में छेड़छाड़ तो हादसे की वजह नहीं बनी.
कासगंज से पकड़ा गया लेबर कॉन्ट्रैक्टर
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया गया है और उससे पूछताछ के लिए दिल्ली लाया जा रहा है. पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस दिन इमारत गिरी, उस समय बेसमेंट के फर्श की मरम्मत कराई जा रही थी.
पूछताछ में सनोज ने कथित तौर पर बताया कि पिछले करीब 8 से 10 दिनों से हो रही बारिश के कारण बेसमेंट में पानी जमा हो रहा था. इसी वजह से वहां मरम्मत का काम शुरू किया गया था.
ग्राउंड फ्लोर में भी चल रहा था बदलाव
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि केवल बेसमेंट में ही काम नहीं हो रहा था. इमारत के ग्राउंड फ्लोर में भी कथित तौर पर बदलाव और मरम्मत की जा रही थी. पुलिस के अनुसार, इसका मकसद वहां दुकानें खोलने के लिए उपलब्ध जगह को बढ़ाना था. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मरम्मत के दौरान कौन-कौन से निर्माण कार्य किए गए और क्या इनका इमारत की मूल संरचना पर कोई असर पड़ा.
इस मामले में पुलिस ने बिल्डिंग मालिक परिवार के तीन सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है. 75 वर्षीय उर्मिला और उनके 81 वर्षीय रिटायर्ड पति हरिराम को अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. वहीं, उनके बेटे महेश को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. पुलिस महेश से इमारत की देखरेख, निर्माण कार्य और पीजी संचालन से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ कर रही है.
बिल्डिंग का कामकाज देखता था बेटा महेश
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान महेश ने बताया कि वह अपने माता-पिता की ओर से इमारत के रखरखाव का काम देखता था. बताया गया है कि अगस्त 2025 में इमारत को ‘हॉस्टल डेज’ नाम के पीजी ऑपरेटर को लीज पर दिया गया था. हादसे के वक्त पांच मंजिला इमारत लड़कों के पीजी के रूप में संचालित हो रही थी और उसमें कई छात्र रह रहे थे.
रविवार दोपहर मची थी तबाही
यह दर्दनाक हादसा रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे हुआ, जब सत्य निकेतन स्थित पांच मंजिला पीजी इमारत अचानक ढह गई. मलबे में कई लोग फंस गए थे और राहत-बचाव अभियान शुरू करना पड़ा. इस हादसे में सात लोगों की मौत हो गई. घटना के बाद से ही इमारत की स्थिति, उसके निर्माण और वहां चल रहे मरम्मत कार्य को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं.
बगल की जर्जर इमारत भी गिराई जाएगी
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश दिया है कि दुर्घटनास्थल के ठीक बगल में मौजूद जर्जर और असुरक्षित इमारत को भी गिराया जाएगा. मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, जनहित और स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली नगर निगम को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
निकाला जा रहा छात्रों का सामान
जर्जर इमारत को गिराने से पहले उसके अंदर मौजूद छात्रों का सामान सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है. दिल्ली फायर सर्विस के कर्मचारी इस काम में लगे हुए हैं. प्रशासन ने छात्रों और स्थानीय निवासियों से कार्रवाई के दौरान सहयोग करने की अपील की है, ताकि किसी तरह का अतिरिक्त खतरा पैदा न हो.
अधिकारियों पर भी गिरी गाज
इस हादसे के बाद अवैध निर्माण और नगर निकाय की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं. धौला कुआं में दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास स्थित सत्य निकेतन इलाके में अवैध निर्माण की निगरानी से जुड़े पांच नगर निकाय अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है. प्रशासनिक कार्रवाई के साथ पुलिस की जांच भी तेजी से आगे बढ़ रही है.
