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Noida News: नोएडा के जिला अस्पताल और पीजीआई में मरीजों और तीमारदारों को इलाज के लिए लाइन लगने के साथ-साथ भवन की बदहाल मेंटेनेंस व्यवस्था का भी सामना करना पड़ रहा है. कई हिस्सों में सीपेज, दीवारों पर नमी और फॉल्स सीलिंग से जुड़ी समस्याएं दिखाई देती हैं.
नोएडा: नोएडा के जिला अस्पताल और पीजीआई में मरीजों और तीमारदारों को इलाज के लिए लाइन लगने के साथ-साथ भवन की बदहाल मेंटेनेंस व्यवस्था का भी सामना करना पड़ रहा है. कई हिस्सों में सीपेज, दीवारों पर नमी और फॉल्स सीलिंग से जुड़ी समस्याएं दिखाई देती हैं. कुछ वार्डों को छोड़ दिया जाए तो कई जगह व्यवस्थाएं बहुत खराब हैं. खासकर बच्चों के वार्ड में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. इस बारे में हमने पीजीआई के डायरेक्टर और सीएमओ से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन तसल्ली वाला जवाब नहीं मिला.
सीएमओ दफ्तर के बाहर ही गिर गई फॉल्स सीलिंग
सेक्टर 39 जिला अस्पताल की इस स्थिति को लेकर कई बार शिकायत किए जाने की बात कही जा रही है. आरोप है कि फॉल्स सीलिंग और प्लास्टर गिरने की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं. जिला अस्पताल में 8वें फ्लोर पर जहां सीएमओ का ऑफिस है, उसके बाहर ही अचानक फॉल्स सीलिंग टूटकर गिर गई. गनीमत रही कि वहां उस समय कोई मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादस हो सकता था. इसके साथ ही 8वें फ्लोर पर आपको बरसात के समय लिकेज की समस्या आम है.
मेंटेनेंस की भारी कमी, जिम्मेदार कंपनी सुनने को तैयार नहीं
नोएडा के सेक्टर 30 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ चाइल्ड हेल्थ (PGI) में इलाज कराने आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल की इमारत में मेंटेनेंस की कमी से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल के अलग-अलग फ्लोर और वार्ड में जगह-जगह फॉल्स सीलिंग क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही है. कई स्थानों पर सीलिंग से प्लास्टर और दूसरे हिस्से उखड़कर गिरने की शिकायत सामने आ चुकी है. अस्पताल में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों का इलाज चलता रहता है, ऐसे में इमारत की खराब स्थिति मरीजों और तीमारदारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है.
सीपेज के बीच मरीज और पेरेंट्स बैठने को मजबूर
पीजीआई अस्पताल के कई वार्ड में सीपेज की समस्या है. एक-दो वार्ड को छोड़कर अन्य जगहों पर छत से लगातार 24×7 डे पानी टपकने की स्थिति आपको दिखाई देगी. कुछ स्थानों पर टपकते पानी को इकट्ठा करने के लिए बाल्टी रखी गई हैं. डॉक्टर और अस्पताल में मौजूद लोग इसी तरह पानी संभालने को मजबूर हैं. पहले, दूसरे और तीसरे फ्लोर पर कई जगह सीलिंग क्षतिग्रस्त होने और पानी टपकने की समस्या है. वहीं, एक तरफ बच्चों का इलाज जारी रहता है तो दूसरी तरफ उसी वार्ड में क्षतिग्रस्त फॉल्स सीलिंग से पानी टपकता आपको दिखाई देगा.
टपकते हुए पानी के पास ही डॉक्टर मरीजों की करते है केयर
पीजीआई अस्पताल के प्रथम तल पर बच्चों के पेरेंट्स और तीमारदारों को रात के समय अंधेरे में बैठने और रात काटने को मजबूर दिखे. वहीं तीसरे तल पर लिफ्ट के पास गंदगी और टूटे हुए वाटर स्प्रिंकलर है. NICU वार्ड के सामने और अंदर भी फॉल्स सीलिंग बुरी तरह क्षतिग्रस्त है. इस वार्ड में गंभीर स्थिति वाले बच्चों का इलाज किया जाता है, इसलिए यहां की सीलिंग और सीपेज की स्थिति को लेकर और भी चिंता बढ़ जाती है. अस्पताल परिसर में कई जगहों पर खराब फॉल्स सीलिंग और लगातार टपकते पानी के बीच मरीजों का इलाज करने को डॉक्टर मजबूर हैं.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली से साल 2024 में…
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