Aaj Ka Mausam: बंगाल की खाड़ी से सरपट भागता आ रहा महासंकट, 48 घंटों में होगा और प्रचंड, तूफान और बारिश का अलर्ट

Aaj Ka Mausam: देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू हो गई है. इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत वेदर सिस्‍टम के कारण अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटे में डिप्रेशन और उसके बाद के 24 घंटे में डीप डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है. इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की सुबह के आसपास उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट के पास पहुंचने की संभावना है. आईएमडी के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर 20 सेंटीमीटर से अधिक अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई. केरल में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश हुई. इसके अलावा छत्तीसगढ़, सौराष्ट्र, उत्तर कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना और मेघालय में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई.

IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सोमवार (21 सितंबर 2026) को राजस्थान के कुछ और हिस्सों, हरियाणा के कुछ हिस्सों और पंजाब के कुछ हिस्सों से वापसी कर ली है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले 2-3 दिनों के दौरान पंजाब के शेष हिस्सों, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं. इसी अवधि में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी शुरू हो सकती है. हालांकि, मानसून की वापसी के बावजूद देश के मध्य, पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में सक्रिय मौसम प्रणालियों के चलते बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है.

बंगाल की खाड़ी में मजबूत हो रहा सिस्टम

आईएमडी ने बताया कि पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में बना वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया सोमवार सुबह 8:30 बजे पश्चिम-मध्य और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी में स्थित था. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है. यह सिस्टम अगले 24 घंटे में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए डिप्रेशन में बदल सकता है. इसके बाद अगले 24 घंटे में इसके और मजबूत होकर पश्चिम-मध्य तथा उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में डीप डिप्रेशन बनने की संभावना है. इसके बाद सिस्टम लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की सुबह के आसपास उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के पास पहुंच सकता है. इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की स्थिति बन सकती है. IMD ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए भी विशेष चेतावनी जारी की है.

ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का खतरा

पूर्वी भारत में 27 सितंबर तक ओडिशा, झारखंड और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में व्यापक बारिश का अनुमान है. पश्चिम बंगाल के गंगा से लगते क्षेत्रों में 22 से 27 सितंबर और बिहार में 24 से 27 सितंबर तक व्यापक बारिश हो सकती है. ओडिशा में 24 सितंबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. 22 और 23 सितंबर तथा 25 सितंबर को भी ओडिशा में बहुत भारी बारिश हो सकती है. 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी 24 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

समंदर में हलचल के चलते चक्रवाती तूफान का खतरा भी बढ़ गया है.

छत्तीसगढ़ में 24 सितंबर को अत्‍यंत भारी बारिश

मध्य भारत में भी मौसम सक्रिय रहेगा. छत्तीसगढ़ में 27 सितंबर तक बारिश की संभावना है. 23 सितंबर और 25-26 सितंबर को यहां बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 24 सितंबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है. छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 23 सितंबर को 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ थंडरस्क्वॉल की स्थिति बन सकती है. पूर्वी मध्य प्रदेश में 23-24 सितंबर और 27 सितंबर को भारी बारिश तथा 25-26 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 सितंबर को भारी और 25-26 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है. विदर्भ में 23 से 26 सितंबर के दौरान भारी बारिश का अनुमान है.

दक्षिण भारत में भी भारी बारिश का दौर

दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 27 सितंबर तक छिटपुट से लेकर व्यापक बारिश की संभावना है. तमिलनाडु में भारी बारिश के साथ अगले दो दिनों में गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. केरल में 23-25 सितंबर के दौरान भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है. तटीय कर्नाटक और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 23 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है. तटीय कर्नाटक में 24 सितंबर को कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 22 सितंबर को बहुत भारी तथा 23-24 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश हो सकती है. तेलंगाना में 23-25 सितंबर के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना है. तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 23 से 25 सितंबर के दौरान 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से थंडरस्क्वॉल की स्थिति बन सकती है. इन इलाकों में तेज सतही हवाओं को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है.

उत्तर भारत में भी बदलेगा मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में उत्तराखंड में 25 सितंबर तक बारिश की संभावना है, जबकि 26-27 सितंबर को यहां व्यापक बारिश हो सकती है. इस दौरान 26-27 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश का भी अनुमान है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25-27 सितंबर के दौरान गरज-चमक और 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. यहां 26-27 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25-26 सितंबर को व्यापक बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान में 21-22 सितंबर और 25-27 सितंबर के दौरान बारिश की संभावना है.

दिल्‍ली-एनसीआर में तकरीबन सामान्‍य रहेगा मौसम

दिल्ली-एनसीआर में 26-27 सितंबर को हल्की से मध्यम बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी इन दो दिनों के दौरान छिटपुट बारिश का अनुमान है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में 24 से 27 सितंबर के बीच छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश हो सकती है.

पश्चिमी भारत में भी बारिश और तेज हवाएं

महाराष्ट्र और गुजरात के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का असर रहेगा. कोंकण और गोवा में 22 से 24 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश हो सकती है और 22-23 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. मध्य महाराष्ट्र में 23 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है. मराठवाड़ा में 23 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है. गुजरात क्षेत्र में 27 सितंबर तक छिटपुट बारिश जारी रह सकती है, जबकि सौराष्ट्र और कच्छ में 24 सितंबर तक बारिश की संभावना है.

समुद्र में ऊंची लहरों और तेज हवाओं की चेतावनी

आईएमडी ने बंगाल की खाड़ी में समुद्री गतिविधियों को लेकर भी चेतावनी जारी की है. उत्तर अंडमान सागर में समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना है. 22 सितंबर को पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और 24 सितंबर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रह सकती है. 22 से 24 सितंबर के दौरान उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और 23-24 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के आसपास समुद्र खराब से बहुत खराब रह सकता है. 22 सितंबर की शाम से 24 सितंबर की शाम तक उत्तर आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के आसपास समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की संभावना है.

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