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New Noida : नोएडा की तर्ज पर न्यू नोएडा बसाने की तैयारी चल रही है. आने वाले सालों में गांवों की जमीन पर एक ये शहर आकार लेगा. किसानों की जमीन से शुरू होने वाला यह सफर सिर्फ नए सेक्टर बनाने का नहीं, बल्कि एक नए शहर और उससे जुड़ी हजारों उम्मीदों को आकार देने का भी है.
न्यू नोएडा बसने का प्लान. (एआई तस्वीर)
नोएडा : किसी किसान के लिए जमीन सिर्फ खेत नहीं होती, बल्कि यही उसकी रोजी-रोटी, परिवार की पहचान और आने वाली पीढ़ियों का सहारा होती है. अब इसी जमीन पर न्यू नोएडा के रूप में एक नए शहर की नींव रखी जा रही है. प्रशासन की कोशिश है कि जमीन अधिग्रहण से लेकर शहर बसाने तक की पूरी प्रक्रिया तय योजना के तहत हो और इसमें किसानों को भी भागीदार बनाया जाए. यानी की जिसकी जमीन हो उसे कोई परेशानी न हो. इसके लिए न्यू नोएडा में जमीन अधिग्रहण के साथ ही नोएडा प्राधिकरण की तर्ज पर वर्क सर्किल बनाए जाएंगे.
पहले चरण में दो वर्क सर्किल होंगे. इन्हीं के जरिए अलग-अलग इलाकों में सड़क, सीवर, पानी और दूसरे विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा. जमीन अधिग्रहण के लिए पांच लेखपालों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि अन्य लेखपालों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है.
गांव के नाम से तय होगी सेक्टर की पहचान
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश का कहना है कि जिस गांव की जमीन का अधिग्रहण सबसे पहले होगा, उसे सेक्टर-1 के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके बाद अधिग्रहण के क्रम के अनुसार सेक्टर-2, सेक्टर-3 और आगे के सेक्टर बसाए जाएंगे. यानी न्यू नोएडा को धीरे-धीरे, लेकिन एक तय योजना के तहत विकसित किया जाएगा. अधिसूचना जारी होने के बाद तय समय सीमा के बाद किए गए निर्माण को अवैध माना जाएगा. इसका मकसद आगे चलकर बनने वाले शहर की प्लानिंग को बेतरतीब होने से बचाना है.
किसानों को भी विकास में हिस्सेदार बनाने की तैयारी
न्यू नोएडा यानी डीएनजीआईआर के विकास में किसानों को भी भागीदार बनाने की योजना है. पहले और दूसरे फेज में जमीन खरीद के लिए मुआवजा और 6 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुरूप देने की तैयारी है. वहीं तीसरे और चौथे फेज में मुआवजे के साथ 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ यमुना प्राधिकरण के अनुरूप दिया जाएगा. इसके लिए शासन से मंजूरी का इंतजार है.
31 गांवों में पहुंचेंगे अधिकारी
न्यू नोएडा के पहले चरण में शामिल 31 गांवों में कैंप लगाए जाएंगे. इन कैंपों में किसानों और भूमिधरों को जमीन खरीद, मुआवजे और आबादी भूखंड से जुड़ी जानकारी दी जाएगी. साथ ही जमीन के कागजात और मालिकाना हक से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी. खास बात यह है कि अब कई किसान खुद प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर अपनी जमीन, मुआवजे और भविष्य में मिलने वाले आबादी भूखंड को लेकर जानकारी ले रहे हैं. यानी जिस जमीन पर आज खेती हो रही है, उसी को लेकर लोग यह जानना चाहते हैं कि कल यहां बनने वाले शहर में उनका और उनके परिवार का क्या हिस्सा होगा.
चार चरणों में तैयार होगा न्यू नोएडा
न्यू नोएडा का मास्टर प्लान 209.11 वर्ग किलोमीटर यानी 20,911.29 हेक्टेयर क्षेत्र में तैयार किया गया है. इसे चार चरणों में विकसित किया जाएगा.
- पहला चरण (2023-2027): 3165 हेक्टेयर
- दूसरा चरण (2027-2032): 3798 हेक्टेयर
- तीसरा चरण (2032-2037): 5908 हेक्टेयर
- चौथा चरण (2037-2041): 8230 हेक्टेयर
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Kavya Mishra is a Senior Sub Editor at News18 Hindi with over seven years of experience in digital and print journalism. She is part of the regional editorial team, covering Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana …
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