नई दिल्ली: उम्र 51 साल, हाथ में कार की स्टेयरिंग और दिल्ली की सड़कों पर ऐसी लोकप्रियता कि लोग उन्हें देखकर गाड़ी रोककर सेल्फी लेने लगते हैं. न कोई डर, न सड़कों से झिझक और न ही उम्र को लेकर कोई समझौता. ये कहानी नीतू शर्मा की है. जिन्होंने 13 साल पहले ड्राइविंग शुरू की और आज दिल्ली की सड़कों पर अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं. उन्होंने शादी नहीं की और ड्राइविंग को ही अपने जुनून और जिंदगी का अहम हिस्सा बना लिया.
सबसे खास बात यह है कि इतने लंबे समय तक ड्राइविंग सफर के बावजूद उनकी गाड़ी पर कोई चालान नहीं है और न ही किसी एक्सीडेंट का रिकॉर्ड है. नीतू की कहानी सिर्फ एक महिला के गाड़ी चलाने की कहानी नहीं, बल्कि उस हौसले की कहानी है, जिसमें उम्र और सामाजिक सोच दोनों को पीछे छोड़कर अपनी पसंद की जिंदगी जीने का जज्बा है. लोकल 18 की टीम ने नीतू शर्मा से खास बातचीत की. उन्होंने अपने पूरे सफर को बताया.
शुरुआत में लोग गाड़ी कर देते थे पंक्चर
लोकल 18 से खास बातचीत में नीतू शर्मा ने बताया कि उन्होंने अपना ड्राइविंग लाइसेंस 1991 में बनवाया था. तब से वह गाड़ी चला रही थी, लेकिन ओला ड्राइविंग एप्लीकेशन के लिए उन्होंने 2013 से काम करना शुरू किया था. 2020 से वह उबर के लिए काम कर रही हैं. उन्होंने बताया कि शुरुआत में जब पहली बार वह कैब ड्राइवर बनी तो कुछ ड्राइवर ऐसे थे. जो उनकी गाड़ी कहीं पर भी खड़ा देख पंक्चर कर देते थे. परेशान करने की कोशिश करते थे. कुछ लोग देखते थे कि महिला कैब ड्राइवर है, तो वो गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश करते थे. शुरुआती दिन बड़े ही चुनौती से भरे हुए थे लेकिन अब 13 साल से कैब ड्राइविंग करते हुए उन्हें आदत हो गई है. अब वह पूरी तरह से परफेक्ट हैं और ना ही अब कोई इस तरह की छेड़छाड़ या हरकत करने की कोशिश करता है.
बहन की मौत के बाद बदल गई जिंदगी
नीतू शर्मा ने बताया कि उनके पिता सरकारी नौकरी करते थे और मां प्राइवेट जॉब में थी. एक बहन थी, जिसे ट्यूमर हो गया था. 2017 में बहन की मौत हो गई. 2017 में बहन की मौत के बाद उन्हें गहरा झटका लगा था. 2 से 3 महीने तक उन्होंने अपनी गाड़ी को छुआ तक नहीं था. उनका आत्मविश्वास कहीं खो गया था, लेकिन बहन की बेटी की परवरिश की जिम्मेदारी थी. इसलिए उन्होंने दोबारा गाड़ी उठाई और निकल गई सड़कों पर और काम करना शुरू किया. अब उन्होंने अपनी बहन की बेटी की शादी भी कर दी है. अब वह पूरी तरह से टेंशन फ्री है. घर की जिम्मेदारियों के आगे ही उन्होंने शादी नहीं की. आज 51 साल की उम्र हो गई है. उन्होंने बताया कि जब भी उनके पास नए ग्राहक उनकी कैब में बैठते हैं तो वह यही कहते हैं कि इस उम्र में भी आप गाड़ी चला रही है. कई लोग सेल्फी लेते हैं तो कुछ लोग वीडियो भी बनाते हैं.
12 घंटे चलाती हैं गाड़ी
नीतू शर्मा ने बताया कि शुरुआत में जब वह कैब ड्राइवर बनी थी, तब रात में भी गाड़ी चलाती थी. पूरा दिन भी गाड़ी चलाने का मौका मिलता था. क्योंकि ग्राहक बहुत मिलते थे और कंपनी की ओर से पैसा भी अच्छा दिया जाता था. अब उन्होंने खुद की गाड़ी ले ली है, तो अब उनकी जो शिफ्टिंग है. वह सुबह 8:00 से लेकर रात के 8:00 तक है. यानी कुल 12 घंटे तक वह अपनी गाड़ी चलाती हैं.
वह दिल्ली के रोहिणी में ही किराए का मकान में रहती हैं. रोहिणी में ही उन्होंने मकान ले रखा है और सारी जिम्मेदारी खुद ही उठाती हैं. उन्होंने बताया कि उनका जन्म दिल्ली में ही हुआ था. पढ़ाई लिखाई भी दिल्ली में ही हुई है और दिल्ली के ही कॉलेज से उन्होंने बीए कर रखा है. शुरुआत में वह एक बुटीक चलाती थी, लेकिन बीमारी की वजह से जब वह बुटीक बंद हो गया, तब उन्होंने अपने ड्राइविंग स्किल का फायदा उठाते हुए कैब ड्राइवर बनने का फैसला लिया.
