नंबर प्लेट छिपा ली तो भी नहीं बचेंगे अपराधी, दिल्ली में अब कपड़ों के रंग और स्टिकर से गाड़ी खोजेगा AI कैमरा

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कपड़ों के रंग और स्टिकर से गाड़ी खोजेगा AI कैमरा, नहीं बचेंगे अपराधी

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नई तकनीक से लैस नए AI कैमरे अब बिना नंबर प्लेट के भी वाहनों की पहचान कर सकेंगे. हाईवे पर लगने वाले ये कैमरे गाड़ी पर लिखे नाम, स्टिकर और चालक के कपड़ों के रंग से संदिग्धों को ढूंढ निकालेंगे. इससे टोल चोरी रोकने और अपराध की जांच करने में बड़ी मदद मिलेगी.

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नई दिल्लीः अब तक हाईवे पर किसी गाड़ी की पहचान करने के लिए उसकी नंबर प्लेट सबसे अहम मानी जाती थी. लेकिन सोचिए, अगर किसी गाड़ी की नंबर प्लेट दिखाई न दे या किसी हादसे के बाद आपको वाहन का नंबर याद ही न हो, तो उसकी पहचान कैसे होगी अब इस परेशानी का समाधान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से खोजा जा रहा है. एक नई AI Search टेक्नोलॉजी के जरिए हाईवे पर लगे कैमरे से किसी व्यक्ति या वाहन को उसके कपड़ों, कैप के रंग और गाड़ी पर लिखे नाम जैसे पहचान चिह्नों के आधार पर भी खोजा जा सकता है.

क्या है AI Search टेक्नोलॉजी
कुनाल ने बताया कि इस तकनीक को Global Shutter Camera के साथ विकसित किया गया है. आमतौर पर हाईवे पर लगे कैमरे वाहनों की तस्वीरें और नंबर प्लेट कैप्चर करते हैं. लेकिन इस कैमरे में AI Search नाम का एक खास फीचर जोड़ा गया है. इसकी मदद से यूजर सामान्य भाषा में कमांड देकर कैमरे की रिकॉर्डिंग में किसी व्यक्ति या वाहन को खोज सकता है. अगर किसी ने सड़क पर हादसा होते देखा है और उसे गाड़ी का नंबर याद नहीं है, लेकिन उसने यह देखा है कि चालक ने लाल रंग की कैप पहन रखी थी या गाड़ी पर किसी कंपनी का नाम लिखा था, तो वह इन जानकारियों के आधार पर सर्च कर सकता है.

ChatGPT की तरह कैमरे से पूछ सकेंगे सवाल
इस तकनीक की खासियत यह है कि इसमें यूजर को सिर्फ नंबर प्लेट या गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर डालने की जरूरत नहीं होगी. वह कैमरे को टेक्स्ट कमांड देकर बता सकता है कि उसे किस तरह के व्यक्ति या वाहन की तलाश है.जैसे लाल टोपी पहने व्यक्ति को खोजना हो या किसी खास नाम और स्टिकर वाली गाड़ी की पहचान करनी हो. AI Search उपलब्ध फुटेज में मिलते-जुलते परिणाम दिखाएगी. अगर एक जैसे कई परिणाम सामने आते हैं, तो यूजर उनमें से सही व्यक्ति या वाहन की पहचान कर सकता है.

टोल चोरी और क्राइम इन्वेस्टिगेशन में मिलेगी मदद
इस तकनीक का इस्तेमाल सिर्फ सड़क हादसों तक सीमित नहीं है. इसका उपयोग उन वाहनों की पहचान करने में भी किया जा सकता है, जो टोल प्लाजा पर नंबर प्लेट छिपाकर या टोल भुगतान से बचकर निकलने की कोशिश करते हैं.
इसके अलावा पुलिस विभाग भी अपराध की जांच के दौरान इस तकनीक का इस्तेमाल कर सकते हैं. बातचीत में कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि इस तकनीक को पुणे के बाहरी इलाकों में लागू किया जा चुका है और कुछ पुलिस विभागों के साथ जांच के लिए भी इस पर काम हो रहा है.

पूरी तरह भारत में विकसित तकनीक
कंपनी के प्रतिनिधि कुनाल के मुताबिक, यह कैमरा भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया है. इसमें AI Search का फीचर कैमरे के अंदर मौजूद सॉफ्टवेयर के जरिए काम करता है. इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी व्यक्ति को अपनी कार में अलग से कोई डिवाइस या सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं है. कैमरे को हाईवे पर गैंट्री (Gantry) पर लगाया जाता है.कुनाल ने यह भी बताया कि कैमरा सरकारी STQC सर्टिफिकेशन प्राप्त है. ऐसे में आने वाले समय में हाईवे मॉनिटरिंग, टोल मैनेजमेंट और अपराध की जांच में इस तरह की AI तकनीक अहम भूमिका निभा सकती है.

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Prashun Singh

प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई.

इसके बाद ETV Bharat (बिहार)…

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