नई दिल्ली. एशियन गेम्स के एक बेहद रोमांचक और व्यस्त शुक्रवार को भारतीय खिलाड़ियों ने अपने शानदार प्रदर्शन से तिरंगा लहराया. जापान के आइची-नागोया में भारत ने 25 सितंबर को कुल छह पदक अपने नाम किए, जिसमें एक ऐतिहासिक कांस्य और निशानेबाजी का एक स्वर्णिम तमगा शामिल है. इस यादगार दिन के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 23 तक पहुंच गई है, जिसमें दो स्वर्ण, नौ रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं.
दिन की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सफलता एथलेटिक्स ट्रैक से आई, जहां बारनिका इलांगोवन (Baranica Elangovan) ने महिलाओं की पोल वॉल्ट स्पर्धा में इतिहास रच दिया. बारनिका एशियन गेम्स के इतिहास में पुरुषों या महिलाओं के किसी भी पोल वॉल्ट इवेंट में पदक जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनीं. उन्होंने 4.15 मीटर की ऊंचाई पार कर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान हासिल किया. कजाकिस्तान की पोलिना इवानोवा ने भी 4.15 मीटर की ही दूरी तय की थी और दोनों एथलीटों के प्रयास पूरी तरह समान रहे. जब दोनों खिलाड़ी 4.25 मीटर की ऊंचाई पार करने में विफल रहीं, तो काउंटबैक नियम के आधार पर बारनिका और इवानोवा को संयुक्त रूप से कांस्य पदक प्रदान किया गया. इसी स्पर्धा में भारत की सिंधुश्री गणेशा कोई वैध मार्क हासिल करने में असमर्थ रहीं और 3.85 तथा 4 मीटर के प्रयासों में चूक गईं.
सुरुचि इंदर सिंह और कमलजीत
निशानेबाजी में स्वर्ण और रजत का सटीक निशाना
सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में शुरू से अंत तक अपना वर्चस्व बनाए रखते हुए सोने का तमगा जीता. भारतीय जोड़ी ने कुल 484.6 अंक जुटाए, जिसमें सुरुचि का योगदान 245.7 और कमलजीत का 238.9 अंक रहा. उनका यह कुल स्कोर एशियाई खेलों और एशियाई रिकॉर्ड के रूप में दर्ज हो गया. इस जीत ने प्रतियोगिता के शुरुआती 10 मीटर आयोजनों में मिली निराशा के बाद भारतीय निशानेबाजी दल में नया उत्साह भर दिया.
राइफल टीम ने जमाया रजत पर कब्जा
पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3-पोजीशन टीम स्पर्धा में भी भारत ने रजत पदक अपने नाम किया. ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार की तिकड़ी ने कुल 1762 अंकों का स्कोर बनाया. भारतीय टीम स्वर्ण पदक जीतने वाली चीन की टीम से महज चार अंक पीछे रह गई, जिसने 1766 अंक हासिल किए थे. व्यक्तिगत फाइनल में ऐश्वर्य पांचवें और नीरज आठवें स्थान पर रहे.
धावक गुलवीर सिंह की ऐतिहासिक दौड़
लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने एथलेटिक्स में भारत की झोली में एक और पदक डाला. 28 वर्षीय गुलवीर ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 का समय निकालकर रजत पदक जीता, जो उनके पिछले हांगझोउ एशियन गेम्स के कांस्य पदक से बेहतर प्रदर्शन रहा. भारतीय सेना में नायब सूबेदार गुलवीर पूरी रेस के दौरान बढ़त बनाए रखने वाले समूह में बने रहे. हालांकि, अंतिम क्षणों में बहरीन के बिरहाणु बालेव ने जोरदार तेजी दिखाते हुए 28:27.51 के समय के साथ स्वर्ण पदक हासिल कर लिया. बहरीन के ही अल्बर्ट किप्टू को कांस्य पदक मिला.
गोला फेंक और टेबल टेनिस में मिले कांस्य पदक
एथलेटिक्स से तीसरा पदक महिलाओं के शॉट पुट (गोला फेंक) में आया, जहां मानप्रीत कौर ने 17.17 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ कांस्य पदक पर कब्जा जमाया. इसी स्पर्धा में भारत की कृष्णा जयशंकर मेनन 16.57 मीटर के थ्रो के साथ पांचवें स्थान पर रहीं. चीन की जियाओआन सोंग ने 19.40 मीटर के साथ स्वर्ण और लिनरू झांग ने रजत पदक जीता. वहीं टेबल टेनिस में भी भारत को मिश्रित युगल स्पर्धा में सफलता मिली, जहां मानुष शाह और दिया चितले की जोड़ी को सेमीफाइनल में चीन की दिग्गज जोड़ी वांग चुक्विन और सुन यिंग्शा से हारने के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा.
बैडमिंटन में मिली बड़ी निराशा
दिन का खेल भारतीय दल के लिए केवल खुशियां ही नहीं, बल्कि कुछ बड़ी निराशाएं भी लेकर आया. बैडमिंटन में मौजूदा चैंपियन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी पहले ही दौर में बाहर हो गई. उन्हें थाईलैंड के पक्कापोन तीरा रत्साकुल और पीरात्चाई सुकफुन के हाथों 21-12, 19-21, 14-21 से हार का सामना करना पड़ा.
कबड्डी और स्क्वैश में पदक पक्के
अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा कायम रहा. कबड्डी में भारत की पुरुष और महिला टीमों ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश किया, जिससे दो और स्वर्ण पदक पक्के होने की उम्मीद बढ़ गई है. स्क्वैश में भारत ने तीन पदक सुरक्षित कर लिए. जोशना चिनप्पा और वेलावन सेंथिलकुमार की मिश्रित युगल जोड़ी के अलावा, अनाहत सिंह और अभय सिंह ने क्रमशः महिला और पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाई.
हॉकी, बॉक्सिंग और एथलेटिक्स में भी उम्मीदें बरकरार
इसके साथ ही महिला हॉकी टीम ने मेजबान जापान को 3-1 से हराकर अपना अजेय अभियान जारी रखा. मुक्केबाजी में सचिन सिवाच पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे, जबकि ट्रैक स्पर्धाओं में किरण और प्राची ने महिलाओं की 400 मीटर और विशाल टीके ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ के फाइनल में जगह बनाकर पदक की उम्मीदों को जिंदा रखा है.
