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Vaibhav Suryavanshi vs Tilak Varma: दलीप ट्रॉफी के फाइनल मैच में उस वक्त हर कोई सन्न रह गया, जब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी अपने सीनियर और टीम इंडिया के उपकप्तान तिलक वर्मा को स्लेज करने लगे. दरअसल ये उसी स्लेजिंग का जवाब था, जो तिलसक वर्मा ने मैच के पहले दिन वैभव सूर्यवंशी के साथ की थी. सोशल मीडिया पर दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के बीच मीठी नोक-झोंक की तस्वीरें वायरल हो रही हैं.
तिलक वर्मा बनाम वैभव सूर्यवंशी
नई दिल्ली: क्रिकेट के मैदान पर सीनियर-जूनियर के बीच मजाक-मस्ती आम बात है. ये बताता है कि ड्रेसिंग रूम का माहौल कितना खुशनुमा है. पहले भारतीय टी-20 टीम के उपकप्तान तिलक वर्मा ने 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की स्लेजिंग कर दी. बाद में जब तिलक वर्मा बैटिंग करने आए तो वैभव सूर्यवंशी भी कहां पीछे रहने वाले थे. उन्होंने भी अपने ‘बड़े भाई’ पर शब्दों के बाण छोड़ दिए.
पहले तिलक ने की स्लेजिंग अब वैभव ने लिया बदला
मौका था दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले का. एक तरफ साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा तो दूसरी ओर ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी. वैभव सूर्यवंशी जब बैटिंग करने आए तो तिलक वर्मा ने उनकी जमकर स्लेजिंग की थी. अब जब साउथ जोन की बल्लेबाजी आई तो वैभव सूर्यवंशी भी कहां पीछे रहने वाले थे. 15 साल के वैभव ने भी अपने सीनियर तिलक वर्मा को चिढ़ाने का कोई मौका नहीं छोड़ा.
दोनों बल्लेबाज नर्वस नाइंटीज के शिकार
तिलक वर्मा सिर्फ एक रन से शतक से चूक गए. वह 99 रन बनाकर आउट हुए. तिलक के आउट होते ही साउथ जोन की पहली पारी 336 रन पर सिमट गई. इस तरह ईस्ट जोन को अपनी पहली पारी के स्कोर 708 रन के आधार पर कुल 372 रन की लीड मिली. वैभव सूर्यवंशी की बात करें तो वह पहली पारी में वह भी पहली पारी में सेंचुरी से चूक गए. 81 गेंद में 92 रन बनाकर आउट हुए जबकि दूसरी पारी में यह 15 साल का विस्फोटक ओपनर छह गेंद में सिर्फ आठ रन ही बना पाया.
14 साल बाद चैंपियन बनने करीब ईस्ट जोन
ईस्ट जोन ने आखिरी बार 2012-13 में दलीप ट्रॉफी जीती थी. यानी 2026 के फाइनल से पहले उसे 13 साल से ज्यादा हो चुके हैं ट्रॉफी जीते हुए. 2012-13 सीजन के फाइनल में ईस्ट जोन ने सेंट्रल जोन को पहली पारी की बढ़त के आधार पर ट्रॉफी अपने नाम की थी. इसके बाद से टीम चैंपियन नहीं बन पाई है.
